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जिले में नहीं ट्रामा सेंटर, गंभीर घायल होते हैं बाहर रेफर

Thu, 08 Oct 2020 11:51 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 11:51 PM IST
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Trauma center not in district, serious injuries refer outside
जिले में नहीं ट्रामा सेंटर, गंभीर घायल होते हैं बाहर रेफर
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शामली। जिले में परिवहन विभाग द्वारा यातायात पुलिस के साथ सड़क सुरक्षा सप्ताह चलाया जा रहा है। इसके तहत वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जा रहा है, लेकिन दुर्घटना होने पर गंभीर घायलों को उपचार की सुविधा जिले में नहीं है। जिले में हाईवे पर ट्रामा सेंटर नहीं है, इसके चलते गंभीर घायलों को सीएचसी-पीएचसी से हायर सेंटर रेफर किया जाता है।
जिले में मेरठ-करनाल, दिल्ली-यमुनोत्री और पानीपत-खटीमा तीन हाईवे शामली से होकर जाते हैं। जिले की सीमा में किसी भी हाईवे पर ट्रामा सेंटर नहीं है। सड़क दुर्घटना होने पर अधिकतर मामलों में राहगीर ही पुलिस को सूचना देते हैं। पुलिस एंबुलेंस से घायलों को लेकर नजदीक के सीएचसी या पीएचसी पर पहुंचती है, लेकिन वहां पर गंभीर घायलों के उपचार की समुचित व्यवस्था न होने पर उन्हें मुजफ्फरनगर या मेरठ रेफर करना पड़ता है। कई बार तो हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही बीच रास्ते में घायल की जान चली जाती है।
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ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य नहीं हुआ शुरू
स्वास्थ्य विभाग द्वारा पिछले महीने ट्रामा सेंटर के लिए कस्बा थानाभवन में दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर 2000 वर्ग मीटर भूमि का चयन किया गया है। इसके लिए शासन से 1.20 करोड़ का बजट स्वीकृत हो चुका है। यूपीपीसीएल कार्यदायी संस्था द्वारा ट्रामा सेंटर का निर्माण कराया जाना प्रस्तावित है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
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हाईवे पर डायल-112 करती है पेट्रोलिंग
शामली। जनपद में हाईवे पर पीआरवी डायल-112 की करीब 45 गाड़ियां 24 घंटे पेट्रोलिंग करती हैं। इनमें 26 चार पहिया और बाकी दुपहिया पीआरवी शामिल हैं। हाईवे पर दुर्घटना की सूचना मिलते ही तत्काल डायल-112 की गाड़ी पहुंचती है। गाड़ी में उपलब्ध किट से घायल को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद एंबुलेंस से घायल को नजदीक के सीएचसी या पीएचसी पर पहुंचकर उपचार दिलाया जाता है। अगर एंबुलेंस के पहुंचने में देर होती है तो फिर पीआरवी की गाड़ी से ही घायल को अस्पताल पहुंचाया जाता है। इनके अलावा थाना पुलिस की मोबाइल भी हाईवे पर पेट्रोलिंग करती है।

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कोट
जिले में हाईवे और अन्य मार्गों पर पीआरवी की डायल-112 की गाड़ियां 24 घंटे पेट्रोलिंग में रहती हैं। इनमें प्राथमिक चिकित्सा के लिए मेडिकल किट उपलब्ध होती है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की गाड़ी तत्काल मौके पर पहुंचती है और घायल को प्राथमिक उपचार देकर उन्हें नजदीक के सीएचसी या पीएचसी पहुंचाकर उपचार दिलाती है। - राजेश कुमार श्रीवास्तव, एएसपी।
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