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आयुष धर्मांतरण प्रकरण : पिता देवराज बोले, बेटे के बिना नहीं रह सकते
Fri, 18 Sep 2026 12:36 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:36 AM IST
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शामली निवासी आयुष मलिक।
शामली। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पिता देवराज मलिक ने कहा कि आयुष मलिक उनका इकलौता बेटा है और बेटा ही रहेगा। वह अपने बेटे के बिना नहीं रह सकते। हाईकोर्ट ने आयुष मलिक को अपनी इच्छा से रहने, पसंद के धर्म का पालन करने, कानून के मुताबिक वैवाहिक संबंध स्थापित करने के लिए स्वतंत्र कर दिया है। फैसले के बाद आयुष का अभी कोई बयान सामने नहीं आया है।
शहर निवासी दवा कारोबारी के इकलौते बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण प्रकरण के मामले में उनके दोस्त मोहम्मद सलमान की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आयुष मलिक को पिता द्वारा अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान आयुष मलिक को स्वतंत्र करने का आदेश सुनाया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद आयुष मलिक अभी शामली नहीं पहुंचे हैं।
उनके पिता देवराज मलिक का कहना है कि हाईकोर्ट का जो फैसला आया है, वह उन्हें मान्य है। वे चाहते हैं कि आयुष अपने परिवार के साथ ही रहे। एएसपी सुमित शुक्ला का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आयुष मलिक अपने बारे में स्वयं निर्णय लेंगे।
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भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
शामली। हाईकोर्ट में आयुष मलिक को पेश करने के बाद सोशल मीडिया पर शामली पुलिस को फटकार लगाने के वीडियो वायरल हुए थे। पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो अलग-अलग आईडी से वायरल करने के आरोप में बुधवार रात में शहर कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी एनपी सिंह का कहना है कि भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
यह था मामला
शहर के दयानंदनगर निवासी दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें शहर निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी पर प्रेमजाल में फंसाकर अपने परिजनों की मदद से आयुष मलिक का ब्रेनवाश कर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया था। इस मामले में चांदनी कुरैशी व उनके पिता और तीन मौलवी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने चांदनी व उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में चांदनी व उनके पिता इस्लाम कुरैशी कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए थे।
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शहर निवासी दवा कारोबारी के इकलौते बेटे आयुष मलिक के धर्मांतरण प्रकरण के मामले में उनके दोस्त मोहम्मद सलमान की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आयुष मलिक को पिता द्वारा अवैध हिरासत में रखे जाने का आरोप लगाया गया था। हाईकोर्ट ने बुधवार को सुनवाई के दौरान आयुष मलिक को स्वतंत्र करने का आदेश सुनाया है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद आयुष मलिक अभी शामली नहीं पहुंचे हैं।
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उनके पिता देवराज मलिक का कहना है कि हाईकोर्ट का जो फैसला आया है, वह उन्हें मान्य है। वे चाहते हैं कि आयुष अपने परिवार के साथ ही रहे। एएसपी सुमित शुक्ला का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि आयुष मलिक अपने बारे में स्वयं निर्णय लेंगे।
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भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
शामली। हाईकोर्ट में आयुष मलिक को पेश करने के बाद सोशल मीडिया पर शामली पुलिस को फटकार लगाने के वीडियो वायरल हुए थे। पुलिस ने सोशल मीडिया पर इस तरह की भ्रामक और तथ्यहीन वीडियो अलग-अलग आईडी से वायरल करने के आरोप में बुधवार रात में शहर कोतवाली में छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों की तलाश में जुटी है। एसपी एनपी सिंह का कहना है कि भ्रामक वीडियो वायरल करने वाले आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगी हुई हैं।
यह था मामला
शहर के दयानंदनगर निवासी दवा कारोबारी देवराज मलिक ने छह जून को शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें शहर निवासी जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी पर प्रेमजाल में फंसाकर अपने परिजनों की मदद से आयुष मलिक का ब्रेनवाश कर धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगाया था। इस मामले में चांदनी कुरैशी व उनके पिता और तीन मौलवी समेत आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने चांदनी व उसके पिता समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बाद में चांदनी व उनके पिता इस्लाम कुरैशी कोर्ट से जमानत पर रिहा हो गए थे।

शामली निवासी आयुष मलिक।