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Shamli News: ग्रामीण क्षेत्र के 50 हजार निर्मित शौचालयों का होगा सर्वे

Mon, 28 Nov 2022 11:42 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 28 Nov 2022 11:42 PM IST
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There will be a survey of 50 thousand constructed toilets in rural areas
ग्रामीण क्षेत्र के 50 हजार निर्मित शौचालयों का होगा सर्वे
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शामली। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जनपद में 50 हजार शौचालयों का सर्वे करने के लिए शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं और इसके लिए एडीओ पंचायत के नेतृत्व में टीम को लगाया जाएगा और उनकी वस्तुस्थिति का सत्यापन करते हुए रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इसके आधार पर शौचालयों की मरम्मत और उनके जीर्णोद्धार सहित अन्य कार्यों को परखा जाएगा। जांच करने के बाद टीम शासन को अपनी रिपोर्ट भेज देगी। सत्यापन के दौरान ऐसे लाभार्थी भी चिह्नित होंगे, जिन्होंने धनराशि पाने के बाद भी शौचालय को अधूरा छोड़ दिया है और यदि ऐसे लाभार्थी मिलते हैं तो उन पर कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त करने के लिए वर्ष 2014 में केंद्र सरकार ने स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत की थी, ताकि गरीबों के घर में शौचालय बन सकें और वह खुले में शौच न जा सकें। इससे गांव साफ सुथरा रहेगा और बीमारी भी नहीं फैलेगी। पंचायती राज विभाग ने लोगों को जागरूक कर अभियान से जोड़ते हुए शौचालय बनवाने की 12 हजार रुपये की धनराशि भेजी गई। पहले शौचालय निर्माण का जिम्मा पंचायतों को था, बाद में सीधे लाभार्थियों के खाते में कराया गया, ताकि लाभार्थी खुद ही शौचालय का निर्माण अपने अनुसार करा सकें और उनके खाते में धनराशि भेजे जाने लगी। कई क्षेत्रों में तो शौचालय निर्माण के नाम पर बड़ी अनियमितता सामने आई है तो कई जगहों पर धनराशि पूरी मिलने के बाद भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ था और लाभार्थी ने शौचालय की धनराशि को अपने कार्य में लगा थी। बाद में जांच की गई तो उनपर कार्रवाई की चेतावनी दी गई, जिसके बाद लाभार्थी ने शौचालय का निर्माण कराया।
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शुरुआत में शौचालय की डिजाइन भी अलग थी, जिसे बाद में संशोधित कर सेप्टिक टैंक, लोज पिट से जोड़ा गया। उधर, लंबा समय बीतने के बाद तमाम शौचालय क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे लोग उसका उपयोग नहीं कर पा रहे और फिर से खुले में शौच जाना शुरू कर दिया है। अब सरकार ने ऐसे शौचालयों का कायाकल्प करने का निर्णय लिया है और इसके लिए सर्वे कराया जाएगा। इसके मद्देनजर सरकार ने अभियान के तहत निर्मित सभी शौचालयों के सत्यापन का निर्देश दिया है। सत्यापन शुरू होने से शौचालय निर्माण में हुई गड़बड़ियां भी पकड़ में आने की संभावना जताई जा रही हैं।
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- जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी
एडीपीआरओ अरुण अत्री ने बताया कि जांच के लिए एडीओ पंचायत के साथ टीम को लगाया गया है और टीम जांच करने के बाद रिपोर्ट अपलोड करेंगी और फिर जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। जिनके शौचालय क्षतिग्रस्त हो गए हैं उनका निर्माण कराया जाएगा और उनके खाते में उसी के अनुसार धनराशि भेजी जाएगी। यदि कोई शिकायत मिलती है तो उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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