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ट्यूशन के बिना जय गुप्ता बने जनपद टॉपर
Mon, 06 May 2019 11:37 PM IST
NAVEEN GUPTA
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: NAVEEN GUPTA
Updated Mon, 06 May 2019 11:37 PM IST
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file photo
- फोटो : amarujala
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सीबीएसई हाईस्कूल में 98.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जनपद टॉपर बने जय गुप्ता ने बिना ट्यूशन के सफलता प्राप्त की है। पढ़ाई में कोई दिक्कत आई तो टीचर का सहयोग लिया। कस्बा झिंझाना निवासी जय गुप्ता का लक्ष्य वैज्ञानिक बनना है। उनका कहना है कि वैज्ञानिक बनने से पहले वे इंजीनियरिंग करेंगे। वैज्ञानिक बनने का मकसद ये है कि पृथ्वी पर प्रदूषण इतना तेजी से बढ़ रहा है कि अगर इस पर समय रहते नियंत्रण नहीं पाया गया तो आने वाले समय में पृथ्वी पर जीवन नहीं रहेगा। इसलिए वे साइंटिस्ट बनकर ऐसे स्थान की रिसर्च करना है, जहां पर मानव जीवन सुरक्षित रह सके।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी वे रिसर्च करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हर नागरिक को समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण करने में जिम्मेदारी निभानी चाहिए। पढ़ाई के शेड्यूल के बारे में जय गुप्ता ने बताया कि उन्होंने स्कूल की छुट्टी के बाद शाम चार बजे से छह बजे तक रेस्ट किया और खेल का आनंद लिया। उन्होंने बैडमिंटन को पसंदीदा खेल बताया। इसके बाद आठ बजे तक फिर पढ़ाई की। एक घंटा डिनर और टीवी देखा। इसके बाद नौ बजे से रात 12 बजे तक पढ़ाई की। सुबह को छह बजे उठकर स्कूल जाने की तैयारी की। सोशल मीडिया के बारे में छात्र ने बताया कि उन्होंने केवल व्हाट्सएप का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए किया। इसके अलावा उन्होंने फेसबुक आदि से दूूरी बनाए रखी। जय के पिता विपिन कुमार ग्रेजुएट है और झिंझाना के मेन बाजार में पेंट की दुकान करते हैं। मां नीलम देवी इंटर पास हैं और गृहणी है। बड़ा भाई हर्ष गुप्ता बीसीए कर रहे हैं, जबकि दूसरा बड़ा भाई इंटर में है। अपनी सफलता का श्रेय जय ने अपने माता-पिता और टीचरों को दिया है।
पापा ने स्टडी रूम बनवाया
जय गुप्ता ने बताया कि घर पर पहले दो कमरे थे। एक में वे तीनों भाई रहकर पढ़ाई करते थे, जबकि दूसरे कमरे में मम्मी-पापा रहते थे। जब वे कक्षा नौ में आए तो उनकी पढ़ाई में लगन देखकर उन्होंने पढ़ाई के लिए एक और कमरा बनवाया। इसके बाद उन्होंने और अधिक लगन और मेहनत से पढ़ाई की ताकि अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकूं। आज उन्हें ये जो सफलता मिली है, उसमें मम्मी पापा की वजह से मिली है।
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बेटे के रूप में भगवान ने तोहफा दिया
