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चिकित्सक ही बीमार, कैसे होगा उपचार
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चिकित्सक ही बीमार, कैसे होगा उपचार
शामली। जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों के साथ ही अब कोरोना वायरस अस्पतालों में भी पहुंच गया है। इससे अस्पताल स्टॉफ के साथ ही मरीज भी सकते में आ गए हैं। जिले में तीन एसीएमओ, कांधला और कैराना सीएचसी के दो चिकित्सक और चार स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के संक्रमित होने से व्यवस्था चरमरा गई है।
कोरोना संक्रमण की चपेट में अब तक 50 बच्चे भी आ गए हैं। इनमें नवजात से लेकर 17 साल तक के किशोर भी शामिल हैं। सोमवार को ही सात किशोर संक्रमित मिले थे। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार डेढ़ से दो गुना दर से बढ़ने लगी है। इससे सर्वाधिक चिंता अब बच्चों की होने लगी है। क्योंकि अभी 15 साल से ऊपर के बच्चों को वैक्सीन ही लग रही है। इससे कम उम्र के बच्चों को संक्रमण से बचाना चुनौती है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि कोरोना वायरस का यह वैरिएंट खतरनाक रूप लेकर आया है। पहली व दूसरी लहर में कोरोना वायरस बच्चों की पहुंच से दूर था। लेकिन, यह वैरिएंट बच्चों को चपेट में ले रहा है। यही वजह है कि परिवार के एक सदस्य के संक्रमित होने पर सभी सदस्य संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
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शामली। जिले में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों के साथ ही अब कोरोना वायरस अस्पतालों में भी पहुंच गया है। इससे अस्पताल स्टॉफ के साथ ही मरीज भी सकते में आ गए हैं। जिले में तीन एसीएमओ, कांधला और कैराना सीएचसी के दो चिकित्सक और चार स्वास्थ्यकर्मियों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है। चिकित्सकों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों के संक्रमित होने से व्यवस्था चरमरा गई है।
कोरोना संक्रमण की चपेट में अब तक 50 बच्चे भी आ गए हैं। इनमें नवजात से लेकर 17 साल तक के किशोर भी शामिल हैं। सोमवार को ही सात किशोर संक्रमित मिले थे। जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार डेढ़ से दो गुना दर से बढ़ने लगी है। इससे सर्वाधिक चिंता अब बच्चों की होने लगी है। क्योंकि अभी 15 साल से ऊपर के बच्चों को वैक्सीन ही लग रही है। इससे कम उम्र के बच्चों को संक्रमण से बचाना चुनौती है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि कोरोना वायरस का यह वैरिएंट खतरनाक रूप लेकर आया है। पहली व दूसरी लहर में कोरोना वायरस बच्चों की पहुंच से दूर था। लेकिन, यह वैरिएंट बच्चों को चपेट में ले रहा है। यही वजह है कि परिवार के एक सदस्य के संक्रमित होने पर सभी सदस्य संक्रमण का शिकार हो रहे हैं।
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