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हरियाणा-पंजाब की तर्ज पर घोषित हो गन्ना मूल्य

Sun, 13 Nov 2022 06:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Nov 2022 06:00 AM IST
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Sugarcane price should be declared on the lines of Haryana-Punjab
शामली गन्ने से संबंधित परिचर्चा फोटो सवित मलिक। - फोटो : SHAMLI
शामली। पंजाब में गन्ना मूल्य 380 रुपये प्रति क्विंटल घोषित होने के बाद जिले के किसान प्रदेश सरकार पर गन्ना मूल्य हरियाणा-पंजाब की तर्ज पर गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग उम्मीद लगाए हैं। पिछले साल यूपी में गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल, हरियाणा में 362 रुपये प्रति क्विंटल और पंजाब में 360 रुपये प्रति क्विंटल था। इस साल नए गन्ना पेराई सत्र में पंजाब राज्य ने पिछले से बीस रुपये की बढ़ोत्तरी करके नया गन्ना मूल्य 380 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करके उत्तर भारत में सबसे अधिक गन्ना मूल्य देने वाला राज्य बन गया है।
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उत्तर प्रदेश से हरियाणा में 12 रुपये और पंजाब में दस रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य अधिक था। पिछले साल यूपी सरकार ने गन्ना मूल्य दस रुपये बढ़ोत्तरी की गई थी। इस साल हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गन्ना मूल्य की कोई भी बढ़ोत्तरी नहीं की गई है। गन्ना विभाग के आंकडो के मुताबिक पिछले साल यूपी में गन्ना मूल्य 350 रुपये प्रति क्विंटल, हरियाणा में 362 रुपये प्रति क्विंटल और पंजाब में 360 रुपये प्रति क्विंटल था। इस साल गन्ना पेराई सत्र 12 दिन से शुरू हो गया है। पंजाब सरकार ने गन्ना मूल्य में बीस रुपये बढ़ोत्तरी करके 380 रुपये प्रति क्विंटल घोषित कर दिया है। जबकि उत्तर प्रदेश में चीनी मिलों की ओर से गन्ना पर्ची पर मूल्य अंकित नहीं किया जा रहा है। जिले के किसान इस साल गन्ना मूल्य हरियाणा-पंजाब की तर्ज पर देने की मांग कर रहे है।
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किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सवित मलिक का कहना है कि पंजाब में 380 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित हो चुका है। लेकिन उत्तर प्रदेश की सरकार ने इस साल अभी तक गन्ना मूल्य घोषित नहीं किया है। किसान अपना गन्ना सरकार के भरोसे पर मिलों में आपूर्ति कर रहा है। पिछले 6 साल में मात्र 35 पैसे किलो उत्तर प्रदेश के अंदर गन्ने का भाव बढ़ा है। जिसमें कृषि यंत्र, दवा, बीज, डीजल, बिजली के दाम कई गुना अधिक बढ़ोतरी हुई है। अगर पिछले 2 साल का ही अनुमान लगा लें तो खेती में 20 प्रतिशत की लागत में बढ़ोतरी हुई है, लेकिन गन्ना किसान को कोई भी लाभ सरकार की तरफ से नहीं मिला है।
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सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. सुधीर पंवार का कहना है कि हरियाणा और पंजाब से अधिक चीनी रिकवरी होने के बाद भी उप्र में गन्ना मूल्य इन दोनों राज्यों से कम है। पंजाब सरकार ने इस सत्र के लिए 380 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित किया है। इस सत्र में चीनी व इथेनॉल के मूल्य पिछले साल से अधिक होने के कारण चीनी उद्योग के पास गन्ना मूल्य बढ़ाए। पंजाब हरियाणा की तर्ज पर यूपी सरकार गन्ना मूल्य घोषित करें।
किसान लुट-पिट रहा है, सरकार तोडे़ में है
भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत का कहना कि मौजूदा भाजपा की सरकार में किसान लुट रहा है। किसानों को वाजिब दाम नहीं मिल रहा है। यदि सरकार तोडे़ में चल रही है तो वह किसानों से गन्ना मूल्य में चार-पांच रुपये कटौती कर लें।

प्रजाति गन्ना
- गत वर्ष का यूपी में गन्ना मूल्य अगेती- 350 रुपये क्विंटल
मध्यम प्रजाति 340 रुपये प्रति क्विंटल
रिजेक्ट प्रजाति 335 रुपये प्रति क्विंटल
-गत वर्ष का हरियाणा का गन्ना मूल्य- 362 रुपये प्रति क्विंटल
- गत वर्ष का पंजाब का गन्ना मूल्य- 360 रुपये प्रति क्विंटल
-पंजाब का इस साल का गन्ना मूल्य- 380 रुपये प्रति क्विंटल

शामली गन्ने से संबंधित परिचर्चा फोटो भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत।

शामली गन्ने से संबंधित परिचर्चा फोटो भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत।- फोटो : SHAMLI

शामली गन्ने से संबंधित परिचर्चा फोटो  सपा नेता डॉ. सुधीर पंवार।

शामली गन्ने से संबंधित परिचर्चा फोटो सपा नेता डॉ. सुधीर पंवार।- फोटो : SHAMLI

गुलावठी में हुए सड़क हादसे में मारे गए पंजाबी कॉलोनी निवासी गुरनाम का फाइल  फोटो।

गुलावठी में हुए सड़क हादसे में मारे गए पंजाबी कॉलोनी निवासी गुरनाम का फाइल फोटो।- फोटो : SHAMLI

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