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Shamli News: बकाया गन्ना भुगतान को लेकर किसान दिवस में हंगामा
Fri, 19 Jul 2024 04:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Fri, 19 Jul 2024 04:25 AM IST
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शामली। विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में बकाया गन्ना भुगतान, टूटी सड़कें, बेसहारा पशुओं के सड़कों पर घूमने का मुद्दा छाया रहा। कई अधिकारियों के दिवस में नहीं आने पर किसानों ने हंगामा किया। डीसीओ के चलिए देखते हैं कहने पर किसान भड़क गए और कार्रवाई की मांग की। बाद में सीडीओ ने नदारद अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद किसान शांत हुए।
आठ माह बाद विकास भवन में किसान दिवस का आयोजन हुआ। जिसमें किसी कारण से डीएम रविंद्र सिंह नहीं आ सके। सीडीओ विनय कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे। कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार के संचालन में दिवस को शुरू कराया गया। गोहरनी गांव के सुधीर कुमार ने बकाया गन्ना भुगतान और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं का मुद्दा उठाया।
किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक और किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष कुलदीप पंवार ने डीसीओ से जल्द से जल्द बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग की। डीसीओ ने कहा चलिए देखते हैं, जिस पर किसान भड़क गए। कहा कि कब कराओगे। बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान है। गुस्साए किसानों ने हंगामा किया। बाद में सीडीओ के कहने पर मामला शांत हुआ। किसानों ने कहा कि यदि भुगतान नहीं करा सकते तो इस्तीफा दे दीजिए।
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किसान यूनियन के पूर्व राष्ट्रीय सचिव कुलदीप पंवार न कहा कि उनके गांव में प्रतिदिन कोई जानवर जंगल से निकल रहा है, जिससे गांव में दहशत है मगर कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा। हरीश चौधरी ने कहा कि भैंसवाल में नाले के लिए चक्कर काट रहे हैं मगर सिंचाई विभाग के अधिकारी कार्यालय में नहीं बैठते। जिसको लेकर किसानों ने हंगामा किया। अन्य अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया।
गुस्साए किसानों ने एनएचआई, बीएसए और एसई के नहीं आने पर खूब हंगामा किया। कहा कि किसानों को दिवस में बुला लिया जाता है, मगर अधिकारी आना मुनासिब नहीं समझते। सीडीओ ने सभी को नोटिस जारी करने को कहा। हालांकि, बाद में एसई पहुंच गए थे। दिवस के दौरान कृषि उपनिदेशक प्रमोद कुमार, डीसीओ, एसई और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इन किसानों ने यह रखें मुद्दे...
किसान नेता कुलदीप पंवार ने पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
रालोद नेता राजन जावला ने जर्जर बिजली की लाइनों और डांगरोल गांव में सूखे पड़े रजबहे की मांग उठाई।
कपिल खाटियान ने पात्रों को तुरंत आयुष्मान कार्ड पर इलाज शुरू कराने की मांग उठाई।
आशीष चौधरी ने बिजली ट्रांसफार्मर बदलने और अधिकारियों के निर्देश नहीं मानने वाले जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसान नेता विदेश मलिक ने विधवा और वृद्धा के लिए गांवों में शिविर आयोजित कराने को कहा।
पप्पू ने टूटी सड़कों को ठीक करने की बात कहीं।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष अरविंद खोड़समा ने कहा कि विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार जोरों पर है, लोगों की सुनवाई नहीं होती।
सुधीर कुमार ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण दिक्कत हो रही है।
योगेंद्र सिंह ने कहा कि आज तक जर्जर बिजली के लाइनों को नहीं बदला गया। कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
कपिल खाटियान ने कहा कि जब तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं हो जाता, बिजली बिल और रिकवरी नहीं लेने की मांग उठाई।
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आठ माह बाद विकास भवन में किसान दिवस का आयोजन हुआ। जिसमें किसी कारण से डीएम रविंद्र सिंह नहीं आ सके। सीडीओ विनय कुमार तिवारी मौके पर पहुंचे। कृषि अधिकारी प्रदीप कुमार के संचालन में दिवस को शुरू कराया गया। गोहरनी गांव के सुधीर कुमार ने बकाया गन्ना भुगतान और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं का मुद्दा उठाया।
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किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक और किसान मजदूर संगठन के अध्यक्ष कुलदीप पंवार ने डीसीओ से जल्द से जल्द बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग की। डीसीओ ने कहा चलिए देखते हैं, जिस पर किसान भड़क गए। कहा कि कब कराओगे। बकाया भुगतान नहीं होने से किसान परेशान है। गुस्साए किसानों ने हंगामा किया। बाद में सीडीओ के कहने पर मामला शांत हुआ। किसानों ने कहा कि यदि भुगतान नहीं करा सकते तो इस्तीफा दे दीजिए।
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किसान यूनियन के पूर्व राष्ट्रीय सचिव कुलदीप पंवार न कहा कि उनके गांव में प्रतिदिन कोई जानवर जंगल से निकल रहा है, जिससे गांव में दहशत है मगर कोई भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहा। हरीश चौधरी ने कहा कि भैंसवाल में नाले के लिए चक्कर काट रहे हैं मगर सिंचाई विभाग के अधिकारी कार्यालय में नहीं बैठते। जिसको लेकर किसानों ने हंगामा किया। अन्य अधिकारियों पर भी लापरवाही का आरोप लगाया।
गुस्साए किसानों ने एनएचआई, बीएसए और एसई के नहीं आने पर खूब हंगामा किया। कहा कि किसानों को दिवस में बुला लिया जाता है, मगर अधिकारी आना मुनासिब नहीं समझते। सीडीओ ने सभी को नोटिस जारी करने को कहा। हालांकि, बाद में एसई पहुंच गए थे। दिवस के दौरान कृषि उपनिदेशक प्रमोद कुमार, डीसीओ, एसई और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इन किसानों ने यह रखें मुद्दे...
किसान नेता कुलदीप पंवार ने पौधों को लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
रालोद नेता राजन जावला ने जर्जर बिजली की लाइनों और डांगरोल गांव में सूखे पड़े रजबहे की मांग उठाई।
कपिल खाटियान ने पात्रों को तुरंत आयुष्मान कार्ड पर इलाज शुरू कराने की मांग उठाई।
आशीष चौधरी ने बिजली ट्रांसफार्मर बदलने और अधिकारियों के निर्देश नहीं मानने वाले जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
किसान नेता विदेश मलिक ने विधवा और वृद्धा के लिए गांवों में शिविर आयोजित कराने को कहा।
पप्पू ने टूटी सड़कों को ठीक करने की बात कहीं।
भाकियू के मंडल अध्यक्ष अरविंद खोड़समा ने कहा कि विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार जोरों पर है, लोगों की सुनवाई नहीं होती।
सुधीर कुमार ने कहा कि आवारा पशुओं के कारण दिक्कत हो रही है।
योगेंद्र सिंह ने कहा कि आज तक जर्जर बिजली के लाइनों को नहीं बदला गया। कई शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
कपिल खाटियान ने कहा कि जब तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं हो जाता, बिजली बिल और रिकवरी नहीं लेने की मांग उठाई।