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ईद पर भी नहीं उठा दूध का बाजार, मांग आधी से भी कम
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ईद पर भी नहीं बढ़ा दूध का बाजार, मांग आधी से भी कम
बिजनौर। लॉकडाउन में बैठे दूध के कारोबार को ईद पर भी सहारा नहीं मिल रहा है। ईद पर इस बार दूध की डिमांड एक चौथाई रह गई है। इसे लोगों की आमदनी में कमी व उलमाओं की ईद सादगी से मनाने की अपील को भी माना जा रहा है। बाजार में भीड़ भी कम दिखाई दे रही है।
ईद पर शीर सबकी पहली पसंद होती है। बाजार में दूध की बहुत डिमांड होती है। पराग डेरी द्वारा ईद से एक दिन पहले 20 से 25 हजार लीटर दूध बेचा जाता है। इसके अलावा मुस्लिम बाकी डेरी व आसपास के गांवों से भी दूध खरीदते हैं। लेकिन इस बार करीब दो महीने से लॉकडाउन होने से आम आदमी की आमदनी प्रभावित हुई है। साथ ही उलमाओं ने भी ईद सादगी से मनाने, नए कपड़े न बनाने व फिजूल खर्च न करने की अपील की है। इस बार पराग डेरी को ईद पर मुश्किल से पांच हजार लीटर दूध का ही ऑर्डर मिला है। पराग डेरी द्वारा आसपास के मुस्लिम मोहल्लों में दूध की बिक्री कराई जाएगी। काजीपाड़ा निवासी खालिद ने बताया कि अन्य साल के मुकाबले इस बार ईद पर खर्च करने का बजट नहीं है। वह इस बार ज्यादा लोगों से मिलने भी नहीं जाएंगे और घर पर भी बहुत कम लोगों के ही आने की उम्मीद है। इसी हिसाब से वह भी दूध कम ही खरीदेंगे। पराग डेरी के जीएम जेपी वाजपेयी ने बताया कि इस बार दूध का बाजार बहुत डाउन है। ईद पर दूध का ऑर्डर बहुत कम मिले हैं। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से ही दूध खरीद रहे हैं।
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बिजनौर। लॉकडाउन में बैठे दूध के कारोबार को ईद पर भी सहारा नहीं मिल रहा है। ईद पर इस बार दूध की डिमांड एक चौथाई रह गई है। इसे लोगों की आमदनी में कमी व उलमाओं की ईद सादगी से मनाने की अपील को भी माना जा रहा है। बाजार में भीड़ भी कम दिखाई दे रही है।
ईद पर शीर सबकी पहली पसंद होती है। बाजार में दूध की बहुत डिमांड होती है। पराग डेरी द्वारा ईद से एक दिन पहले 20 से 25 हजार लीटर दूध बेचा जाता है। इसके अलावा मुस्लिम बाकी डेरी व आसपास के गांवों से भी दूध खरीदते हैं। लेकिन इस बार करीब दो महीने से लॉकडाउन होने से आम आदमी की आमदनी प्रभावित हुई है। साथ ही उलमाओं ने भी ईद सादगी से मनाने, नए कपड़े न बनाने व फिजूल खर्च न करने की अपील की है। इस बार पराग डेरी को ईद पर मुश्किल से पांच हजार लीटर दूध का ही ऑर्डर मिला है। पराग डेरी द्वारा आसपास के मुस्लिम मोहल्लों में दूध की बिक्री कराई जाएगी। काजीपाड़ा निवासी खालिद ने बताया कि अन्य साल के मुकाबले इस बार ईद पर खर्च करने का बजट नहीं है। वह इस बार ज्यादा लोगों से मिलने भी नहीं जाएंगे और घर पर भी बहुत कम लोगों के ही आने की उम्मीद है। इसी हिसाब से वह भी दूध कम ही खरीदेंगे। पराग डेरी के जीएम जेपी वाजपेयी ने बताया कि इस बार दूध का बाजार बहुत डाउन है। ईद पर दूध का ऑर्डर बहुत कम मिले हैं। लोग अपनी जरूरत के हिसाब से ही दूध खरीद रहे हैं।
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