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कार्यकाल खत्म, समस्याएं बरकरार
ब्यूराो /अमर उजाला, शामली
Updated Mon, 16 Jan 2017 12:21 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। पांच साल में कैराना विधानसभा क्षेत्र में भाजपा नेता एवं मौजूदा सांसद हुकुम सिंह 2014 तक विधायक रहे। उनके लोकसभा चुनाव जीतने के बाद उपचुनाव में सपा से नाहिद हसन विधायक चुने गए।
कार्यकाल समाप्त के बाद विधानसभा चुनाव में महारथी अपनी किस्मत अजमाने के लिए मैदान में आ गए हैं, लेकिन मौजूदा विधायक और उनसे पहले विधायक ने क्षेत्र के लिए क्या किया उसका हिसाब जनता खुद लेगी। कैराना विधानसभा क्षेत्र में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़के, परिवहन, कानून व्यवस्था, हरियाणा-यूपी सीमा विवाद ऐसी समस्याएं हैं, जो आज भी जस की तस हैं।
पिछले ढाई साल में कैराना में ताबड़तोड़ वारदात हुईं, रंगदारी मांगने और पलायन के मुद्दे पर कैराना की कश्मीर तक की तुलना की गई। भाजपा कैराना पलायन को चुनावी मुद्दा बनाकर जातीय समीकरण के आधार पर जीत दर्ज कराने की कोशिश कर सकती है। अन्य दल भी जातीय समीकरण के गणित का गुणा भाग करने में जुटे हैं। कैराना में बीते पांच साल भाजपा नेता हुकुम सिंह का कब्जा रहा है। वह हसन परिवार के हाजी अनवर को हराकर वर्ष 2012 में
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विधायक बने, 2014 तक वह विधायक रहे।
उनके कार्यकाल में तीन करोड़ रुपये की विधायक निधि प्राप्त हुई, जिसमें से दो करोड़ 94 लाख 91 हजार रुपये के पचास कार्य पूरे हो पाए। पांच लाख नौ हजार रुपये शेष बच गए थे। कैराना लोक सभा क्षेत्र से वर्ष 2014 में सांसद चुने जाने के बाद कैैैराना विधानसभा में उपचुनाव हुआ। जिसमें सांसद हुकुम सिंह के परिवार के अनिल चौहान मात्र 1100 मतों से चुनाव हार गए। हसन परिवार के नाहिद हसन कैराना से सपा की ओर से उपचुनाव में विधायक चुने गए।
नाहिद हसन के कार्य काल में तीन करोड़ 61 लाख 95 हजार रुपये के 89 कार्य पूरे हो पाए हैं। 97 लाख 78 हजार रुपये के 25 कार्य अब भी अधूरे हैं। कैराना विधायक को 9 लाख 73 हजार रुपये की धनराशि विधायक निधि में अतिरिक्त मिली है। हुकुम सिंह के सांसद चुने जाने के बाद उनके कार्यकाल की पांच लाख रुपये की विधायक निधि नाहिद हसन की विधायक निधि में समायोजित कर खर्च की गई। कैराना विधानसभा क्षेत्र में सीमा विवाद को लेकर विधान सभा क्षेत्र के किसानों का हरियाणा के किसानों से टकराव होता रहता है। इस विवाद का स्थायी हल आज तक नहीं तलाशा गया है।
मेरठ-करनाल के बिड़ौली से लेकर सहारनपुर जिले के गंगोह कस्बे को जोड़ने वाली सड़क और चौसाना से लेकर ऊन तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क खस्ता हाल में है। सहारनपुर जिले की सीमा से लेकर दिल्ली तक यमुना नदी के तटबंध को फोरलेन बनाने के लिए जनप्रतिनिधि द्वारा ध्यान नहीं दिया है। बाढ़ से बचाने लिए यमुना नदी के गांवों एवं मजरों को बचाने के लिए विधायक द्वारा खास कार्ययोजना तैयार नहीं कराई गई है। कैराना कस्बे में रोडवेज बस अड्डा बनाने का काम नहीं हो पाया है। बसे सड़कों पर सवारियों को उतारती और बैठाती हैं। जिससे जाम की समस्या बनी रहती है।
विधायक का दावा
विधायक नाहिद हसन का कहना है कि नवसृजित ऊन तहसील का निर्माण, ऊन-चौसाना, बिड़ौली-चौसाना समेत 22 सड़कें, कैराना विधानसभा क्षेत्र के 65 गांव डॉक्टर राममनोहर लोहिया ग्राम विकास योजना, जनेश्वर मिश्र योजना में 80-80 लाख रुपये के ज्यादा कार्य हुए हैं। एक हजार हैंडपंप लगवाए गए। केरटू-इस्सौपुर खुरगान, राजकीय इंटर कॉलेज, कैराना के रामड़ा रोड पर मॉडल विद्यालय, दथेड़ा में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज, 15 बिजलीघर का निर्माण कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र में विकास की गंगा बहाई है। अधूरे कार्य पूरा कराने की सूची डीआरडीए को सौंप दी गई है, सभी अधूरे कार्य के टेंडर हो चुके हैं।
विपक्ष का आरोप
कैराना उप चुनाव 2014 में कैराना विधायक नाहिद हसन से लगभग 1100 वोट से चुनाव हारे भाजपा नेता अनिल चौहान का कहना है कि विधायक अपने तीन साल में विकास कार्य कराने में पूरी तरह विफल रहे हैं। विधायक का विकास कराने से कोई लेना देना नहीं है। उनका काम सिर्फ निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का रहा है। कैराना विधानसभा क्षेत्र में नशा एवं अवैध हथियार का कारोबार उनके संरक्षण में चल रहा है।
