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डीएल बनने तक नहीं चलाएंगे वाहन
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शामली रायल पब्लिक स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते छात्र-छात्राएं।
- फोटो : SHAMLI
इंट्रो : शामली में नाबालिग बच्चों की ड्राइविंग रोकने के लिए अमर उजाला की मुहिम में सोमवार को शहर के रॉयल पब्लिक स्कूल में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल के स्टॉफ और छात्र-छात्राओं को यातायात विभाग के अधिकारियों ने ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान ये भी पता चला कि कुछ बच्चों को उनके परिजनों ने स्कूटी भी दिला रखी है। यातायात निरीक्षक भंवर सिंह ने बताया कि बच्चों का ड्राइविंग करना बेहद खतरनाक और गैर कानूनी है। यह भी चेताया गया कि यदि कोई बच्चा ड्राइविंग करता मिला तो उसकी बाइक स्कूटी तो सीज होगी ही उनके मम्मी पापा को भी मौके पर बुलाया जाएगा। मंगलवार से ही इसकी शुरूआत होगी। कार्यशाला में दी गई जानकारी के बाद 11 छात्राओं ने खुद खडे़े होकर बताया की वे कभी कभी अपने मम्मी पापा की बाइक और स्कूटी ले जाते हैं, उन्होंने संकल्प लिया कि ड्राइविंग लाइसेंस बनने तक वे वाहन नहीं चलाएंगे।
कोट
मैं भी कभी कभी कभी स्कूटी चला लेता हूं, लेकिन आज स्कूल में अमर उजाला के कार्यक्रम के दौरान उन्हें पता चला कि ये वास्तव में बहुत गलत है। वो भी कानूनी नियमों का पालन करेगा और आज से स्कूटी नहीं चलाएगा। - उवेश
मैं कभी कभी स्कूटी चला लेती हूं, लेकिन रोज नहीं चलाती। आज अमर उजाला के कार्यक्रम में बहुत जानकारी मिली। पता चला कि ये कितना खतरनाक है। ये हमारी सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। इसलिए वो अपना डीएल बनने के बाद ही स्कूटी चलाऊंगी। - प्राची
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वो स्कूटी नहीं चलाती लेकिन कभी कभी अपनी सहेली के साथ स्कूटी पर स्कूल आ जाती है। उसकी सहेली भी अभी छोटी और नाबालिग है। आज की कार्यशाला के बाद उसे खुद महसूस हुआ कि वे गलत कर रहे थे। अब वो ऐसा नहीं करेगी। अपनी सहेली को भी समझाएगी। - अर्चना
ठंड से बचें बच्चे
सर्दी के मौसम में बच्चों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। गर्म कपड़े पहनने चाहिए। जहां तक संभव हो हल्का गुनगुना पानी पिएं । सिर पर कैप पहनें । जहां तक संभव हो ठंड में बाहर जाने से बचना चाहिए । पौष्टिक और संतुलित भोजन करना चाहिए। - डॉ. रितीनाथ शुक्ला
अमर उजाला की ये मुहिम सराहनीय है। बच्चों की ड्राइविंग बेहद खतरनाक है। उन्होंने अपने स्कूल में बच्चों के वाहन लाने पर पूरी तरह से रोक लगाई हुई है ,लेकिन कुछ बच्चे स्कूल के आसपास इधर उधर वाहन खड़े करके आ जाते हैं। उन्हें भी सचेत किया गया है। उनका स्कूल इस अभियान में अमर उजाला को पूरा सहयोग देगा। वे स्कूल की ओर से अभिभावकों को मेसेज भेजकर अलर्ट करेंगे। - डॉ. निर्मला मलिक, प्रधानाचार्य रॉयल पब्लिक स्कूल
बच्चों को वाहन ना दें अभिभावक
