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Shamli News: गन्ना फसल सुरक्षा को लेकर खेतों में पहुंचे चीनी मिल अधिकारी
Sat, 06 Jun 2026 01:21 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sat, 06 Jun 2026 01:21 AM IST
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भैंसवाल में किसानों के खेत में फसल का जायजा लेते चीनी मिल के अधिकारी। शुगर मिल
शामली। शामली चीनी मिल के अधिकारी व कर्मचारी इन दिनों गन्ना फसल की सुरक्षा को लेकर लगातार खेतों में पहुंचकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
शुक्रवार को मिल अधिकारियों ने लिलौन, भैंसवाल, लिसाढ़ के किसानों के खेतों का जायजा लिया। किसानों के खेतों में इस समय गन्ने की पत्तियों पर सफेद और लाल रंग के धब्बे दिखाई दे रहे हैं, जो माइट (कीट) के आक्रमण के संकेत हैं। अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि इसके नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड, सल्फर एवं अन्य अनुशंसित दवाओं का निर्धारित मात्रा में छिड़काव किया जाए।
इसके साथ ही खेतों में उगी घास को समय रहते हटाने की अपील की गई है, क्योंकि घास में छिपे कीट बाद में पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
महाप्रबंधक (गन्ना) सतीश बालियान ने किसानों से कहा कि वे खरपतवार नाशक दवाओं का अनावश्यक प्रयोग न करें, क्योंकि इससे गन्ने की बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन में कमी आ सकती है। उन्होंने किसानों को निराई-गुड़ाई जैसे पारंपरिक तरीकों को अपनाने की सलाह दी। चोटी बेधक कीट की रोकथाम के लिए भी समय पर उचित दवाओं के उपयोग की जानकारी दी गई। उप गन्ना प्रबंधक दीपक राणा ने कहा कि सभी आवश्यक दवाएं मिल परिसर के स्टोर पर उपलब्ध हैं और किसान केवल वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही उनका उपयोग करें, ताकि फसल को सुरक्षित रखा जा सके और उत्पादन बेहतर हो सके।
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शुक्रवार को मिल अधिकारियों ने लिलौन, भैंसवाल, लिसाढ़ के किसानों के खेतों का जायजा लिया। किसानों के खेतों में इस समय गन्ने की पत्तियों पर सफेद और लाल रंग के धब्बे दिखाई दे रहे हैं, जो माइट (कीट) के आक्रमण के संकेत हैं। अधिकारियों ने किसानों को सलाह दी है कि इसके नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड, सल्फर एवं अन्य अनुशंसित दवाओं का निर्धारित मात्रा में छिड़काव किया जाए।
इसके साथ ही खेतों में उगी घास को समय रहते हटाने की अपील की गई है, क्योंकि घास में छिपे कीट बाद में पूरी फसल को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
महाप्रबंधक (गन्ना) सतीश बालियान ने किसानों से कहा कि वे खरपतवार नाशक दवाओं का अनावश्यक प्रयोग न करें, क्योंकि इससे गन्ने की बढ़वार प्रभावित होती है और उत्पादन में कमी आ सकती है। उन्होंने किसानों को निराई-गुड़ाई जैसे पारंपरिक तरीकों को अपनाने की सलाह दी। चोटी बेधक कीट की रोकथाम के लिए भी समय पर उचित दवाओं के उपयोग की जानकारी दी गई। उप गन्ना प्रबंधक दीपक राणा ने कहा कि सभी आवश्यक दवाएं मिल परिसर के स्टोर पर उपलब्ध हैं और किसान केवल वैज्ञानिक सलाह के अनुसार ही उनका उपयोग करें, ताकि फसल को सुरक्षित रखा जा सके और उत्पादन बेहतर हो सके।
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