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कार्यकाल समाप्त के बाद विधानसभा चुनाव में महारथी अपनी किस्मत अजमाने के लिए मैदान में आ गए हैं, लेकिन मौजूदा विधायक और उनसे पहले विधायक ने क्षेत्र के लिए क्या किया उसका हिसाब जनता खुद लेगी। कैराना विधानसभा क्षेत्र में बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़के, परिवहन, कानून व्यवस्था, हरियाणा-यूपी सीमा विवाद ऐसी समस्याएं हैं, जो आज भी जस की तस हैं।
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पिछले ढाई साल में कैराना में ताबड़तोड़ वारदात हुईं, रंगदारी मांगने और पलायन के मुद्दे पर कैराना की कश्मीर तक की तुलना की गई। भाजपा कैराना पलायन को चुनावी मुद्दा बनाकर जातीय समीकरण के आधार पर जीत दर्ज कराने की कोशिश कर सकती है। अन्य दल भी जातीय समीकरण के गणित का गुणा भाग करने में जुटे हैं। कैराना में बीते पांच साल भाजपा नेता हुकुम सिंह का कब्जा रहा है। वह हसन परिवार के हाजी अनवर को हराकर वर्ष 2012 में
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विधायक बने, 2014 तक वह विधायक रहे।
उनके कार्यकाल में तीन करोड़ रुपये की विधायक निधि प्राप्त हुई, जिसमें से दो करोड़ 94 लाख 91 हजार रुपये के पचास कार्य पूरे हो पाए। पांच लाख नौ हजार रुपये शेष बच गए थे। कैराना लोक सभा क्षेत्र से वर्ष 2014 में सांसद चुने जाने के बाद कैैैराना विधानसभा में उपचुनाव हुआ। जिसमें सांसद हुकुम सिंह के परिवार के अनिल चौहान मात्र 1100 मतों से चुनाव हार गए। हसन परिवार के नाहिद हसन कैराना से सपा की ओर से उपचुनाव में विधायक चुने गए।
नाहिद हसन के कार्य काल में तीन करोड़ 61 लाख 95 हजार रुपये के 89 कार्य पूरे हो पाए हैं। 97 लाख 78 हजार रुपये के 25 कार्य अब भी अधूरे हैं। कैराना विधायक को 9 लाख 73 हजार रुपये की धनराशि विधायक निधि में अतिरिक्त मिली है। हुकुम सिंह के सांसद चुने जाने के बाद उनके कार्यकाल की पांच लाख रुपये की विधायक निधि नाहिद हसन की विधायक निधि में समायोजित कर खर्च की गई। कैराना विधानसभा क्षेत्र में सीमा विवाद को लेकर विधान सभा क्षेत्र के किसानों का हरियाणा के किसानों से टकराव होता रहता है। इस विवाद का स्थायी हल आज तक नहीं तलाशा गया है।
मेरठ-करनाल के बिड़ौली से लेकर सहारनपुर जिले के गंगोह कस्बे को जोड़ने वाली सड़क और चौसाना से लेकर ऊन तहसील मुख्यालय को जोड़ने वाली सड़क खस्ता हाल में है। सहारनपुर जिले की सीमा से लेकर दिल्ली तक यमुना नदी के तटबंध को फोरलेन बनाने के लिए जनप्रतिनिधि द्वारा ध्यान नहीं दिया है। बाढ़ से बचाने लिए यमुना नदी के गांवों एवं मजरों को बचाने के लिए विधायक द्वारा खास कार्ययोजना तैयार नहीं कराई गई है। कैराना कस्बे में रोडवेज बस अड्डा बनाने का काम नहीं हो पाया है। बसे सड़कों पर सवारियों को उतारती और बैठाती हैं। जिससे जाम की समस्या बनी रहती है।
विधायक का दावा
विधायक नाहिद हसन का कहना है कि नवसृजित ऊन तहसील का निर्माण, ऊन-चौसाना, बिड़ौली-चौसाना समेत 22 सड़कें, कैराना विधानसभा क्षेत्र के 65 गांव डॉक्टर राममनोहर लोहिया ग्राम विकास योजना, जनेश्वर मिश्र योजना में 80-80 लाख रुपये के ज्यादा कार्य हुए हैं। एक हजार हैंडपंप लगवाए गए। केरटू-इस्सौपुर खुरगान, राजकीय इंटर कॉलेज, कैराना के रामड़ा रोड पर मॉडल विद्यालय, दथेड़ा में राजकीय कन्या डिग्री कॉलेज, 15 बिजलीघर का निर्माण कराया गया। उनका कहना है कि क्षेत्र में विकास की गंगा बहाई है। अधूरे कार्य पूरा कराने की सूची डीआरडीए को सौंप दी गई है, सभी अधूरे कार्य के टेंडर हो चुके हैं।
विपक्ष का आरोप
कैराना उप चुनाव 2014 में कैराना विधायक नाहिद हसन से लगभग 1100 वोट से चुनाव हारे भाजपा नेता अनिल चौहान का कहना है कि विधायक अपने तीन साल में विकास कार्य कराने में पूरी तरह विफल रहे हैं। विधायक का विकास कराने से कोई लेना देना नहीं है। उनका काम सिर्फ निर्दोष लोगों को झूठे मामलों में फंसाने का रहा है। कैराना विधानसभा क्षेत्र में नशा एवं अवैध हथियार का कारोबार उनके संरक्षण में चल रहा है।