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आम जनता बेहाल, सरकारी कोष मालामाल
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, शामली
Updated Sat, 12 Nov 2016 12:53 AM IST
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public news
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। बकाया बिल वसूलने के लिए विद्युत विभाग कैंप लगाता था। खूब प्रचार करता था, पर अपेक्षित वसूली नहीं हो पाती थी। नगर निकायों में भी टैक्स वसूली कम होने की शिकायतें अक्सर मीटिंगों में मुद्दा बनती थी, तो ऋण जमा कराने के लिए भी बैंक वालों को भी खूब मशक्कत करनी पड़ती थी, मगर 500, 1000 के नोट बंद करने के मोदी के फैसले ने ऐसा कमाल किया कि सरकारी कोष मालामाल हो गए। टैक्स, बिजली बिल और ऋण की अदायगी एकाएक कई गुना बढ़ गई है।
जिले में प्रतिदिन की विद्युत बिल भुगतान करीब 15 से 17 लाख रुपये हो पाती थी। इसके लिए भी निगम को कैंपों का आयोजन कर उपभोक्ताओं को जागरूक करना पड़ता था, मगर दो दिन से विद्युत विभाग की तिजोरी नोटों से लबालब हो गई है। बृहस्पतिवार को विद्युत विभाग ने 45 लाख रुपये बिल भुगतान जमा किया, तो शुक्रवार को यह राशि तीन गुना बढ़कर एक करोड़ 47 लाख रुपये तक पहुंच गई।
विद्युत वितरण के अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बिल भुगतान के रूप में एक करोड़ 47 लाख रुपये जमा कराए गए। आने वाले दिनों में यह और बढ़ सकती है।
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उधर, नगरपालिका परिषद शामली के टैक्स विभाग में जानकारी की गई, तो वहां लोग पिछला रुका हुआ टैक्स भी जमा कराने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को विजय चौक के पास नगरपालिका की दुकान के किराएदार प्रवीण कुमार ने मार्च 2017 तक का किराया जमा कराया। इस तरह एडवांस टैक्स जमा कराने वाले अन्य लोग भी पालिका पहुंच रहे हैं। इसी तरह बैंकों से ऋण लेने वाले लोग भी खुद ब खुद बकायादारी जमा कराने पहुंचने लगे हैं। लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को ऋण खातों में भी बड़ी संख्या में धनराशि जमा हुई।
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जिले में प्रतिदिन की विद्युत बिल भुगतान करीब 15 से 17 लाख रुपये हो पाती थी। इसके लिए भी निगम को कैंपों का आयोजन कर उपभोक्ताओं को जागरूक करना पड़ता था, मगर दो दिन से विद्युत विभाग की तिजोरी नोटों से लबालब हो गई है। बृहस्पतिवार को विद्युत विभाग ने 45 लाख रुपये बिल भुगतान जमा किया, तो शुक्रवार को यह राशि तीन गुना बढ़कर एक करोड़ 47 लाख रुपये तक पहुंच गई।
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विद्युत वितरण के अधीक्षण अभियंता एके सिंह ने बताया कि शुक्रवार को बिल भुगतान के रूप में एक करोड़ 47 लाख रुपये जमा कराए गए। आने वाले दिनों में यह और बढ़ सकती है।
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उधर, नगरपालिका परिषद शामली के टैक्स विभाग में जानकारी की गई, तो वहां लोग पिछला रुका हुआ टैक्स भी जमा कराने पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को विजय चौक के पास नगरपालिका की दुकान के किराएदार प्रवीण कुमार ने मार्च 2017 तक का किराया जमा कराया। इस तरह एडवांस टैक्स जमा कराने वाले अन्य लोग भी पालिका पहुंच रहे हैं। इसी तरह बैंकों से ऋण लेने वाले लोग भी खुद ब खुद बकायादारी जमा कराने पहुंचने लगे हैं। लीड बैंक मैनेजर हरपाल सिंह तोमर ने बताया कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को ऋण खातों में भी बड़ी संख्या में धनराशि जमा हुई।