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Shamli News: वायरल ने बदला ट्रेंड, अब बुखार के साथ सांस के संक्रमण का खतरा
Tue, 15 Sep 2026 01:33 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:33 AM IST
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शामली। मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण ने इस बार अपना ट्रेंड बदल दिया है। पिछले कुछ दिनों से जिले में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें तेज बुखार के साथ सांस संबंधी संक्रमण और लंबे समय तक रहने वाली खांसी की शिकायत है। कई मरीजों में बुखार 102 डिग्री तक पहुंच रहा है, जबकि बुखार उतरने के बाद भी खांसी 15 से 20 दिन तक बन रही है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले पांच दिनों के दौरान 400 से अधिक मरीज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों के साथ पहुंचे। मरीजों में शुरुआत में तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द और कमजोरी होती है। चार-पांच दिन बाद बुखार कम होने लगता है, लेकिन खांसी और गले में खराश बनी रहती है। कई मरीजों में दो से तीन सप्ताह बाद भी खांसी से राहत नहीं मिल रही।
फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक ने बताया कि सामान्य वायरल के साथ इस बार सांस संबंधी संक्रमण की समस्या सामने आ रही है। जनरल सर्जन डॉ. समद अली ने बताया कि वायरल संक्रमण के बाद कुछ समय तक खांसी रह सकती है, लेकिन सांस फूलना, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या ऑक्सीजन स्तर में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए।
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इस तरह से आ रहे मरीज
माजरा रोड निवासी आशीष ने बताया कि उसे अचानक तेज बुखार 102 तक पहुंच गया। शुरुआती दिनों में बुखार और बदन दर्द के लिए उपचार लिया गया। बुखार तो उतर गया, लेकिन खांसी लगातार बनी रही। करीब 15 दिन बाद भी आराम नहीं मिला। कांधला निवासी शमशाद ने बताया कि वायरल के बाद खांसी बन गई। बाद में सीढ़ियां चढ़ने और तेज चलने पर सांस फूलने की शिकायत होने लगी। चिकित्सक ने दवा के साथ आराम करने की सलाह दी।
सावधानी : वायरल संक्रमण के दौरान पर्याप्त आराम, पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। चिकित्सक की सलाह से दवा ले। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरते। खांसते या छींकते समय मुंह कपड़े या रूमाल से ढककर रखे। कोई समस्या होने पर चिकित्सक को दिखाएं।
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जिला अस्पताल की ओपीडी में पिछले पांच दिनों के दौरान 400 से अधिक मरीज बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी शिकायतों के साथ पहुंचे। मरीजों में शुरुआत में तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द और कमजोरी होती है। चार-पांच दिन बाद बुखार कम होने लगता है, लेकिन खांसी और गले में खराश बनी रहती है। कई मरीजों में दो से तीन सप्ताह बाद भी खांसी से राहत नहीं मिल रही।
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फिजिशियन डॉ. सचिन मलिक ने बताया कि सामान्य वायरल के साथ इस बार सांस संबंधी संक्रमण की समस्या सामने आ रही है। जनरल सर्जन डॉ. समद अली ने बताया कि वायरल संक्रमण के बाद कुछ समय तक खांसी रह सकती है, लेकिन सांस फूलना, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार या ऑक्सीजन स्तर में कमी जैसे लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सक की सलाह से उपचार कराना चाहिए।
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इस तरह से आ रहे मरीज
माजरा रोड निवासी आशीष ने बताया कि उसे अचानक तेज बुखार 102 तक पहुंच गया। शुरुआती दिनों में बुखार और बदन दर्द के लिए उपचार लिया गया। बुखार तो उतर गया, लेकिन खांसी लगातार बनी रही। करीब 15 दिन बाद भी आराम नहीं मिला। कांधला निवासी शमशाद ने बताया कि वायरल के बाद खांसी बन गई। बाद में सीढ़ियां चढ़ने और तेज चलने पर सांस फूलने की शिकायत होने लगी। चिकित्सक ने दवा के साथ आराम करने की सलाह दी।
सावधानी : वायरल संक्रमण के दौरान पर्याप्त आराम, पानी और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करें। चिकित्सक की सलाह से दवा ले। भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरते। खांसते या छींकते समय मुंह कपड़े या रूमाल से ढककर रखे। कोई समस्या होने पर चिकित्सक को दिखाएं।