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होली में अब नहीं रही पहले जैसी बात

Thu, 17 Mar 2022 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 17 Mar 2022 12:24 AM IST
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That era was something else, now Holi is not the same as before
ऋचा भारद्वाज। - फोटो : SHAMLI
वो जमाना कुछ और था, अब पहले जैसी नहीं रही होली
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शामली। होली पर्व को लेकर बच्चों में रंगों के पर्व को लेकर उत्साह दिखने लगा है। बुजुर्ग भी अपने बचपन की होली याद कर रहे हैं। जहां चार बुजुर्ग बैठ गए समझो शुरू हो गई होली के उस हुड़दंग पर चर्चा जो बड़ी शालीनता के साथ होता था।
बुजुर्गों का कहना है कि यह सच है कि समय के साथ त्योहारों के मायने भी बदल गए हैं। होली का तो स्वरूप ही बिगड़ गया है। शराब का चलन बढ़ने से होली के रंग में कब भंग हो जाए, कोई नहीं जानता। जहां रंग भरी पिचकारियां चलती हैं वहां बंदूकें आग उगलने लगती हैं।
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अब नहीं होती पहले जैसी होती
वो जमाना कुछ और था, अब पहले जैसी होली नहीं होती। शराब का चलन बढ़ने से झगड़ा हो जाता है। अपना बचपन याद है। उस जमाने में दस दिन पहले से रंगों की बौछार शुरू हो जाती थी। होली तो सभी गिले-शिकवे मिटा कर गले लगने का त्योहार था। अब तो इस दिन लोग रंजिश निकालते हैं। लड़ाई-झगड़ा हमारे जमाने में नहीं होते थे। - धर्मेंद्र सिंह, फतेहपुर।
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पहले नहीं होता था फूहड़ हुड़दंग
होली पर हुड़दंग तो हमारे जमाने में भी होता था, लेकिन फूहड़ हुड़दंग नहीं होता था। महिलाएं टोलियों में निकल कर रंग खेलने जातीं थीं। कई दिन पहले होली का उल्लास शुरू हो जाता था। बड़ों के सम्मान का पूरा ध्यान रखते थे और उनकी हर बात मानते थे। अब तो सब बदल गया है। होली में अब पहले जैसी बात नहीं रही। -जगबीरी देवी, कृष्णा कुंज।
होली की तैयारियों में जुटी महिलाएं
- होली को लेकर घर के सभी सदस्यों का उत्साह बढ़ जाता है। सभी घरों में तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इस दौरान धार्मिक और फाल्गुन गीत भी गाए जाते हैं। इस दिन लोग खासतौर से गुझिया, पापड़, हलवा बनाते हैं। -ऋचा भारद्वाज, दयानंद नगर।

- होली में सबसे ज्यादा गुझिया पसंद की जाती है। घर आने वाले मेहमानों के लिए गुझिया के अलावा मठरी व चाट भी बनाए जा रहे हैं। पिछली बार कोरोना के कारण होली का उल्लास कम था। इस बार बच्चों में भी काफी उत्साह है। - नेहा शर्मा, काका नगर।

नेहा शर्मा।

नेहा शर्मा।- फोटो : SHAMLI

धर्मेंद्र सिंह।

धर्मेंद्र सिंह।- फोटो : SHAMLI

जगबीरी।

जगबीरी।- फोटो : SHAMLI

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