फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   Two innocent children died due to drowning in the canal pit

नहर के गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत

Sat, 23 Oct 2021 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 23 Oct 2021 12:15 AM IST
विज्ञापन
Two innocent children died due to drowning in the canal pit
नहर के गड्ढे में डूबने से दो मासूम बच्चों की मौत
विज्ञापन

शामली। गढ़ीपुख्ता क्षेत्र के गांव धनेना में घर से खेलने निकले दो मासूम बच्चों की पूर्वी यमुना नहर के गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। दोनों बच्चे बृहस्पतिवार शाम से लापता थे। शुक्रवार सुबह दोनों के शव नहर में मिले। गमगीन माहौल में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
मरने वाले बच्चों में हिमांशु (7) पुत्र कंवरपाल और रामभरोसे (8) पुत्र जगपाल निवासी धनेना थे। बृहस्पतिवार शाम दोनों बच्चे गांव के अन्य बच्चों के साथ कैल शिकारपुर पुलिया के निकट पूर्वी यमुना नहर के पास खेलने गए थे। देर शाम तक जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश की। अन्य बच्चों से पूछा तो उन्होंने बताया कि वे नहर के पास खेलने गए थे। परिजनों ने देर रात बच्चों को काफी तलाश किया लेकिन दोनों का कुछ पता नहीं चला। पुलिस शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी करने लगी लेकिन परिजन बिना पोस्टमार्टम शव ले गए। पूर्वी यमुना नहर में इस समय पानी नहीं है, लेकिन गड्ढों में पानी भरा हुआ है। माना जा रहा है कि खेलते हुए यह वहां चले गए और गड्ढे में गिर गए।
विज्ञापन

रेत उठाने से हुआ गहरा गड्ढा बना मासूमों की मौत की वजह
गढ़ीपुख्ता। पूर्वी यमुना नहर को दशहरे पर इससे जुड़े रजबहों की वार्षिक सफाई के लिए बंद कर दिया गया था। जिसके चलते अब नहर में काफी कम पानी है। लेकिन ग्रामीणों ने पुल के पास गहरा गड्ढा था। जिसमें डूबने से दोनों मासूमों की मौत हो गई। आशंका जताई जा रही कि किसी ग्रामीण ने पुल के पास से रेत उठाया होगा। जिससे वहां गहरा गड्ढा हो गया। बच्चे नहर में कम पानी होने की सोचकर खेलने के लिए नहर में उतरे होंगे और गड्ढे में डूब गए होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कक्षा 3 और 4 में पढ़ते थे बच्चे
कंवरपाल और जगपाल दोनों मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। कंवरपाल के पांच पुत्र थे। जिनमें हिमांशु सबसे बड़ा था। वह गांव में ही सरकारी स्कूल में कक्षा-3 में पढ़ता था। रामभरोसे अपने माता-पिता के चार पुत्रों में सबसे छोटा था। वह भी सरकारी स्कूल में कक्षा-चार में पढ़ता था। दोनों परिवारों की आर्थिक स्थिति भी अच्छी नहीं है। दोनों के घरों में भी काफी फासला है। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों मासूमों को मौत ही नहर तक खींचकर ले गई।

दोनों की मां रोते हुए कई बार हुई बेसुध
दोनों बच्चों की मौत से परिवार में कोहराम मचा था। सभी परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। हिमांशु की मां रेखा और रामभरोसे की मां सुमन रोते हुए कई बार बेसुध हो गई। जिन्हें परिजनों व पड़ोसी महिलाओं ने किसी तरह संभालने की कोशिश की। परिजनों को रोते देख ग्रामीणों की आंख नम हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed