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‘सपना’ जगाएगी कुष्ठ रोग के खिलाफ अलख

Fri, 02 Feb 2018 11:41 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली
ब्यूरो, अमर उजाला/ शामली Updated Fri, 02 Feb 2018 11:41 PM IST
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'sapna' will wake up against leprosy
demo - फोटो : demo
शामली में कुष्ठ रोगियों को समाज में हीन भावना का शिकार नहीं होना पड़ेगा। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं उनकी देखभाल करेंगी और उनके प्रति हीन भावना रखने वाले लोगों को भी समझाएंगी। ऐसी छात्राओं को नाम दिया जाएगा सपना शुभंकर। प्रदेश सरकार के निर्देश पर कुष्ठ रोगियों के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसे कुष्ठ स्पर्श जागरूकता अभियान कहा गया है। इसके तहत हर गांव में ऐसी छात्राओं का चयन होगा, जो समाज हित में कार्य करने की इच्छुक हैं। 13 फरवरी तक छात्राओं के चयन का कार्य पूरा किया जाना है।
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शासन ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेज दिया है। 13 फरवरी तक विशेष अभियान चलाकर सपना (छात्राएं) चुनने के लिए कहा गया है। इस अभियान को नाम दिया गया है स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान। शासन ने कहा है कि सपना शुभंकर एक ऐसी अवधारणा है, जिसे समुदाय में रहने वाली एक साधारण लड़की को ध्यान में रखकर जागरूकता फैलाने और कुष्ठ रोग के खिलाफ संदेश प्रसारित करने के लिए विकसित किया गया है।
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ऐसी लड़कियां जो स्थानीय स्कूल में कक्षा 12 वीं तक की पढ़ाई कर रही हैं और उनकी उम्र करीब 14 वर्ष होगी। एक गांव में इनकी संख्या कितनी भी हो सकती है। अभियान के तहत आशा, एएनएम को सपना का चयन करना होगा, जबकि जिला स्तरीय अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे। अभियान के तहत नुक्कड़ नाटक, पोस्टर प्रतियोगिता आदि कार्यक्रमों से कुष्ठ रोग के खिलाफ और कुष्ठ रोगियों के प्रति मधुर व्यवहार करने के लिए जागरूकता फैलाई जाएगी। इसके बाद चयनित सपना का दायित्व होगा कि वह अपने गांव में आसपास रहने वाले कुष्ठ रोगियों से नियमित दवा लेने के बारे में पूछेगी, उनकी बीमारी के बारे में पूछेगी तथा कुष्ठ रोगियों से हीन भावना रखने वालों को ऐसा नहीं करने के लिए प्रेरित करेगी।
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अभियान का उद्देश्य - कुष्ठ रोग के खिलाफ कलंक को मिटाना - कुष्ठ रोगियों के प्रति भेदभाव को कम करना - शुरुआती लक्षणों में ही कुष्ठ रोगी पहचान करना यह संदेश देगी सपना - कुष्ठ रोग पूर्ण रूप से एमडीटी द्वारा ठीक हो जाता है - कुष्ठ रोग ठीक होने तक एमडीटी की खुराक नियमित लेनी चाहिए - कुष्ठ रोग आनुवांशिक नहीं है, शीघ्र उपचार से पूर्णतया ठीक हो जाता है - कुष्ठ रोग छूने से नहीं फैलता है, यह पूर्व जन्म के पाप या व्यवहार का फल नहीं है - हर व्यक्ति को अपनी जीविकोपार्जन का अधिकार है - हर व्यक्ति को जीने और अपनी गरिमा बनाए रखने का अधिकार है ---- कुष्ठ रोग के लक्षण - यह रोग माइको वैक्टिरियम लैप्रे नामक जीवाणु से होता है - खाल से हल्के रंग के या लाली वाले चकते - चकतों पर छूने का अहसास न होना, चकतों पर बाल न होना और हाथों पैरों में झनझनाहट होना - हाथों-पैरों में विकलांगता होना या नसों में दुखन (दर्द) होना - चेहरे या कान पर गांठें बन जाना, शरीर पर दर्द रहित घाव हो जाना जिले की स्थिति 2011 की जगणना के मुताबिक जिले की जनसंख्या 12 लाख 74 हजार 185 है। जिले में ब्लाक पांच, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पांच, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 23, स्वास्थ्य उपकेंद्र 134 और कुल ग्राम 320 हैं।
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