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गोवंश की हालत बिगड़ने पर ग्रामीणों का हंगामा
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शामली के बाबरी गांव के श्मशान में बीमार गोवंश को देखते बीडीओ थानाभवन।
- फोटो : SHAMLI
बाबरी(शामली)। बाबरी के श्मशान में करीब एक माह से रखे गए गोवंश में से चार की हालत बिगड़ने पर ग्रामीणों ने हंगामा किया। डीएम के निर्देश पर बीडीओ, पशु चिकित्सक और ग्राम सचिव ने मौके पर पहुंचकर जांच की। चिकित्सक ने बारिश में ठंड के कारण गोवंश की हालत बिगड़ना बताया। इस पर बीमार गोवंश को बंतीखेड़ा गोशाला में शिफ्ट किया गया।
बाबरी के भंदोड़ा मार्ग स्थित श्मशान में एक माह पहले कई गोवंशों को ग्रामीणों ने बंद कर दिया था। प्रशासन के सुध न लेने पर ग्रामीणों ने गोवंश को शमशान से निकाल कर बाबरी पीएचसी में बंद कर दिया था। अधिकारियों के निर्देश पर गोवंश को फिर श्मशान में छोड़ दिया गया था। डीएम ने रघुनाथपुर में खाली पड़ी सरकारी भूमि पर गोशाला का निर्माण होने तक ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान को गोवंश के चारे-पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में श्मशान में 89 गोवंश रखे गए है। दो दिन से हो रही बारिश से श्मशान में पानी भर गया। भूख-प्यास केे चलते चार गोवंश की हालत बिगड़ गई। इसकी जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और डीएम को अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर बीडीओ डाक्टर पंकज कुमार, ग्राम पंचायत सचिव नीरज सैनी, पशु चिकित्सक डाक्टर अजय प्रताप मौके पर पहुंचे और बीमार गोवंश का उपचार किया। ग्रामीणों के हंगामे को देखते हुए बीमार चारों गोवंश को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बंतीखेड़ा गोशाला भेजा गया। इसके अलावा 13 छोटे गोवंश को बनत गोशाला में भिजवाया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो सप्ताह पूर्व करीब छह गोवंश की मौत हो चुकी है। आरोप है कि चारे-पानी की समुचित व्यवस्था न होने से गोवंश की मौत हुई है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव नीरज सैनी ने बताया कि पशुओं को खुले में बरसात के कारण ठंड लग गई है, जिनका उपचार कराया जा रहा है। उधर, बीडीओ थानाभवन डा. पंकज कुमार ने बताया कि बीमार चार गोवंश की हालत ठीक है।
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बाबरी के भंदोड़ा मार्ग स्थित श्मशान में एक माह पहले कई गोवंशों को ग्रामीणों ने बंद कर दिया था। प्रशासन के सुध न लेने पर ग्रामीणों ने गोवंश को शमशान से निकाल कर बाबरी पीएचसी में बंद कर दिया था। अधिकारियों के निर्देश पर गोवंश को फिर श्मशान में छोड़ दिया गया था। डीएम ने रघुनाथपुर में खाली पड़ी सरकारी भूमि पर गोशाला का निर्माण होने तक ग्राम सचिव और ग्राम प्रधान को गोवंश के चारे-पानी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। वर्तमान में श्मशान में 89 गोवंश रखे गए है। दो दिन से हो रही बारिश से श्मशान में पानी भर गया। भूख-प्यास केे चलते चार गोवंश की हालत बिगड़ गई। इसकी जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया और डीएम को अवगत कराया। डीएम के निर्देश पर बीडीओ डाक्टर पंकज कुमार, ग्राम पंचायत सचिव नीरज सैनी, पशु चिकित्सक डाक्टर अजय प्रताप मौके पर पहुंचे और बीमार गोवंश का उपचार किया। ग्रामीणों के हंगामे को देखते हुए बीमार चारों गोवंश को ट्रैक्टर-ट्रॉली में बंतीखेड़ा गोशाला भेजा गया। इसके अलावा 13 छोटे गोवंश को बनत गोशाला में भिजवाया। ग्रामीणों ने बताया कि करीब दो सप्ताह पूर्व करीब छह गोवंश की मौत हो चुकी है। आरोप है कि चारे-पानी की समुचित व्यवस्था न होने से गोवंश की मौत हुई है।
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इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव नीरज सैनी ने बताया कि पशुओं को खुले में बरसात के कारण ठंड लग गई है, जिनका उपचार कराया जा रहा है। उधर, बीडीओ थानाभवन डा. पंकज कुमार ने बताया कि बीमार चार गोवंश की हालत ठीक है।
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