Shamli: यमुना नदी के तेज बहाव में बह गया तटबंध, ग्रामीणों ने किया हंगामा, अफसरों से नोकझोंक, बागपत का ऐसा हाल
सूचना पर उप-जिलाधिकारी व तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नियम विरुद्ध रेत खनन के कारण यमुना में गहरे कुंड बन गए ।जिसके कारण करोड़ों की फसल भी बर्बाद हो गई।
विस्तार
शुक्रवार सुबह पानी का तेज बहाव और तटबंध तक दरार आने के बाद लक्ष्मीपुरा व भड़ी के ग्राम प्रधानों ने ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया की आप अपनी नीधी से काम कराओ, इस संबंध में उप-जिलाधिकारी को समस्या से अवगत कराया।
सूचना पर एसडीओ ड्रेनेज, दो जेई व एक एई की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने जेसीबी व लकड़ी के तारों के जाल से मिट्टी के कटाव के रोकने की मांग की तो अधिकारियों ने शाम चार बजे तक व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। जिस पर ग्रामीण उग्र हो गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
सूचना पर उप-जिलाधिकारी व तहसीलदार भी मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नियम विरुद्ध रेत खनन के कारण यमुना में गहरे कुंड बन गए। जिसके कारण करोड़ों की फसल भी बर्बाद हो गई और गांव में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हजारों की संख्या में ग्रामीण यमुना तट पर निगरानी कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: बाढ़ जैसे हालात: हस्तिनापुर में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप, तटबंध क्षतिग्रस्त, 50 गांवों पर खतरा, सड़कें जलमग्न
उधर, बागपत में यमुना का तटबंध रातभर टूटा रहा। लेकिन अधिकारी ठीक नहीं करा सके। प्रशासन ने फेल होने पर एनएचएआई को भी बुलाया। फिर भी पानी नहीं रोक सके। हालात ये हैं कि सुभानपुर, अब्दुलपुर के अलावा गाजियाबाद के कई गांव जलमग्न हुए। वहीं, जिले के हालात बिगड़ते जा रहे हैं।
यह भी पढ़ें: UP में बाढ: बागपत में यमुना का तटबंध टूटा, बिजनौर में टापू पर फंसे भूखे-प्यासे लोग, हस्तिनापुर में चिंता बढ़ी