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सख्ती के बाद भी भुगतान में सुस्ती
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सख्ती के बाद भी भुगतान में सुस्ती
शामली। गन्ना विभाग की सख्ती के बाद भी जिले की चीनी मिलें पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने में तेजी नहीं दिखा रही हैं। जिले की चीनी मिलें 226.51 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। नए पेराई सत्र के शुरू हुए 41 दिन बीत चुके हैं। नए पेराई सत्र का बकाया गन्ना भुगतान का भी अभी कोई अता पता नहीं है।
पिछले सत्र का सबसे ज्यादा बकाया बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल पर 136.36 करोड़ रुपये बकाया है। थानाभवन चीनी मिल मात्र 68.97 प्रतिशत भुगतान कर पाई है, जबकि शामली चीनी मिल 82.07 प्रतिशत भुगतान कर सकी है। ऊन मिल ने 92.75 प्रतिशत बकाया गन्ना भुगतान किया है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले की चीनी मिलों पर 226.51 करोड़ रुपये बकाया है। जिनमें शामली पर 65.71 करोड़ रुपये, ऊन पर 24.44 करोड़ रुपये और थानाभवन मिल पर 136.36 करोड़ रुपये बकाया है। पुराने सत्र का बकाया गन्ना भुगतान कराने के लिए प्रदेश का गन्ना विभाग जिले की सभी चीनी मिलों के अध्याशियों के खिलाफ एफआईआर पिछले माह 26 नवंबर को दर्ज करा चुका है। उसके बाद भी चीनी मिल किसानों का 226.51 करोड़ रुपया दबाए बैठी हैं।
गन्ना विभाग के दबाव के बाद भी जिले की चीनी मिलें बकाया गन्ना भुगतान करने में रुचि नहीं दिखा रही हैं। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह का कहना है कि चीनी मिलों पर किसानों के पिछले सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुुगतान के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत का कहना है कि नए साल से पहले ऊन चीनी मिल 24.44 करोड़ रुपये का पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया भुगतान कर देगी।
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पिछले पेराई सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति
चीनी मिल बकाया भुगतान भुगतान का प्रतिशत
1 - शामली 65.71 करोड़ 82.07 प्रतिशत
2 - ऊन 24.44 करोड़ 92.75 प्रतिशत
3 - थानाभवन 136.36 करोड़ 68.97 प्रतिशत
कुल योग 226.51 करोड़ 80.18 प्रतिशत
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शामली। गन्ना विभाग की सख्ती के बाद भी जिले की चीनी मिलें पिछले पेराई सत्र का बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने में तेजी नहीं दिखा रही हैं। जिले की चीनी मिलें 226.51 करोड़ रुपये दबाए बैठी हैं। नए पेराई सत्र के शुरू हुए 41 दिन बीत चुके हैं। नए पेराई सत्र का बकाया गन्ना भुगतान का भी अभी कोई अता पता नहीं है।
पिछले सत्र का सबसे ज्यादा बकाया बजाज समूह की थानाभवन चीनी मिल पर 136.36 करोड़ रुपये बकाया है। थानाभवन चीनी मिल मात्र 68.97 प्रतिशत भुगतान कर पाई है, जबकि शामली चीनी मिल 82.07 प्रतिशत भुगतान कर सकी है। ऊन मिल ने 92.75 प्रतिशत बकाया गन्ना भुगतान किया है। गन्ना विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले की चीनी मिलों पर 226.51 करोड़ रुपये बकाया है। जिनमें शामली पर 65.71 करोड़ रुपये, ऊन पर 24.44 करोड़ रुपये और थानाभवन मिल पर 136.36 करोड़ रुपये बकाया है। पुराने सत्र का बकाया गन्ना भुगतान कराने के लिए प्रदेश का गन्ना विभाग जिले की सभी चीनी मिलों के अध्याशियों के खिलाफ एफआईआर पिछले माह 26 नवंबर को दर्ज करा चुका है। उसके बाद भी चीनी मिल किसानों का 226.51 करोड़ रुपया दबाए बैठी हैं।
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गन्ना विभाग के दबाव के बाद भी जिले की चीनी मिलें बकाया गन्ना भुगतान करने में रुचि नहीं दिखा रही हैं। जिला गन्ना अधिकारी विजय बहादुर सिंह का कहना है कि चीनी मिलों पर किसानों के पिछले सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुुगतान के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। ऊन चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक अनिल अहलावत का कहना है कि नए साल से पहले ऊन चीनी मिल 24.44 करोड़ रुपये का पिछले सत्र का संपूर्ण बकाया भुगतान कर देगी।
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पिछले पेराई सत्र के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की स्थिति
चीनी मिल बकाया भुगतान भुगतान का प्रतिशत
1 - शामली 65.71 करोड़ 82.07 प्रतिशत
2 - ऊन 24.44 करोड़ 92.75 प्रतिशत
3 - थानाभवन 136.36 करोड़ 68.97 प्रतिशत
कुल योग 226.51 करोड़ 80.18 प्रतिशत