{"_id":"5e3472e08ebc3e4b636062bf","slug":"such-incidents-happen-due-to-ignoring-standards-shamli-news-mrt4665995144","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानकों की अनदेखी से होती है घटनाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानकों की अनदेखी से होती है घटनाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मानकों की अनदेखी से होती हैं ऐसी घटनाएं
शामली/थानाभवन। पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगने से पांच लोगों की मौत के बाद फिर से पटाखा फैक्टरियों के मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फैक्टरियों को लाइसेंस देते समय मानकों का पालन नहीं करने और बाद में भी जांच में बरती जाने वाली लापरवाही ऐसे हादसों के लिए जिम्मेदार है।
दरअसल, इन फैक्टरियों को लाइसेंस देेते वक्त मानकों को दरकिनार किया जाता है। पिछले साल थानाभवन में हुई घटना के बाद जिले भर में लाइसेंस से चल रही पटाखा फैक्टरियों की जांच के नाम पर खानापूर्ति हुई। गढीपुख्ता में भी पटाखा फैक्टरी हैं। इनमें कई के पास लाइसेंस हैं। थानाभवन में भी ये काम बड़े स्तर पर होता है, लेकिन मानकों की अनदेखी हर जगह होती है। कांधला में छह साल पहले भी पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से कई मौतें हुई थी। थानाभवन कस्बे की भी 50 हजार की आबादी है और यहां पटाखा बनाने के 13 लाइसेंस हैं। मोहल्ला छिपियान, रेत्ती, शाहविलायत, तिलग्रान व बंदागढ़ में सैकड़ों घरों में अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा है। इतना ही नहीं, पूर्व में हुए छह हादसों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
---- ये है सुरक्षा मानक
- रेत से भरी बाल्टियां उपलब्ध रहनी चाहिए।
- आग बुझाने के कम से कम चार सिलिंडर।
- 24 घण्टे पानी की उपलब्धता। पानी से भरी हौज।
- जो भी विस्फोटक खरीदा जाए वह अनुबंधित दुकान से हो
- विस्फोटक का रिकॉर्ड स्टॉक रजिस्टर में अंकित होना चाहिए।
- विस्फोटक का निस्तारण करने के लिए अलग से पानी की व्यवस्था।
- प्लांट से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था।
- लाइसेंस का नियमित नवीनीकरण। प्लांट आबादी से दूर हो।
----- थानाभवन कस्बे में हादसे
2019 - मोहल्ला रेत्ती में कूड़े के ढेर में विस्फोट होने से सफाई कर्मी की पत्नी हुई घायल।
2018 - मोहल्ला हाफिजदोस्त में कूड़ा उठाते समय विस्फोट होने से सफाई कर्मचारी झुलसा।
2014 - मोहल्ला छिपियान के एक घर में विस्फोट होने से एक वृद्धा की मौत।
2013 - मोहल्ला छिपियान में एक घर में पटाखों में विस्फोट होने से दो लोगों की मौत व आधा दर्जन घायल
2011 - नई घासमंडी के एक घर में डिबिया गिरने से पटाखों में विस्फोट, महिला व लड़की बुरी तरह झुलसी।
2007 - मोहल्ला छिपियान में एक फैक्टरी में विस्फोट होने से एक दर्जन लोग झुलसे। छत क्षतिग्रस्त
विज्ञापन
शामली/थानाभवन। पटाखा फैक्टरी में भीषण आग लगने से पांच लोगों की मौत के बाद फिर से पटाखा फैक्टरियों के मानकों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फैक्टरियों को लाइसेंस देते समय मानकों का पालन नहीं करने और बाद में भी जांच में बरती जाने वाली लापरवाही ऐसे हादसों के लिए जिम्मेदार है।
दरअसल, इन फैक्टरियों को लाइसेंस देेते वक्त मानकों को दरकिनार किया जाता है। पिछले साल थानाभवन में हुई घटना के बाद जिले भर में लाइसेंस से चल रही पटाखा फैक्टरियों की जांच के नाम पर खानापूर्ति हुई। गढीपुख्ता में भी पटाखा फैक्टरी हैं। इनमें कई के पास लाइसेंस हैं। थानाभवन में भी ये काम बड़े स्तर पर होता है, लेकिन मानकों की अनदेखी हर जगह होती है। कांधला में छह साल पहले भी पटाखा फैक्टरी में विस्फोट से कई मौतें हुई थी। थानाभवन कस्बे की भी 50 हजार की आबादी है और यहां पटाखा बनाने के 13 लाइसेंस हैं। मोहल्ला छिपियान, रेत्ती, शाहविलायत, तिलग्रान व बंदागढ़ में सैकड़ों घरों में अवैध रूप से पटाखे बनाने का काम चल रहा है। इतना ही नहीं, पूर्व में हुए छह हादसों में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं।
विज्ञापन
---- ये है सुरक्षा मानक
- रेत से भरी बाल्टियां उपलब्ध रहनी चाहिए।
- आग बुझाने के कम से कम चार सिलिंडर।
- 24 घण्टे पानी की उपलब्धता। पानी से भरी हौज।
- जो भी विस्फोटक खरीदा जाए वह अनुबंधित दुकान से हो
- विस्फोटक का रिकॉर्ड स्टॉक रजिस्टर में अंकित होना चाहिए।
- विस्फोटक का निस्तारण करने के लिए अलग से पानी की व्यवस्था।
- प्लांट से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की व्यवस्था।
- लाइसेंस का नियमित नवीनीकरण। प्लांट आबादी से दूर हो।
----- थानाभवन कस्बे में हादसे
2019 - मोहल्ला रेत्ती में कूड़े के ढेर में विस्फोट होने से सफाई कर्मी की पत्नी हुई घायल।
2018 - मोहल्ला हाफिजदोस्त में कूड़ा उठाते समय विस्फोट होने से सफाई कर्मचारी झुलसा।
2014 - मोहल्ला छिपियान के एक घर में विस्फोट होने से एक वृद्धा की मौत।
2013 - मोहल्ला छिपियान में एक घर में पटाखों में विस्फोट होने से दो लोगों की मौत व आधा दर्जन घायल
2011 - नई घासमंडी के एक घर में डिबिया गिरने से पटाखों में विस्फोट, महिला व लड़की बुरी तरह झुलसी।
2007 - मोहल्ला छिपियान में एक फैक्टरी में विस्फोट होने से एक दर्जन लोग झुलसे। छत क्षतिग्रस्त