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शामली: किशोरी को ले जाने के मामले में दो मुजरिमों को सजा
Mon, 20 Feb 2023 11:15 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:15 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैराना। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने आकाश और सचिन निवासी गांव लिलौन को पांच-पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि चार मई 2022 की थाना शामली क्षेत्र से एक किशोरी को दो युवक बहला-फुसलाकर ले गए थे। किशोरी के पिता ने शामली कोतवाली में आकाश और सचिन निवासी लिलौन खेड़ी के विरुद्ध बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर दोनों मुजरिमों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष दुष्कर्म के मामले को अदालत में साबित नहीं कर सका। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गये। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम आकाश और सचिन को पांच-पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि दुष्कर्म और पॉक्सो के आरोप से दोषमुक्त करार दिया।
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कैराना। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पॉक्सो) मुमताज अली ने आकाश और सचिन निवासी गांव लिलौन को पांच-पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि चार मई 2022 की थाना शामली क्षेत्र से एक किशोरी को दो युवक बहला-फुसलाकर ले गए थे। किशोरी के पिता ने शामली कोतवाली में आकाश और सचिन निवासी लिलौन खेड़ी के विरुद्ध बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने किशोरी को बरामद कर दोनों मुजरिमों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश कर दिया था। जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था।
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सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष दुष्कर्म के मामले को अदालत में साबित नहीं कर सका। अभियोजन पक्ष की ओर से 10 गवाह पेश किए गये। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने और पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद अपर जिला सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायालय पोक्सो) मुमताज अली ने किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने का दोष सिद्ध पाए जाने पर मुजरिम आकाश और सचिन को पांच-पांच वर्ष के कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जबकि दुष्कर्म और पॉक्सो के आरोप से दोषमुक्त करार दिया।
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