अधिवक्ता हत्याकांड: पुलिस के हत्थे चढ़े 15-15 हजार के दो और इनामी, ऐसे का किया था कत्ल
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शामली में आदर्श मंडी थाना पुलिस और स्वाट टीम ने 12 दिन पहले अधिवक्ता गुलजार अहमद की हत्या के आरोप मेें दो आरोपियों को और गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों पर 15-15 हजार का इनाम घोषित था। आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे, चार कारतूस, दो मोबाइल और दो आधार कार्ड बरामद किए हैं। इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस पहले गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है जबकि अन्य दो आरोपी अभी फरार चल रहे हैं।
आदर्श मंडी थानाक्षेत्र के गांव सिक्का निवासी अधिवक्ता गुलजार अहमद की 23 अक्तूबर की रात को सहारनपुर रोड पर हॉट मिक्स प्लांट के निकट उस समय गोली मारकर हत्या कर दी थी, जब वह कैराना कचहरी से बाइक पर सवार होकर अपने मुंशी सचिन के साथ घर लौट रहे थे। मृतक के भाई इस्तकार ने अपनी पत्नी मरियम उर्फ समर, साले हमजा, उजैफा निवासी बड़ौत और कांधला निवासी चमन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो दिन बाद मरियम, हमजा और चमन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
आदर्श मंडी थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह ने बताया कि रविवार को स्वाट टीम के साथ चेकिंग के दौरान हत्या में नामजद उजैफा और प्रकाश में आए शौकीन निवासी बड़ौत को रेलवे स्टेशन शामली के निकट से गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से दो तमंचे, चार कारतूस, दो मोबाइल और उनके आधार कार्ड बरामद हुए। आरोपियों पर एसपी अजय कुमार की तरफ से 15-15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में अन्य दो आरोपी शहजाद उर्फ चक्कू निवासी और अजीम निवासी पिलखुआ जिला हापुड़ अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।
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हत्या की ये बनी वजह
थानाध्यक्ष कर्मवीर सिंह ने पकड़े गए आरोपी उजैफा ने पूछताछ में बताया कि उसकी बहन मरियम की शादी वर्ष जनवरी 2017 में मोनू उर्फ इस्तकार निवासी गांव सिक्का के साथ हुई थी। उजैफा ने आरोप लगाया कि ससुराल वालों ने उसकी बहन पर जेठानी मारिया उर्फ मन्नत के जेवरात और कपड़े चोरी करने का आरोप लगाकर उसे छोड़ दिया था। इस मामले में उन्होंने फैसले की बात की। अधिवक्ता गुलजार और इस्तकार उनके घर पहुंचे थे, लेकिन गुलजार फैसले में बाधक बना हुआ था। इसके बाद उसने अपने भाई हमजा, बहन और उनके यहां बैंड पर लाइट का काम करने वाले शौकीन के साथ मिलकर अधिवक्ता को रास्ते से हटाने का फैसला लिया। इसके बाद शौकीन के साथी अजीम ने अपने साथी शहजाद के साथ मिलकर अधिवक्ता की हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
इस तरह से की गई थी हत्या
थानाध्यक्ष के मुताबिक उजैफा ने बताया कि नवंबर 2018 में शौकीन और अजीम निवासी पिलखुआ चोरी की गाड़ी के साथ सहारनपुर में पकड़े गए थे। शौकीन के कहने पर उसने अजीम की जमानत कराई थी। अजीम ने उनसे कहा था इस अहसान के बदले उनसे कोई काम बताना। जेल से छूटने के बाद अजीम और शौकीन उससे मिले तो उसने अपनी बहन की समस्या बताई। इसके बाद अजीम अपने साथी शहजाद उर्फ चक्कू को साथ लेकर उनके घर पहुंचा। इसके बाद सभी ने मिलकर गुलजार को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उन्होंने गुलजार का फोटो, चेंबर की लोकेशन और घर जाने का रास्ता बताया। इसके बाद अजीम और शहजाद के बताए अनुसार वह और शौकीन मुंबई चले गए ताकि उन पर किसी तरह का शक न हो सके। 23 अक्तूबर को गुलजार की हत्या करने के बाद रात में करीब 10 बजे अजीम व शहजाद ने मेसेज कर उन्हें काम पूरा होने की सूचना दी। इसके बाद वह और शौकीन कई दिन पहले मुंबई से लौट आए थे।
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