18 साल से कम उम्र में बाइक स्कूटी वाहन चलाना गैर कानूूनी है। ये जीवन के लिए घातक है। उन्हें पता चला है कि शहर में ही कई स्कूूूली बच्चे बाइक स्कूटी से आते हैं। स्कूल के आसपास वाहन खड़े करते हैं। अमर उजाला की इस मुहिम के दौरान अभिभावक, छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। अब ऐसे छात्रों पर भी सख्ती होगी। ऐसे बच्चों के वाहनों के चालान होंगे। वाहन सीज कर थाने में खडे़े किए जाएंगे और भारी जुर्माना भी लगेेगा। बेहतर होगा कि अभिभावक इस तरफ ध्यान दें। अपने बच्चों को वाहन ना दें। - भंवर सिंह ,यातायात निरीक्षक
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कोट
मैं भी कभी कभी कभी स्कूटी चला लेता हूं, लेकिन आज स्कूल में अमर उजाला के कार्यक्रम के दौरान उन्हें पता चला कि ये वास्तव में बहुत गलत है। वो भी कानूनी नियमों का पालन करेगा और आज से स्कूटी नहीं चलाएगा। - उवेश
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मैं कभी कभी स्कूटी चला लेती हूं, लेकिन रोज नहीं चलाती। आज अमर उजाला के कार्यक्रम में बहुत जानकारी मिली। पता चला कि ये कितना खतरनाक है। ये हमारी सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। इसलिए वो अपना डीएल बनने के बाद ही स्कूटी चलाऊंगी। - प्राची
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वो स्कूटी नहीं चलाती लेकिन कभी कभी अपनी सहेली के साथ स्कूटी पर स्कूल आ जाती है। उसकी सहेली भी अभी छोटी और नाबालिग है। आज की कार्यशाला के बाद उसे खुद महसूस हुआ कि वे गलत कर रहे थे। अब वो ऐसा नहीं करेगी। अपनी सहेली को भी समझाएगी। - अर्चना
ठंड से बचें बच्चे
सर्दी के मौसम में बच्चों को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए। गर्म कपड़े पहनने चाहिए। जहां तक संभव हो हल्का गुनगुना पानी पिएं । सिर पर कैप पहनें । जहां तक संभव हो ठंड में बाहर जाने से बचना चाहिए । पौष्टिक और संतुलित भोजन करना चाहिए। - डॉ. रितीनाथ शुक्ला
अमर उजाला की ये मुहिम सराहनीय है। बच्चों की ड्राइविंग बेहद खतरनाक है। उन्होंने अपने स्कूल में बच्चों के वाहन लाने पर पूरी तरह से रोक लगाई हुई है ,लेकिन कुछ बच्चे स्कूल के आसपास इधर उधर वाहन खड़े करके आ जाते हैं। उन्हें भी सचेत किया गया है। उनका स्कूल इस अभियान में अमर उजाला को पूरा सहयोग देगा। वे स्कूल की ओर से अभिभावकों को मेसेज भेजकर अलर्ट करेंगे। - डॉ. निर्मला मलिक, प्रधानाचार्य रॉयल पब्लिक स्कूल
बच्चों को वाहन ना दें अभिभावक
18 साल से कम उम्र में बाइक स्कूटी वाहन चलाना गैर कानूूनी है। ये जीवन के लिए घातक है। उन्हें पता चला है कि शहर में ही कई स्कूूूली बच्चे बाइक स्कूटी से आते हैं। स्कूल के आसपास वाहन खड़े करते हैं। अमर उजाला की इस मुहिम के दौरान अभिभावक, छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। अब ऐसे छात्रों पर भी सख्ती होगी। ऐसे बच्चों के वाहनों के चालान होंगे। वाहन सीज कर थाने में खडे़े किए जाएंगे और भारी जुर्माना भी लगेेगा। बेहतर होगा कि अभिभावक इस तरफ ध्यान दें। अपने बच्चों को वाहन ना दें। - भंवर सिंह ,यातायात निरीक्षक