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Shamli News: युवक को न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये हड़पे
Tue, 22 Sep 2026 01:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:11 AM IST
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बाबरी। गांव बंतीखेड़ा निवासी किसान ने अपने बेटे को न्यूजीलैंड में वैध वर्क वीजा पर भेजने के नाम पर 25 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर करनाल निवासी दंपती समेत तीन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
बंतीखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि रनाल निवासी प्रमोद ठक्कर उनकी पत्नी हिमांशी और पंजाब निवासी गुरविंदर सिंह ने खुद को अधिकृत इमिग्रेशन एजेंट बताते हुए उनके बेटे वंश कुमार को न्यूजीलैंड का वैध वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि वीजा और विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर आरोपियों ने उससे कुल 25 लाख रुपये लिए। इसमें 16 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक खातों में और नौ लाख रुपये नकद दिए थे।
आरोप है कि रकम लेने के बाद न्यूजीलैंड का वर्क वीजा उपलब्ध कराने के बजाय उसके बेटे को रूस का टूरिस्ट वीजा दिया गया। छह दिसंबर 2024 को रूस पहुंचने के बाद उस पर अवैध तरीके से डंकी रूट के जरिये यूरोप भेजे जाने का दबाव बनाया गया। सुरक्षा को लेकर आशंकित युवक 13 अप्रैल 2025 को भारत लौट आया।
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सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि बेटे के भारत लौटने के बाद जब उन्होंने आरोपियों से अपनी रकम मांगी तो वे पहले टालमटोल करते रहे और बाद में देने से इन्कार कर दिया। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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बंतीखेड़ा निवासी सुरेंद्र सिंह ने दर्ज कराई प्राथमिकी में बताया कि रनाल निवासी प्रमोद ठक्कर उनकी पत्नी हिमांशी और पंजाब निवासी गुरविंदर सिंह ने खुद को अधिकृत इमिग्रेशन एजेंट बताते हुए उनके बेटे वंश कुमार को न्यूजीलैंड का वैध वर्क वीजा दिलाने का भरोसा दिया था। आरोप है कि वीजा और विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर आरोपियों ने उससे कुल 25 लाख रुपये लिए। इसमें 16 लाख रुपये ऑनलाइन बैंक खातों में और नौ लाख रुपये नकद दिए थे।
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आरोप है कि रकम लेने के बाद न्यूजीलैंड का वर्क वीजा उपलब्ध कराने के बजाय उसके बेटे को रूस का टूरिस्ट वीजा दिया गया। छह दिसंबर 2024 को रूस पहुंचने के बाद उस पर अवैध तरीके से डंकी रूट के जरिये यूरोप भेजे जाने का दबाव बनाया गया। सुरक्षा को लेकर आशंकित युवक 13 अप्रैल 2025 को भारत लौट आया।
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सुरेंद्र सिंह का आरोप है कि बेटे के भारत लौटने के बाद जब उन्होंने आरोपियों से अपनी रकम मांगी तो वे पहले टालमटोल करते रहे और बाद में देने से इन्कार कर दिया। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक राघवेंद्र सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।