बाढ़ जैसे हालात: हस्तिनापुर में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप, तटबंध क्षतिग्रस्त, 50 गांवों पर खतरा, सड़कें जलमग्न
हस्तिनापुर में गंगा उफान पर है जलस्तर बढ़ने से गंगा खादर में तटबंध क्षतिग्रस्त हो गए हैं
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हस्तिनापुर में गुरुवार को गंगा का रौद्र रूप दिखाई दिया। यहां गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। जिलाधिकारी दीपक मीणा ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ फतेहपुर प्रेम गंगा के क्षतिग्रस्त तटबंध पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को तटबंध को दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
गंगा के लगातार बढ़ रहे जलस्तर को देखकर मौके पर पहुंची अमर उजाला की टीम ने पहले ही गंगा के कच्चे तटबंध को कुछ ही समय में टूटने का अंदेशा जाहिर किया था, जिसके दो घंटे बाद आखिरकार फतेहपुर प्रेम गंगा का तटबंध टूट गया। जिसे रोकने के लिए शासन प्रशासन और कारसेवक को के सभी प्रयास विफल हो गए। अब इस पटवन से निकल रहा तेज पानी खादर क्षेत्र के दर्जनों गांव के हालातों को और नाजुक बनाएगा कई गांव रात रात में पानी की चपेट में होंगे।
हालांकि स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह तैनात है पटवन से पानी निकल कर कहीं गांव को अपनी चपेट में ले रहा है। पानी जंगलों में पहुंचकर जंगलों को जलमग्न कर रहा है। वहीं बुधवार को सिरजेपुर गांव के समीप से टूटा तटबंध भी अगली और मौजूद गांव की आबादी में पानी को पहुंचा चुका है जहां से कई गांव के रास्ते जलमग्न है और आवागमन भी बंद होने वाले हैं। फतेहपुर प्रेम तटबंध के टूटने से खादर क्षेत्र के लोगों में हड़कंप मचा है। लोग सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयारी कर रहे हैं।
पिछले कई दिनों से गंगा के कटान से फतेहपुर प्रेम गांव के समीप तटबंध क्षतिग्रस्त हो रहा है, जिसे मरम्मत करने के लिए क्षेत्र के कारसेवक और मनरेगा के समीप लगाए गए हैं। वहीं जिलाधिकारी दीपक मीणा ने स्थिति का जायजा लेने के लिए गुरुवार को मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
उनके साथ सिंचाई विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। यहां पर तटबंध की हालत नाजुक चल रही है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से जेसीबी मशीन की मांग की और कहा कि अगर यह जल्द ही दुरुस्त नहीं किया गया तो खादर क्षेत्र के 50 गांव पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। इसके बाद जिलाधिकारी ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। गंगा के उफान पर आ जाने से तटबंध पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और तेज कटान जारी है।
बिजनौर बैराज से फिर 2 लाख क्यूसेक के नजदीक पहुंचा गंगा का जलस्तर
बिजनौर बैराज से 4:00 बजे आई रिपोर्ट के आधार पर गंगा का जलस्तर 1लाख 97 हजार क्यूसेक पर पहुंच गया है, जिससे फतेहपुर प्रेम के समीप कच्चे तटबंध को बचाना क्षेत्र के लोगों और प्रशासन के लिए चुनौती बन रहा है। यहां पर लगातार काटन हो रहा है और सैकड़ों लोग इसे रोकने की कोशिश में है लेकिन लगातार बढ़ रहा जलस्तर परेशानियों को बढ़ा रहा है।
घरों में घुस रहा बाढ़ का पानी
क्षेत्र के गांव किशनपुर में घरों में पानी भर गया है। साथ ही गंगा पार खेड़ी में भी लोगों के घरों में पानी भर गया है, जहां उनका आवागमन भी पूरी तरह बंद होता नजर आ रहा है। लोगों को यहां खाने-पीने से लेकर आर्थिक परेशानियों से भी जूझना पड़ रहा है। उनका कहना है कि आवागमन बंद होने से अब जरूरी वस्तुएं जुटाना मुश्किल हो रहा है। हालांकि लगातार गांव की ओर बढ़ रहा पानी शाम तक और कई गांव की हालत को और नाजुक बनाएगा। उधर कई गांव के संपर्क मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, जिन से गुजरना किसी बड़े खतरे से कम नजर नहीं आ रहा है।
नगर पंचायत में बनाया गया कंट्रोल रूम
हस्तिनापुर में बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र पर नजर रखने के लिए साथ ही लोगों को हर सुविधा मुहैया कराने के लिए नगर पंचायत में कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से मदद मांगने वाले व्यक्ति की सहायता की जाएगी इसके साथ ही मवाना तहसील में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है जहां से प्रशासनिक अधिकारियों को हर घंटे की अपडेट दी जाएगी। एसडीएम सहित सभी अधिकारी हस्तिनापुर नगर पंचायत में कंट्रोल रूम में मौजूद हैं।