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Shamli News: शिक्षा विभाग के प्रधान लिपिक निलंबित
Tue, 22 Sep 2026 01:16 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 22 Sep 2026 01:16 AM IST
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शामली। मृतक आश्रित कोटे में दो कनिष्ठ लिपिकों की बिना पद सृजित किए और शासन की अनुमति के बिना नियुक्ति कराने के आरोप में नगर क्षेत्र शामली के प्रधान लिपिक भूमेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। मामले की शिकायत उप लोकायुक्त से की गई थी। मामले की जांच में भूमेश कुमार को दोषी पाए गए। अब उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि थानाभवन के सुशील कुमार पांचाल ने इस मामले की शिकायत उप लोकायुक्त के समक्ष की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 16 दिसंबर 2023 को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट में भूमेश कुमार को दोषी पाया गया था। शासन ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2023 में मृतक आश्रित कोटे के तहत शुभम मलिक और सुधा तोमर की कनिष्ठ लिपिक के पद पर नगर क्षेत्र कैराना और नगर क्षेत्र शामली में नियुक्ति की गई। आरोप है कि इन नियुक्तियों के लिए पद सृजित नहीं किए गए थे और शासन से अनुमति भी नहीं ली गई थी। शिकायत में दोनों की मानव संपदा आईडी बनाए जाने का भी उल्लेख किया गया था।
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शिकायतकर्ता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, नियुक्तियां रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि नगर क्षेत्र शामली में स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे।
विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी ऊन, थानाभवन और कैराना को संयुक्त जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर आरोप पत्र जारी कर नियमानुसार जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने बताया कि निलंबन अवधि में भूमेश कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कांधला से संबद्ध किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके लिए उन्हें प्रमाण देना होगा कि वह किसी अन्य नौकरी, व्यापार या व्यवसाय में नहीं लगे हैं।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि थानाभवन के सुशील कुमार पांचाल ने इस मामले की शिकायत उप लोकायुक्त के समक्ष की थी। इसके बाद जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने 16 दिसंबर 2023 को अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। रिपोर्ट में भूमेश कुमार को दोषी पाया गया था। शासन ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
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शिकायत में आरोप लगाया गया था कि वर्ष 2023 में मृतक आश्रित कोटे के तहत शुभम मलिक और सुधा तोमर की कनिष्ठ लिपिक के पद पर नगर क्षेत्र कैराना और नगर क्षेत्र शामली में नियुक्ति की गई। आरोप है कि इन नियुक्तियों के लिए पद सृजित नहीं किए गए थे और शासन से अनुमति भी नहीं ली गई थी। शिकायत में दोनों की मानव संपदा आईडी बनाए जाने का भी उल्लेख किया गया था।
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शिकायतकर्ता ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, नियुक्तियां रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि नगर क्षेत्र शामली में स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारी काम कर रहे थे।
विभागीय जांच के लिए खंड शिक्षा अधिकारी ऊन, थानाभवन और कैराना को संयुक्त जांच अधिकारी बनाया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर आरोप पत्र जारी कर नियमानुसार जांच पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीएसए ने बताया कि निलंबन अवधि में भूमेश कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कांधला से संबद्ध किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा। इसके लिए उन्हें प्रमाण देना होगा कि वह किसी अन्य नौकरी, व्यापार या व्यवसाय में नहीं लगे हैं।