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Shamli News: छात्र-छात्राओं ने गांव में किया सर्वेक्षण, किसानों की जानी समस्या
Tue, 08 Oct 2024 02:51 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Tue, 08 Oct 2024 02:51 AM IST
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शामली। कृषि संकाय आरके (पीजी) कॉलेज के सप्तम सेमेस्टर के छात्र- छात्राओं ने टिटौली गांव में रूरल एग्रीकल्चर वर्क एक्सपीरियंस प्रोग्राम के तहत टोलीवार विभिन्न आर्थिक स्तर के कृषकों का सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण के दौरान किसानों ने पिछले दो सालों से गन्ने का भुगतान न मिलने के कारण कृषि लागतों की व्यवस्था करने में असमर्थता जताई। विगत 10 वर्षों में टिटौली गांव में भूमिगत जलस्तर 55 फुट से गिरकर 85 फुट चला गया है, जो अत्यंत चिंता का विषय है।
कृषि संकाय के प्राध्यापकों ने किसानों को आग्रह के साथ सुझाव दिया कि किसान कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाए व अनावश्यक सिंचाई से बचे। विद्यार्थिओं ने किसानों के औसत जोत आकर, संसाधन उपलब्धता, कृषि तकनीकी अंगीकरण, कृषि आय में विविध कृषि उद्दमों की प्रतिशत भागीदारी, फसलों में बिमारी व उनका प्रबंधन, उन्नत बीजों का चयन व उत्पादन, मृदा उर्वारता प्रबंधन तथा विकार निवारण, दुधारू पशुओं में चारा व राशन प्रबंधन तथा कृषि में उद्यमिता विकास हेतु एकीकृत कृषि उद्यम प्रबंधन के लाभ व संभावनाओं से संबंधित आंकड़े संग्रहित किए। सर्वेक्षण अभियान में प्रो. एमके जल्ली, प्रो. रजनी रानी, प्रो. पीके सिंह, डा. गजराम सिंह, डा. गीता देवी, एसके श्रोती, डा. स्नेहा सिंह, डा. अजय कुमार सिंह रहे।
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कृषि संकाय के प्राध्यापकों ने किसानों को आग्रह के साथ सुझाव दिया कि किसान कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाए व अनावश्यक सिंचाई से बचे। विद्यार्थिओं ने किसानों के औसत जोत आकर, संसाधन उपलब्धता, कृषि तकनीकी अंगीकरण, कृषि आय में विविध कृषि उद्दमों की प्रतिशत भागीदारी, फसलों में बिमारी व उनका प्रबंधन, उन्नत बीजों का चयन व उत्पादन, मृदा उर्वारता प्रबंधन तथा विकार निवारण, दुधारू पशुओं में चारा व राशन प्रबंधन तथा कृषि में उद्यमिता विकास हेतु एकीकृत कृषि उद्यम प्रबंधन के लाभ व संभावनाओं से संबंधित आंकड़े संग्रहित किए। सर्वेक्षण अभियान में प्रो. एमके जल्ली, प्रो. रजनी रानी, प्रो. पीके सिंह, डा. गजराम सिंह, डा. गीता देवी, एसके श्रोती, डा. स्नेहा सिंह, डा. अजय कुमार सिंह रहे।
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