जनपद टॉप करने वाले जय गुप्ता के पिता विपिन और माता नीलम देवी ने बेटे की सफलता पर बेहद खुश है। कहा कि उन्हें बेटे के रूप में भगवान ने तोहफा दिया है। उनका बेटा हीरा है। उन्होंने आज जनपद टॉपर बनकर जो खुशी दी है और उनका नाम रोशन किया है। उसे वे शब्दों में बयान नहीं कर सकते। जिला टॉपर बनने में बेटे की मेहनत है। वह पढ़ाई में रात-दिन एक करता था। देर रात तक पढ़ाई करता था। समय पर खाना, नाश्ता किया और अपनी पढ़ाई की। परीक्षाफल आने के बाद उसका परिवार शहर के हनुमान धाम गया और वहां पूजा अर्चना कर ईश्वर को धन्यवाद दिया।
नाम : जय गुप्ता
98.6 प्रतिशत
लक्ष्य : वैज्ञानिक बनना
जय गुप्ता के प्राप्तांक
इंग्लिश 96
हिंदी 99
गणित 98
विज्ञान 100
सामाजिक विज्ञान 100
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उन्होंने कहा कि प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी वे रिसर्च करना चाहते हैं। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि हर नागरिक को समय रहते प्रदूषण पर नियंत्रण करने में जिम्मेदारी निभानी चाहिए। पढ़ाई के शेड्यूल के बारे में जय गुप्ता ने बताया कि उन्होंने स्कूल की छुट्टी के बाद शाम चार बजे से छह बजे तक रेस्ट किया और खेल का आनंद लिया। उन्होंने बैडमिंटन को पसंदीदा खेल बताया। इसके बाद आठ बजे तक फिर पढ़ाई की। एक घंटा डिनर और टीवी देखा। इसके बाद नौ बजे से रात 12 बजे तक पढ़ाई की। सुबह को छह बजे उठकर स्कूल जाने की तैयारी की। सोशल मीडिया के बारे में छात्र ने बताया कि उन्होंने केवल व्हाट्सएप का इस्तेमाल केवल पढ़ाई के लिए किया। इसके अलावा उन्होंने फेसबुक आदि से दूूरी बनाए रखी। जय के पिता विपिन कुमार ग्रेजुएट है और झिंझाना के मेन बाजार में पेंट की दुकान करते हैं। मां नीलम देवी इंटर पास हैं और गृहणी है। बड़ा भाई हर्ष गुप्ता बीसीए कर रहे हैं, जबकि दूसरा बड़ा भाई इंटर में है। अपनी सफलता का श्रेय जय ने अपने माता-पिता और टीचरों को दिया है।
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पापा ने स्टडी रूम बनवाया
जय गुप्ता ने बताया कि घर पर पहले दो कमरे थे। एक में वे तीनों भाई रहकर पढ़ाई करते थे, जबकि दूसरे कमरे में मम्मी-पापा रहते थे। जब वे कक्षा नौ में आए तो उनकी पढ़ाई में लगन देखकर उन्होंने पढ़ाई के लिए एक और कमरा बनवाया। इसके बाद उन्होंने और अधिक लगन और मेहनत से पढ़ाई की ताकि अपने माता-पिता का नाम रोशन कर सकूं। आज उन्हें ये जो सफलता मिली है, उसमें मम्मी पापा की वजह से मिली है।
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बेटे के रूप में भगवान ने तोहफा दिया
जनपद टॉप करने वाले जय गुप्ता के पिता विपिन और माता नीलम देवी ने बेटे की सफलता पर बेहद खुश है। कहा कि उन्हें बेटे के रूप में भगवान ने तोहफा दिया है। उनका बेटा हीरा है। उन्होंने आज जनपद टॉपर बनकर जो खुशी दी है और उनका नाम रोशन किया है। उसे वे शब्दों में बयान नहीं कर सकते। जिला टॉपर बनने में बेटे की मेहनत है। वह पढ़ाई में रात-दिन एक करता था। देर रात तक पढ़ाई करता था। समय पर खाना, नाश्ता किया और अपनी पढ़ाई की। परीक्षाफल आने के बाद उसका परिवार शहर के हनुमान धाम गया और वहां पूजा अर्चना कर ईश्वर को धन्यवाद दिया।
नाम : जय गुप्ता
98.6 प्रतिशत
लक्ष्य : वैज्ञानिक बनना
जय गुप्ता के प्राप्तांक
इंग्लिश 96
हिंदी 99
गणित 98
विज्ञान 100
सामाजिक विज्ञान 100