Shamli Big Case: जेल में युवक की मौत पर जमकर हंगामा, शव लेकर कोतवाली के सामने बैठे परिजन, मिला बड़ा आश्वासन
जेल में युवक की मौत मामले में परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने कोतवाली के सामने जाम लगाकर खूब हंगामा किया। लेकिन अब अधिकारियों द्वारा सहायता और कार्रवाई का आश्वासन मिल गया है।
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मुजफ्फरनगर जेल में बंद एक युवक आकाश की गुरुवार को मेडिकल कॉलेज मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव शामली पहुंचा तो परिजनों का गुस्सा भड़क उठा। वह शव लेकर कोतवाली पर पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। इनका आरोप है कि भाजपा जिला उपाध्यक्ष धनश्याम पार्चा के दबाव में पुलिस ने आकाश को थाने में थर्ड डिग्री दी और बाद में झूठे आरोप में उसे जेल भेज दिया। ये भाजपा नेता, युवती, उसके पिता और दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। बाद में परिजनों ने शहर के मुख्य चौराहे शिव चौक पर भी जाम लगा दिया।
मरने वाला युवक आकाश उर्फ छोटे मोहल्ला पंसारियान वाल्मीकि बस्ती निवासी राकेश का पुत्र था। परिजनों का आरोप है कि एक दरोगा ने रुपये के लेन-देन के विवाद को युवती के साथ छेड़खानी व घर में घुसकर मारपीट करने के आरोप में बदल दिया।
एसएसपी सुकीर्ति माधव का कहना है कि पीड़ित लड़की के बयानों के आधार पर युवक को गिरफ्तार किया था, पांच लोग नामजद थे। पुलिस ने मारपीट नहीं की। जेल भेजने से पूर्व मेडिकल रिपोर्ट में कोई बाहरी व अंदरूनी चोट नहीं आई थी। शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मुजफ्फरनगर जेल अधीक्षक सीताराम शर्मा ने बताया कि आकाश को 26 मई को जेल में लाया गया था, 29 मई को बीपी और आक्सीजन स्तर कम होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया, वहां से एक जून को मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई।
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अधिकारियों के आश्वासन पर आकाश के परिजन मान गए और शव लेकर घर की और रवाना हो गए। अधिकारियों ने मामले में दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई, परिजनों को आर्थिक सहायता और आकाश की पत्नी को नगर पालिका में नौकरी दिलाने के प्रयास का आश्वासन दिया है।