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मुआवजे के निर्धारण को लेकर चली डेढ़ घंटे वार्ता

Wed, 26 Oct 2016 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली Updated Wed, 26 Oct 2016 12:17 AM IST
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Talks lasted about a half hour to determine compensation
meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शामली। शामली बाईपास के लिए ली जाने वाली जमीन के विवादित मामलों पर मुआवजे की दर को लेकर उपशा और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों से वार्ता की। करीब डेढ़ घंटे चली वार्ता में किसानों के विचार और उनकी मांग जानी गईं। माना जा रहा है कि जिन स्थानों पर मुआवजे की दर निर्धारण पर आपत्ति            जताई जा रही है। वहां की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जल्दी ही संशोधित मुआवजे की दर घोषित हो सकती है।
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गौरतलब है कि शामली बाईपास के लिए ली जाने वाली जमीन के 182 बैनामे होने हैं, जिसमें से 146 बैनामे हो चुके हैं। बाकी 37 भू स्वामियों ने मुआवजे की दर को लेकर विरोध कर दिया था। 
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उसी का निस्तारण करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण के जीएम विजय सिंह चौधरी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार की टीम रविवार शाम से शामली में डेरा डाले हुए हैं। दो दिन तक उन्होंने मौके पर पहुंचकर किसानों की जमीन की स्थिति देखी। वहीं, मंगलवार को अपराह्न चार बजे कलक्ट्रेट सभागार में उपशा के अधिकारी और एसडीएम की मौजूदगी में किसानों के साथ          वार्ता हुई। 
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वार्ता में प्रत्येक किसान और प्लाट धारकों से उनकी जमीन के बारे में जानकारी ली गई। भूमि मालिकों ने स्पष्ट कहा कि मुआवजे की दर सर्किल रेट के आधार पर तय होनी चाहिए। उसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। किसान सतपाल पहलवान ने कहा कि लिंक मार्गों के मुआवजे में भी अंतर  बनाया हुआ है, जबकि दोनों एक समान होने चाहिए। कस्बा बनत के प्लाट धारकों ने कहा कि जिस भूमि को अकृषि घोषित कर बैनामे          कराए गए हैं, उनका मुआवजा भी अकृषि (आवासीय) की दर से ही दिलाया जाए।

प्लाट धारकों ने कहा कि राजस्व रिकार्ड में जिनके नाम भूमि दर्ज है, उन्हें मुआवजा नहीं दिया जाए, बल्कि मौजूदा भू स्वामी को ही मुआवजा दिलाया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से उन किसानों से भी वार्ता हुई, जिन्होंने प्लाट बेच दिए मगर भू राजस्व रिकार्ड में उन्हीं का नाम दर्ज है। उन्होंने भी मौजूदा भू स्वामियों को ही मुआवजा देने पर सहमति जताई है। 


करीब डेढ़ घंटा तक वार्ता चली, जिसके बाद अधिकारियों ने कहा कि मौके की स्थिति को देखते हुए कुछ किसानों की भूमि की मुआवजा दर में परिवर्तन कराया जाएगा। उम्मीद है कि संशोधित मुआवजा दर जल्दी ही जारी कराई जाएगी। इस दौरान मुख्य रूप से आयोजित बैठक में शामिल होने वालों में महिपाल सिंह बनत, मास्टर सेवाराम, सुरेंद्र सिंह, शामली से सतपाल सिंह, राकेश वर्मा, भोपाल सिंह, जितेंद्र, सेंहटा से राज सिंह, रामचंद्र, धनवीर, महेंद्र सिंह, वीरपाल, धीरपाल, सतेंद्र, निरंजन आदि मौजूद रहे।
 
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