फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shamli News ›   The light of education on the darkness of poverty

Shamli News: गरीबी के अंधेरे पर शिक्षा की रोशनी का उजियारा

Tue, 04 Jul 2023 12:59 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 04 Jul 2023 12:59 AM IST
विज्ञापन
The light of education on the darkness of poverty
जलालाबाद के गांव हसनपुर में अपने छात्रों के बीच खड़े निशांत रोहिल्ला
अमर उजाला खास....
विज्ञापन

- हसनपुर लुहारी निवासी निशांत रोहिल्ला पिछले आठ साल से गरीब बच्चों को दे रहे मुफ्त कोचिंग

- बेसिक कंप्यूटर, इंग्लिश स्पीकिंग के साथ प्रतियोगी परीक्षा की मुफ्त कराते हैं तैयारी
- पुलिस से लेकर सेना में तैनात होकर नाम रोशन कर रहे 30 से अधिक शिष्य
अंकित सैनी

जलालाबाद। शिक्षा एक मौलिक अधिकार है। इस अधिकार से कोई वंचित नहीं रहना चाहिए और हर किसी को अपना यह हक पाने के लिए हर सतत प्रयास भी करना चाहिए। कुछ ऐसी ही मुहिम को आगे बढ़ा रहे हैं निशांत रोहिल्ला। निशांत सौ से अधिक गरीब बच्चों को फ्री कोचिंग देते हैं ताकि वह आगे चलकर अपना व देश का नाम रोशन कर सकें। पिछले आठ साल से वह जरूरतमंदों को निशुल्क शिक्षा दे रहे हैं।
हसनपुर लुहारी निवासी निशांत रोहिल्ला बताते हैं कि उनका गांव के एक मध्यम वर्गीय परिवार में जन्म हुआ। उन्होंने आईटीआई, बीकॉम, एमकॉम व बीटीसी की पढ़ाई की है। बताया कि मेरा बचपन से ही सपना था कि बड़ा होकर एक आदर्श शिक्षक बनना है। शिक्षा ग्रहण करने के बाद उन्होंने बच्चों को कंप्यूटर, इंग्लिश स्पीकिंग व प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए बच्चों को कोचिंग देनी शुरू की। उनके पास कई ऐसे बच्चे आए, जिनके परिवार की माली हालत काफी खराब थी। इसके बाद उन्होंने फैसला लिया कि आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को वह मुफ्त में कोचिंग देंगे। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले गरीब बच्चों के लिए मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा व इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स की शुरुआत की।
विज्ञापन

बताया कि इन दोनों वर्गों में उनके पास करीब 70 बच्चे ऐसे हैं। जिन्हें वह मुफ्त कंप्यूटर व इंग्लिश बोलना सिखाते हैं। इसके अलावा 70 बच्चे ऐसे हैं जिन्हें वह मुफ्त प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना सिखाते हैं। निशांत ने बताया कि हसनपुर लुहारी के साथ-साथ वह मुजफ्फरनगर जिले के चरथावल कस्बे में भी अपने कोचिंग सेंटर चलाते हैं। दोनों ही जगहों पर 500 से अधिक बच्चों को वह कोचिंग देते हैं। जिनमें से करीब डेढ़ सौ बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जाती है। उन्होंने बताया कि वह खुद भी सिविल सेवा व अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकते थे। लेकिन उनका सपना देश की नई पीढ़ी को उज्वल राह दिखाने का है। इसलिए उन्होंने कोचिंग देने को ही अपना भविष्य मान लिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेटियों की शिक्षा पर ध्यान हो केंद्रित

निशांत बताते हैं कि लड़कों के लिए तो शिक्षा की राह कई तरह से आसान हो जाती हैं। लेकिन खासकर बेटियों को इस राह में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गरीब परिवार तो छोड़ो सामान्य परिवार के लोग भी बेटियों को उच्च शिक्षा देने में हिचकते नजर आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में यह काफी देखने को मिलता है। फिलहाल इस संबंध में ग्रामीण इलाकों के अंदर जागरूकता लाने की जरूरत है। इसके लिए सभी को प्रयास करने होंगे।



पुलिस से लेकर सेना में तैनात होकर नाम रोशन कर रहे शिष्य
निशांत बताते हैं कि उनके पढ़ाए 50 से अधिक जरूरतमंद छात्र पुलिस, सेना और शिक्षा विभाग में तैनात होकर नाम रोशन कर रहे हैं। जबकि उम्मीद है कि जल्द ही अन्य भी कई शिष्य सरकारी नौकरियों में तैनात होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed