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स्कूल नहीं थाने पहुंचे शिक्षक

Tue, 04 Jul 2017 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Tue, 04 Jul 2017 12:20 AM IST
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Teacher not arrived at the police station
revel - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। वित्तविहीन शिक्षक और कर्मचारियों को मिलने वाला मानदेय समाप्त किए जाने से शिक्षक और कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त हो गया। सोमवार को शिक्षकों और कर्मचारियों ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर तालाबंदी कर प्रदर्शन किया।
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फिर पैदल यात्रा करते हुए शामली कोतवाली पहुंचकर गिरफ्तारी दी। मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में चेतावनी दी कि यदि शिक्षक और कर्मचारियों का उत्पीड़न होगा, तो भूख हड़ताल    और आत्मदाह करने से भी पीछे   नहीं हटेंगे। 
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माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के बैनरतले शिक्षक और कर्मचारी सोमवार सुबह वीवी इंटर कॉलेज परिसर में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर एकत्र हुए। वहां तालाबंदी करने के बाद 10 सूत्रीय मांग संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक एसएन सिद्दीकी को   सौंपा।
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प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रधानाचार्या शर्मिष्ठा और संचालन संतोष ने किया। इस दौरान शिक्षक महासभा के जिलाध्यक्ष श्रवण कुमार भार्गव ने कहा कि शिक्षकों के हित को ध्यान में रखकर सरकार को नीति बनानी चाहिए। यदि प्रदेश सरकार शिक्षकों कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं करती है, तो जेल भरो आंदोलन ही नहीं, बल्कि भूख हड़ताल और आत्मदाह करने से भी पीछे नहीं रहेंगे। 

अनिल शर्मा ने कहा कि हमें संगठित रहते हुए अपनी मांग रखनी है। लाखन सिंह ने कहा कि ढाई लाख वित्तविहीन शिक्षकों का जीवन प्रदेश सरकार के फैसले के कारण अंधकारमय हो गया है। संगठन मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि प्रदेश में सरकारें आई और गई, लेकिन किसी ने भी वित्तविहीन शिक्षकों के बारे में नहीं सोचा। नरेश कुमार ने कहा कि शिक्षकों को सम्मानजनक वेतन दिलाया जाना चाहिए। 

इसके बाद नारेबाजी करते हुए बैनर हाथ में लेकर पैदल ही शामली कोतवाली शिक्षक पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि पूर्व घोषित  कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार की नीतियों के खिलाफ वह गिरफ्तारी देने आए हैं।


पुलिस ने शिक्षक और कर्मचारियों के नाम रजिस्टर में    दर्ज किए और फिर उन्हें थाने से      ही भेज दिया गया। इस दौरान  सीमा सहरावत, रेणुका भारद्वाज, नर्मदा सिंह, आशा, संगीता, सोनिया, पूजा, गीता, जूली, रानी, रजनी, कुसुम, अनंगपाल, नरेंद्र, प्रवीन, संजय, ओमप्रकाश, सुरेंद्र, मदन, फूल कुमार, शिवकुमार,    राजकुमार, राजवीर, कुलदीप, सुनीता, अनीता, सविता, राजबाला, विकास, कपिल और कविंद्र आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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