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दूसरे दिन जाल में फंसे दस खूंखार बंदर
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कैराना मेंभ टीम द्वारा पकडे गये खुंखार बंदर
- फोटो : SHAMLI
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कैराना। मुजफ्फरनगर से बुलाई गई टीम ने शुक्रवार को दूसरे दिन कोतवाली में अपना जाल बिछाकर 10 खूंखार बंदरों को पकड़ लिया। बृहस्पतिवार को छह बंदर पकड़े गए थे।
मंगलवार की सुबह बंदरों के हमले से भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा की छत से गिर कर मौत हो गई थी। डीएम जसजीत कौर के निर्देश पर एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने बंदरों को पकड़ने के लिए मुजफ्फरनगर से चार सदस्यीय टीम को बुलाया था। बृहस्पतिवार को टीम ने तहसील परिसर में छह बंदरों को पकड़ कर दूर जंगल में छोड़ दिया था। शुक्रवार को टीम ने कोतवाली परिसर में अपना जाल बिछाया। केले, मूगंफली की गिरी व चनों के लालच में बंदर टीम के लगाए गए जाल में फंस गए। शाम तक टीम ने एक के बाद एक 10 बंदरों को पकड़ लिया।
टीम के सदस्य साजिद ने बताया कि वह बंदरों को बुढ़ाना से आगे पारसी के पुल के आसपास छोड़ रहे है जहां नदी के अलावा दूर तक घने जंगल भी हैं। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने बताया कि बंदर पकड़ने का अभियान अभी जारी रहेगा। रिहायशी इलाकों से भी बंदरों को पकड़ा जाएगा।
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कस्बे के लोगों में खौफ बरकरार
- नगर पालिका ने बंदरों को पकड़ने का अभियान भले ही शुरू कर दिया है। लेकिन अभी भी कस्बे के लोगों में बंदरों को लेकर दहशत व्याप्त है। बंदरों के हमले में भाजपा नेता की पत्नी की मौत के बाद सभासद के पैर की हड्डी टूटने के बाद लोग अपने घरों की छत पर जाने से भी डर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
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मंगलवार की सुबह बंदरों के हमले से भाजपा नेता अनिल चौहान की पत्नी सुषमा की छत से गिर कर मौत हो गई थी। डीएम जसजीत कौर के निर्देश पर एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने बंदरों को पकड़ने के लिए मुजफ्फरनगर से चार सदस्यीय टीम को बुलाया था। बृहस्पतिवार को टीम ने तहसील परिसर में छह बंदरों को पकड़ कर दूर जंगल में छोड़ दिया था। शुक्रवार को टीम ने कोतवाली परिसर में अपना जाल बिछाया। केले, मूगंफली की गिरी व चनों के लालच में बंदर टीम के लगाए गए जाल में फंस गए। शाम तक टीम ने एक के बाद एक 10 बंदरों को पकड़ लिया।
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टीम के सदस्य साजिद ने बताया कि वह बंदरों को बुढ़ाना से आगे पारसी के पुल के आसपास छोड़ रहे है जहां नदी के अलावा दूर तक घने जंगल भी हैं। एसडीएम उद्भव त्रिपाठी ने बताया कि बंदर पकड़ने का अभियान अभी जारी रहेगा। रिहायशी इलाकों से भी बंदरों को पकड़ा जाएगा।
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कस्बे के लोगों में खौफ बरकरार
- नगर पालिका ने बंदरों को पकड़ने का अभियान भले ही शुरू कर दिया है। लेकिन अभी भी कस्बे के लोगों में बंदरों को लेकर दहशत व्याप्त है। बंदरों के हमले में भाजपा नेता की पत्नी की मौत के बाद सभासद के पैर की हड्डी टूटने के बाद लोग अपने घरों की छत पर जाने से भी डर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।