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Shamli News: बीनड़ा में एक ही परिवार के तीन सदस्य डेंगू पीड़ित
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बीनड़ा में परिवार के तीन सदस्य डेंगू पीड़ित
कैराना। क्षेत्र के गांव बीनड़ा में एक ही परिवार के तीन सदस्य डेंगू से पीड़ित हैं, जिनका हरियाणा में उपचार कराया जा रहा है। इसके अलावा भी बीनड़ा में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
क्षेत्र में जानलेवा डेंगू अब भी अपने पैर पसार रहा है। बीनड़ा निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि करीब 9 दिन पहले उसकी माता 55 वर्षीय केला देवी और 32 वर्षीय भाभी सुमन को बुखार आने पर पहले कैराना डॉक्टरों को दिखाया। दोनों की प्लेटलेट्स कम आने पर उन्हें हरियाणा के सनौली में प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने उन्हें डेंगू बताया। एक दिन पहले उनके पिता राजकुमार को भी डेंगू होने पर उन्हें भी सनौली भर्ती कराया गया है। उनके माता-पिता और भाभी का उपचार अभी भी सनौली में चल रहा है। श्रवण ने बताया कि गांव में अभी भी कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। करीब एक महीना पहले भी बीनड़ा में डेंगू के चलते 57 वर्षीय प्रधानाध्यापक की मौत हो गई थी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र चौरसिया ने बताया कि अस्पताल पर डेंगू की जांच के लिए किट उपलब्ध हैं। उन्हें बीनडा में डेंगू पॉजिटिव की जानकारी नहीं है। गांव में पहले भी कैंप लगाया गया था।
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कैराना। क्षेत्र के गांव बीनड़ा में एक ही परिवार के तीन सदस्य डेंगू से पीड़ित हैं, जिनका हरियाणा में उपचार कराया जा रहा है। इसके अलावा भी बीनड़ा में कई लोग बुखार से पीड़ित हैं।
क्षेत्र में जानलेवा डेंगू अब भी अपने पैर पसार रहा है। बीनड़ा निवासी श्रवण कुमार ने बताया कि करीब 9 दिन पहले उसकी माता 55 वर्षीय केला देवी और 32 वर्षीय भाभी सुमन को बुखार आने पर पहले कैराना डॉक्टरों को दिखाया। दोनों की प्लेटलेट्स कम आने पर उन्हें हरियाणा के सनौली में प्राइवेट हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। जहां डॉक्टरों ने उन्हें डेंगू बताया। एक दिन पहले उनके पिता राजकुमार को भी डेंगू होने पर उन्हें भी सनौली भर्ती कराया गया है। उनके माता-पिता और भाभी का उपचार अभी भी सनौली में चल रहा है। श्रवण ने बताया कि गांव में अभी भी कई लोग बुखार से पीड़ित हैं। करीब एक महीना पहले भी बीनड़ा में डेंगू के चलते 57 वर्षीय प्रधानाध्यापक की मौत हो गई थी। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शैलेंद्र चौरसिया ने बताया कि अस्पताल पर डेंगू की जांच के लिए किट उपलब्ध हैं। उन्हें बीनडा में डेंगू पॉजिटिव की जानकारी नहीं है। गांव में पहले भी कैंप लगाया गया था।
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