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कूड़े के पहाड़ से फिसल रही स्वच्छता रैंक

Thu, 25 Nov 2021 12:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 25 Nov 2021 12:00 AM IST
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Sanitation rank slipping from the mountain of garbage
शामली भैसवाल रोड पर कूडे का ढेर - फोटो : SHAMLI
शामली। स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 की रैंकिंग में नगरपालिका शामली का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। नगरपालिका रैंकिंग में पिछड़ गई थी। इस तरह से देखा जाए तो पिछले दो साल से शामली शहर स्वच्छता में आगे बढ़ने के बजाए पिछड़ता जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण में खराब प्रदर्शन की मुख्य वजह कूड़े का निस्तारण न होना है। कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद चल रहा है। नए आधुनिक प्लांट का निर्माण शुरू नहीं हुआ है। इससे डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ बनता जा रहा है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 के परिणाम शनिवार को जारी किए गए थे। इसमें शामली पालिका को 301वीं रैंक मिली है। पिछले साल की रैंकिंग वेबसाइट पर 296 के स्थान पर 341 दिखाई गई थी, जिससे पालिका अधिकारी व कर्मी रैंकिंग में सुधार को लेकर उत्साहित थे, लेकिन मंगलवार को वेबसाइट अपडेट हुई, तो फिर से पिछले साल 2020 की सही रैंकिंग 296 हो गई। इससे पहले 2019 में शामली पालिका को 211 रैंक मिली थी। इस तरह से देखा जाए तो लगातार दो साल से स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में शामली नगरपालिका पिछड़ रही है।
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स्वच्छता सर्वेक्षण के मानकों में कूड़ा निस्तारण भी महत्वपूर्ण बिंदू है, लेकिन शामली में कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था नहीं है। पालिका के अपने स्तर पर कुछ साल पहले भैंसवाल रोड पर डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया गया था, लेकिन वह काफी समय से बंद चल रहा है। शासन की तरफ से आधुनिक कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाया जाना प्रस्तावित है, लेकिन उसका अभी निर्माण शुरू नहीं हो पाया।
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कूूड़ा निस्तारण न होने के कारण डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का पहाड़ बनता जा रहा है। इसके अलावा शहर में शौचालयों की स्थिति अच्छी न होना, एमआरएफ सेंटर न होना, डस्टबिन न होना, सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग न होना आदि भी स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में पिछड़ने की वजह मानी जा रही है। ये बिंदू भी सर्वेक्षण के मानकों में शामिल होते हैं।
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शहर से रोजाना निकलता है 40 टन कूड़ा
शहर से प्रतिदिन करीब 40 टन कूड़ा निकलता है। इस कारण डंपिंग ग्राउंड में कूड़े का बड़ा ढेर बनता जा रहा है। हालत ये है कि डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने की जगह नहीं है। पालिका के पास कोई दूसरी जगह भी नहीं है, जहां पर कूड़ा डाला जा सके।

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कोट
डंपिंग ग्राउंड पर कूड़ा निस्तारण प्लांट और एमआरएफ सेंटर बनाने की प्रक्रिया चल रही है। सूखा और गीला कूड़ा अलग-अलग करने के लिए नागरिकों को समय-समय पर जागरूक किया जा रहा है। - सुरेंद्र सिंह, अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका शामली।
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