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पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ा
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:42 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। पहाड़ों पर तीन दिन तक हुई बारिश के थम जाने के बाद यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। पिछले चार दिन में यमुना का जलस्तर ढाई मीटर पानी बढ़ गया है।
यमुना खतरे की चेतावनी बिंदु से फिलहाल एक मीटर दूर है। रविवार को हथिनीकुंड बैराज से 17000 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। कैराना यमुना नदी के पुल पर 229.30 मीटर जलस्तर आंका गया है।
पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के बाद यमुना नदी में अब तक एक लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जा चुका है। शुक्रवार की रात करीब 12 बजे कैराना यमुना पुल पर जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। रविवार की सुबह यमुना का जलस्तर 229.05 मीटर पहुंच गया। दोपहर आते हुए यह पानी 229.30 मीटर तक पहुंच गया है।
यमुना का जलस्तर बढ़ने से किनारे के गांव में दहशत का माहौल है। जिले के ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता यासीन खान ने बताया कि कैराना यमुना पुल पर बाढ़ खतरे का चेतावनी बिंदु 230.50 और बाढ़ खतरे का लाल निशान 231 मीटर है। तीन दिनों में यमुना का जलस्तर ढाई मीटर तक बढ़ चुका है।
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एसडीएम ऊन दुष्यंत मौर्य के साथ भड़ी, साल्लापुर, शीतलगढ़ी गांवों के किनारे यमुना तटबंधों का दौरा किया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि यमुना नदी में फिलहाल बाढ़ का खतरा टला हुआ है।
उनका कहना है कि जिले के कैराना, ऊन एसडीएम और तहसीलदार एवं ड्रेनेज खंड के अफसरों को यमुना के पानी पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। यमुना नदी में ज्यादा पानी आने के बाद कलरी समेत कई गांवों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बिन बरसे ही लौट रहे काले बादल
शामली। पिछले तीन से उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। तीनों प्रहर आकाश में उमड़ उमड़ कर आ रहे काले बादल बिन बरसे ही लौट रहे हैं। रविवार को पूरे दिन आकाश में बादल छाए रहने के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बुधवार को मानसून के दस्तक दिए जाने के बाद शुक्रवार दोपहर तक बारिश होती रही। शुक्रवार के बाद से रविवार तक आकाश में बादल छाए रहे। शनिवार और रविवार को पूरे दिन आकाश में घने काले बादल गरजते रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। पूरे दिन लोग उमस से परेशान रहे।
उधर, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आर्द्रता 80 प्रतिशत और हवाओं की गति चार किमी गति घंटा रही। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि सोमवार को मानसूनी बारिश होने की संभावना है। बारिश होने के बाद मौसम में सुधार होने की उम्मीद है।
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यमुना खतरे की चेतावनी बिंदु से फिलहाल एक मीटर दूर है। रविवार को हथिनीकुंड बैराज से 17000 क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया। कैराना यमुना नदी के पुल पर 229.30 मीटर जलस्तर आंका गया है।
पहाड़ों पर लगातार बारिश होने के बाद यमुना नदी में अब तक एक लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा जा चुका है। शुक्रवार की रात करीब 12 बजे कैराना यमुना पुल पर जलस्तर बढ़ना शुरू हो गया था। रविवार की सुबह यमुना का जलस्तर 229.05 मीटर पहुंच गया। दोपहर आते हुए यह पानी 229.30 मीटर तक पहुंच गया है।
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यमुना का जलस्तर बढ़ने से किनारे के गांव में दहशत का माहौल है। जिले के ड्रेनेज खंड के सहायक अभियंता यासीन खान ने बताया कि कैराना यमुना पुल पर बाढ़ खतरे का चेतावनी बिंदु 230.50 और बाढ़ खतरे का लाल निशान 231 मीटर है। तीन दिनों में यमुना का जलस्तर ढाई मीटर तक बढ़ चुका है।
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एसडीएम ऊन दुष्यंत मौर्य के साथ भड़ी, साल्लापुर, शीतलगढ़ी गांवों के किनारे यमुना तटबंधों का दौरा किया है। डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि यमुना नदी में फिलहाल बाढ़ का खतरा टला हुआ है।
उनका कहना है कि जिले के कैराना, ऊन एसडीएम और तहसीलदार एवं ड्रेनेज खंड के अफसरों को यमुना के पानी पर नजर रखने के निर्देश दिए गए है। यमुना नदी में ज्यादा पानी आने के बाद कलरी समेत कई गांवों को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया जाएगा।
बिन बरसे ही लौट रहे काले बादल
शामली। पिछले तीन से उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं। तीनों प्रहर आकाश में उमड़ उमड़ कर आ रहे काले बादल बिन बरसे ही लौट रहे हैं। रविवार को पूरे दिन आकाश में बादल छाए रहने के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बुधवार को मानसून के दस्तक दिए जाने के बाद शुक्रवार दोपहर तक बारिश होती रही। शुक्रवार के बाद से रविवार तक आकाश में बादल छाए रहे। शनिवार और रविवार को पूरे दिन आकाश में घने काले बादल गरजते रहे, लेकिन बारिश नहीं हुई। पूरे दिन लोग उमस से परेशान रहे।
उधर, मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आर्द्रता 80 प्रतिशत और हवाओं की गति चार किमी गति घंटा रही। सरदार बल्लभ भाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय मेरठ के मृदा विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर अशोक कुमार अहलुवालिया ने बताया कि सोमवार को मानसूनी बारिश होने की संभावना है। बारिश होने के बाद मौसम में सुधार होने की उम्मीद है।