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ट्रैफिक बूथ न सिग्नल लाइट, कैसे हो नियमों का पालन
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शामली विजय चौक पर पुलिस के सामने ट्रिपल राईडिंग करते छात्र
- फोटो : SHAMLI
शामली। शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन शहर में किसी भी चौराहे पर ट्रैफिक सिग्नल लाइट है और न ही किसी चौराहे पर ट्रैफिक बूथ बने हुए हैं। इसके चलते ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो रहा है।
शामली को जनपद बने लगभग आठ साल हो गए हैं, लेकिन जनपद जैसी सुविधाएं यहां अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। यातायात के मामले में यहां पर किसी भी चौराहे पर न तो सिग्नल लाइट लगी है और न ही कहीं पर ट्रैफिक बूथ बने हैं। सिग्नल लाइट न होने से चालक वाहनों को चौराहों पर इधर से उधर निकालते रहते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनने के साथ ही दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। कुछ चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन ट्रैफिक बूथ न होने से वे अक्सर इधर-उधर खड़े रहते हैं। तेज धूप और बारिश से बचने के लिए आसपास की किसी दुकान में घुस जाते हैं। जिससे यातायात व्यवस्था रामभरोसे छोड़ दी जाती है। इसके चलते शहर की सड़कों पर ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने और बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन चलाकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। हालांकि ट्रैफिक, पुलिस और एआरटीओ कार्यालय द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के दावे किए जाते हैं।
कोट
शहर में प्रमुख चौराहे विजय चौक, अजंता चौक, रेलपार बाईपास, गुरुद्वारा तिराहे पर इलेक्ट्रिक ट्रैफिक सिगनल लाइट लगाने और ट्रैफिक बूथ बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूूटी रहती है।
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- भंवर सिह, यातायात प्रभारी।
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शामली को जनपद बने लगभग आठ साल हो गए हैं, लेकिन जनपद जैसी सुविधाएं यहां अभी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। यातायात के मामले में यहां पर किसी भी चौराहे पर न तो सिग्नल लाइट लगी है और न ही कहीं पर ट्रैफिक बूथ बने हैं। सिग्नल लाइट न होने से चालक वाहनों को चौराहों पर इधर से उधर निकालते रहते हैं, जिससे जाम की स्थिति बनने के साथ ही दुर्घटना होने का खतरा बना रहता है। कुछ चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी रहती है, लेकिन ट्रैफिक बूथ न होने से वे अक्सर इधर-उधर खड़े रहते हैं। तेज धूप और बारिश से बचने के लिए आसपास की किसी दुकान में घुस जाते हैं। जिससे यातायात व्यवस्था रामभरोसे छोड़ दी जाती है। इसके चलते शहर की सड़कों पर ट्रिपल राइडिंग, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने और बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहन चलाकर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। हालांकि ट्रैफिक, पुलिस और एआरटीओ कार्यालय द्वारा समय-समय पर सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के दावे किए जाते हैं।
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कोट
शहर में प्रमुख चौराहे विजय चौक, अजंता चौक, रेलपार बाईपास, गुरुद्वारा तिराहे पर इलेक्ट्रिक ट्रैफिक सिगनल लाइट लगाने और ट्रैफिक बूथ बनाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। चौराहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की ड्यूूटी रहती है।
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- भंवर सिह, यातायात प्रभारी।