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सब्जियों में लगा महंगाई का तड़का
शामली/अमर उजाला/ब्यूरो
Updated Mon, 17 Sep 2018 12:02 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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शामली। हरी सब्जियों के दामों में आई तेजी ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। बीते एक सप्ताह के दौरान ही सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। आलम यह है कि दालों से भी ज्यादा महंगी हो रही हैं हरी सब्जियां। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि दूसरे प्रदेशों से आने वाली सब्जी महंगी पड़ रही है।
सब्जियों के दामों में आए दिन बढ़ोतरी होने से आम जन परेशान है। रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। सब्जियों में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले आलू के दाम में भी एक सप्ताह के भीतर चार से पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सलाद में प्रयोग होने वाले नींबू व मूली के दाम भी ऊंचाई पर है। सबसे महंगी गोभी 80 रुपये किलो तक बिक रही है। नतीजतन आम आदमी सब्जी खरीदने से हाथ खींच रहा है।
बाजार में सब्जी खरीदने आई साक्षी ने बताया कि सब्जी खाना मुश्किल होता जा रहा है। गृहिणी पूनम का कहना है कि पहले वह एक सप्ताह की सब्जी खरीदते थे, लेकिन महंगाई के कारण रोजाना की जरूरत के हिसाब से सब्जी खरीदती हैं, ताकि किसी दिन दाम कम मिले तो फायदा हो सके। कस्बा बनत निवासी रीतू ने कहा कि उसके पति मजदूरी करते हैं। सब्जी के दाम में आए उछाल ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। दूध होता नहीं और सब्जी महंगी हो गई है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता है। वहीं, पारूल व प्राची का कहना है कि सब्जी महंगी होने से घर के अन्य खर्चों पर लगाम लगाई जा रही है। अगर स्वास्थ्य को अच्छा रखना है तो हरी सब्जी तो खानी ही पड़ेगी, लेकिन सरकार को भी बढ़ती महंगाई पर ध्यान देना चाहिए।
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प्याज और शिमला मिर्च के दामों में आई कमी : प्याज और शिमला मिर्च के दाम ने थोड़ी राहत दी है। पहले प्याज के दाम 30 रुपये तक चल रहे थे, लेकिन हाल में प्याज का दाम 20 रुपये किलो है। वहीं शिमला मिर्च पहले 80 रुपये तक बिक रही थी, लेकिन अब 60 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
दाल बन रही है गरीबों का सहारा
हरी सब्जियों की महंगाई में दाल ही अब गरीबों का सहारा बन रही है। दुकान पर दाल खरीद रहे व्यक्ति यशवीर भाजू ने बताया कि हरी सब्जी काफी महंगी हो गई है, जिस कारण दाल से ही काम चलाना पड़ेगा। व्यक्ति का कहना है कि अगर हम 80 रुपये की एक किलो गोभी खरीदते हैं तो वह एक बार में ही बन जाएगी। यदि 60 रुपये बिक रही मसूर व उड़द की दाल खरीदते हैं तो वह कम से कम चार बार बनेगी। बाजारों में मसूर की दाल का दाम 55 से 60, उड़द धुली 60, चना 55, मूंग की दाल 70 और उड़द काली 55 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
सब्जियों के दाम की तुलना
सब्जी पिछले सप्ताह मौजूदा रेट
गोभी 50 से 60 रुपये 80 रुपये
भिंडी 30 40
करेला 40 60
तोरी 30 40 से 50
लौकी 20 30
बैगन 20 40
टमाटर 20 30
अरवी 30 40
नींबू 80 120
टिंडा 50 60
खीरे 30 40
मूली 30 40
आलू 15 20
नोट- सभी सब्जियों के दाम की सूची प्रति किलो में है।
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सब्जियों के दामों में आए दिन बढ़ोतरी होने से आम जन परेशान है। रसोई का बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। सब्जियों में सबसे ज्यादा प्रयोग होने वाले आलू के दाम में भी एक सप्ताह के भीतर चार से पांच रुपये की बढ़ोतरी हुई है। सलाद में प्रयोग होने वाले नींबू व मूली के दाम भी ऊंचाई पर है। सबसे महंगी गोभी 80 रुपये किलो तक बिक रही है। नतीजतन आम आदमी सब्जी खरीदने से हाथ खींच रहा है।
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बाजार में सब्जी खरीदने आई साक्षी ने बताया कि सब्जी खाना मुश्किल होता जा रहा है। गृहिणी पूनम का कहना है कि पहले वह एक सप्ताह की सब्जी खरीदते थे, लेकिन महंगाई के कारण रोजाना की जरूरत के हिसाब से सब्जी खरीदती हैं, ताकि किसी दिन दाम कम मिले तो फायदा हो सके। कस्बा बनत निवासी रीतू ने कहा कि उसके पति मजदूरी करते हैं। सब्जी के दाम में आए उछाल ने रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। ऐसे में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। दूध होता नहीं और सब्जी महंगी हो गई है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता है। वहीं, पारूल व प्राची का कहना है कि सब्जी महंगी होने से घर के अन्य खर्चों पर लगाम लगाई जा रही है। अगर स्वास्थ्य को अच्छा रखना है तो हरी सब्जी तो खानी ही पड़ेगी, लेकिन सरकार को भी बढ़ती महंगाई पर ध्यान देना चाहिए।
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प्याज और शिमला मिर्च के दामों में आई कमी : प्याज और शिमला मिर्च के दाम ने थोड़ी राहत दी है। पहले प्याज के दाम 30 रुपये तक चल रहे थे, लेकिन हाल में प्याज का दाम 20 रुपये किलो है। वहीं शिमला मिर्च पहले 80 रुपये तक बिक रही थी, लेकिन अब 60 रुपये प्रति किलो बिक रही है।
दाल बन रही है गरीबों का सहारा
हरी सब्जियों की महंगाई में दाल ही अब गरीबों का सहारा बन रही है। दुकान पर दाल खरीद रहे व्यक्ति यशवीर भाजू ने बताया कि हरी सब्जी काफी महंगी हो गई है, जिस कारण दाल से ही काम चलाना पड़ेगा। व्यक्ति का कहना है कि अगर हम 80 रुपये की एक किलो गोभी खरीदते हैं तो वह एक बार में ही बन जाएगी। यदि 60 रुपये बिक रही मसूर व उड़द की दाल खरीदते हैं तो वह कम से कम चार बार बनेगी। बाजारों में मसूर की दाल का दाम 55 से 60, उड़द धुली 60, चना 55, मूंग की दाल 70 और उड़द काली 55 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है।
सब्जियों के दाम की तुलना
सब्जी पिछले सप्ताह मौजूदा रेट
गोभी 50 से 60 रुपये 80 रुपये
भिंडी 30 40
करेला 40 60
तोरी 30 40 से 50
लौकी 20 30
बैगन 20 40
टमाटर 20 30
अरवी 30 40
नींबू 80 120
टिंडा 50 60
खीरे 30 40
मूली 30 40
आलू 15 20
नोट- सभी सब्जियों के दाम की सूची प्रति किलो में है।