फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   'The sins of unintentional sins are painful'

अनजाने में किए गए पाप का फल दुखदाई होता है- विजय कौशल

Fri, 18 Oct 2019 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 18 Oct 2019 11:36 PM IST
विज्ञापन
'The sins of unintentional sins are painful'
शामली में श्री राम कथा करते विजय कौशल जी महाराज। - फोटो : SHAMLI
शामली। संत प्रवर विजय कौशल महराज ने श्रीराम कथा की अमृत वर्षा करते हुए कहा कि मरते समय उन्हीं लोगों की जुबान पर भगवान का नाम आता है, जो जीवन भर भगवान के नाम का संकीर्तन करते हैं। जब अनजाने में किए गए पाप का फल इतना दुखदाई होता है कि दशरथ जैसे धर्म धुरंधर गुणानिधि ज्ञानी को इतना तड़पाता है। तो जानबूझकर पाप करने वालों की अंत समय में क्या दशा होती होगी।
विज्ञापन

शुक्रवार को कैराना रोड स्थित जेजे फार्म में चल रही श्रीराम कथा के सातवें दिन आज संत प्रवर विजय कौशल महाराज राम के वन गमन के पश्चात अवध की दशा, महाराज दशरथ की मृत्यु तथा भरत के ननिहाल से लौटने के साथ भरत के चरित्र की कथा सुनाई। कथा प्रारंभ करते हुए संत प्रवर ने कहा कि राम, लक्ष्मण और सीता वन चले गए। वे चित्रकूट में निवास करने लगे। उधर सूना रथ लेकर जैसे ही सचिव सुमंत्र अयोध्या में लौटे, तो पूरी अयोध्या में शोक छा गया। राजा दशरथ विलाप करने लगे और राम को पुकारते पुकारते मूर्छित होकर धरती पर गिर गए, जैसे ही उन्हें होश आया तो अपने सामने एक वृद्ध दंपत्ति लाठी लिए खड़ी दिखाई दी, जो श्रवण कुमार के माता-पिता थे। दशरथ को श्रवण कुमार के वध की पूरी घटना याद आई और उन्होंने कौशल्या को सारी घटना सुनाई। महाराजा दशरथ ने अनजाने में श्रवण कुमार का वध किया था जब अनजाने में किए गए पाप का फल इतना दुखदायी होता है कि दशरथ को इतना तड़पाता है, तो जानबूझकर पाप करने वालों की अंत समय में क्या दशा होती होगी।
विज्ञापन

गोस्वामी तुलसीदास कहते हैं कि राजा दशरथ ने अपने मरण को सुधार लिया। उन्होंने लिखा ‘जीवन मरण फल दशरथ पावा’’ जीवित रहते हुए दशरथ ने श्री राम के चंद्र मुख को निहारा और अंत में मरते समय राम का नाम लेते हुए इस शरीर को त्याग दिया। बंधु और सुबंधु में अंतर बताते हुए कौशल महाराज ने कहा कि जो संपत्ति में साथ देता है, वह बंधु होता है लेकिन जो विपत्ति में साथ देता है वह सुबंधु होता है। आज की कथा में पूर्व विधायक राजेश्वर बंसल, अंजना बंसल, अखिल बंसल, सारिका बंसल, शिप्रा बंसल, एसपी शामली अजय कुमार पांडे , उनकी धर्मपत्नी, पूर्व आईजी विजय गर्ग, राजेंद्र प्रसाद आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed