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जिले में लगातार बढ़ रही गन्ने की मिठास

Mon, 27 Jun 2022 11:39 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 27 Jun 2022 11:39 PM IST
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Sweetness of sugarcane growing in the district
इस साल 2554 हेक्टेयर गन्ने का रकबा बढ़ा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फोटो समाचार
शामली। चीनी मिलों के समय से गन्ना मूल्य भुगतान न करने के बावजूद किसानों का फसल से मोहभंग नहीं हो रहा है। जिले में गन्ने का रकबा पिछले साल के मुकाबले 2 हजार 554 हेक्टेयर बढ़ गया है। जिससे अगले पेराई सत्र में जिले की चीनी मिलों पर और दबाव बढ़ेगा।
इस साल थानाभवन चीनी मिल 27 अप्रैल, ऊन मिल सात मई और शामली चीनी मिल 17 मई को पेराई सत्र खत्म करके बंद हो गई थीं। नए पेराई सत्र की तैयारी के मद्देनजर चीनी मिलों और गन्ना विभाग की संयुक्त टीमों ने गन्ने का सर्वे 25 अप्रैल से 20 जून तक जीपीएस से कराया। इसके आंकड़ों के मुताबिक पिछले सत्र की तुलना में जिले में शामली, थानाभवन व ऊन गन्ना परिषद क्षेत्र के 306 गांवों में 79 हजार 801 हेक्टेयर रकबे में गन्ना बोया गया है। जिसमें 37 हजार 162 हेक्टेयर में पौधा व 42 हजार 639 हेक्टेयर में पैड़ी शामिल है। पिछले साल 77 हजार 247 हेक्टेयर गन्ने का रकबा था। इस साल 2 हजार 554 हेक्टयर यानि 3.31 फीसदी रकबा बढ़ा है।
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जोखिम भरी नहीं गन्ने की खेती
डीसीओ विजय बहादुर सिंह का कहना है कि इस बार ज्यादा गन्ने की बुआई हुई है। दूसरी फसलों के खराब होने से किसानों को लागत जाने का डर रहता है। गन्ने की खेती में जोखिम बहुत कम है। गन्ने की फसल उधार में दिए जाने के बाद भी किसानों का पैसा सुरक्षित रहता है। इसीलिए क्षेत्रफल बढ़ रहा है।
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दूसरी फसलों का नहीं होता मूल्य निर्धारित
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक व गन्ना विशेषज्ञ डॉ. विकास मलिक का कहना है कि जिले में बासमती धान ज्यादा होता है। जिसका मूल्य निर्धारित नहीं है। बीमारियां बढ़ जाने से उत्पादन घटता-बढ़ता है। गन्ने की फसल का मूल्य निर्धारित होता है। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में किसानों को बीमारियां आने के बाद भी निर्धारित मूल्य मिल जाता है। इसलिए किसानों का गन्ने से मोहभंग नहीं हो रहा है।

जिले की चीनी मिलों पर 750.78 करोड़ रुपये बकाया
जिले में गन्ने का पेराई सत्र समाप्त हुए करीब एक माह 10 दिन गुजर चुके हैं। अभी चीनी मिलों पर 750.78 करोड़ रुपये बकाया हैं। शामली मिल पर लगभग 279 करोड़, ऊन मिल पर 198.71 करोड़ रुपये और थानाभवन मिल पर 273.07 करोड़ रुपये बकाया हैं।
पेराई सत्र सर्वेक्षण वर्ष 2022-23 (पौधा व पेड़ी हेक्टेयर में)
गन्ना परिषद मिल गांव पौधा पैडी योग
शामली शामली 58 9437 12384 21821
ऊन 47 4186 4203 8389
थानाभवन 34 4904 4762 9666
खतौली 6 1192 1390 2582
तितावी 28 4132 5810 9942
भैसाना 01 207 240 447
थानाभवन गन्ना परिषद
थानाभवन 59 603 6829 4432
ऊन 04 347 423 770
तितावी 02 134 127 261
ऊन गन्ना परिषद
ऊन 67 6020 6471 12491
कुल योग परिषद 306 37162 42639 79801
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