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मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री घटी
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शामली। एक साल पहले लॉकडाउन के बीच कोरोना के केस सामने आने पर मास्क और सैनिटाइजर की जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली थी। अब फिर से जिले में कोरोना के केस बढ़ रहे हैं, लेकिन अब मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री नाममात्र को हो रही है। दुकानों पर स्टॉक बचा हुआ है। व्यापारियों का कहना है कि दिनभर में इक्का दुक्का ग्राहक ही मास्क और सैनिटाइजर के लिए आ रहे हैं।
पिछले साल 24 मार्च को जनपद में कोरोना का पहला केस सामने आया था। यह सहारनपुर मंडल का पहला केस था। इसके बाद लॉकडाउन लागू हो गया था। अब देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जनपद में भी कोरोना के केस फिर सामने आने लगे हैं। फरवरी में दो दिन तक जिला कोरोना मुक्त हो गया था। कोरोना का कोई सक्रिय केस नहीं बचा था। इसके बाद फिर से कोरोना के केस मिल रहे हैं। एक सप्ताह में 14 केस आ चुके हैं। कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी लोग कोरोना के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। बाजार हो या सड़क सब जगह भीड़ नजर आती है। न सामाजिक दूरी का पालन हो रहा है और न ही फेस मास्क लगाया जा रहा है। इसे लेकर दवा व्यापारियों से बातचीत की गई।
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शामली कैमिस्ट एसोएिसशन शामली के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक ने बताया कि पिछले साल लॉकडाउन में एक दिन में 500 से एक हजार तक मास्क और 50 से 100 शीशी सैनिटाइजर बिकता था। अब इनकी बिक्री नाम मात्र को रह गई है।
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थोक विक्रेता श्यामलाल ने बताया कि दिनभर में एक या दो साधारण मास्क बिकता है। वह भी कोई स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा ले जाता है। सैनिटाइजर की छोटी शीशी स्कूल में पढ़ने वाले ले जाते हैं या फिर कोई स्कूल वाला कभी-कभी सैनिटाइजर की केन ले जाता है। मास्क और सैनिटाइजर का काफी स्टाक बचा हुआ है।
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दवा विक्रेता अजय त्यागी ने बताया कि पिछले साल तो मास्क और सैनिटाइजर की इतनी मांग थी कि स्टॉक खत्म हो जाता था, लेकिन अब इक्का दुक्का ही बिक रहा है। लगता है लोग मास्क और सैनिटाइजर की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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दवा विक्रेता मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले साल लॉकडाउन में दवा खरीदने वालों की अपेक्षा मास्क और सैनिटाइजर के ग्राहक ज्यादा आते थे। अब तो सैनिटाइजर व मास्क के ग्राहक नाम मात्र के रह गए हैं।
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कोट
जिले में कोरोना के केस सामने आए हैं। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। फेस मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंस का पालन करने में कतई लापरवाही न बरतें। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले और भीड़ में जाने से बचे।
- डॉ. श्रीकांत शर्मा, एसीएमओ एवं जिला सर्विलांस अधिकारी।
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पिछले साल 24 मार्च को जनपद में कोरोना का पहला केस सामने आया था। यह सहारनपुर मंडल का पहला केस था। इसके बाद लॉकडाउन लागू हो गया था। अब देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। जनपद में भी कोरोना के केस फिर सामने आने लगे हैं। फरवरी में दो दिन तक जिला कोरोना मुक्त हो गया था। कोरोना का कोई सक्रिय केस नहीं बचा था। इसके बाद फिर से कोरोना के केस मिल रहे हैं। एक सप्ताह में 14 केस आ चुके हैं। कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है। इसके बाद भी लोग कोरोना के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। बाजार हो या सड़क सब जगह भीड़ नजर आती है। न सामाजिक दूरी का पालन हो रहा है और न ही फेस मास्क लगाया जा रहा है। इसे लेकर दवा व्यापारियों से बातचीत की गई।
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शामली कैमिस्ट एसोएिसशन शामली के जिलाध्यक्ष देवराज मलिक ने बताया कि पिछले साल लॉकडाउन में एक दिन में 500 से एक हजार तक मास्क और 50 से 100 शीशी सैनिटाइजर बिकता था। अब इनकी बिक्री नाम मात्र को रह गई है।
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थोक विक्रेता श्यामलाल ने बताया कि दिनभर में एक या दो साधारण मास्क बिकता है। वह भी कोई स्कूल में पढ़ने वाला बच्चा ले जाता है। सैनिटाइजर की छोटी शीशी स्कूल में पढ़ने वाले ले जाते हैं या फिर कोई स्कूल वाला कभी-कभी सैनिटाइजर की केन ले जाता है। मास्क और सैनिटाइजर का काफी स्टाक बचा हुआ है।
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दवा विक्रेता अजय त्यागी ने बताया कि पिछले साल तो मास्क और सैनिटाइजर की इतनी मांग थी कि स्टॉक खत्म हो जाता था, लेकिन अब इक्का दुक्का ही बिक रहा है। लगता है लोग मास्क और सैनिटाइजर की तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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दवा विक्रेता मुकेश कुमार ने बताया कि पिछले साल लॉकडाउन में दवा खरीदने वालों की अपेक्षा मास्क और सैनिटाइजर के ग्राहक ज्यादा आते थे। अब तो सैनिटाइजर व मास्क के ग्राहक नाम मात्र के रह गए हैं।
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कोट
जिले में कोरोना के केस सामने आए हैं। लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। फेस मास्क लगाने और सोशल डिस्टेंस का पालन करने में कतई लापरवाही न बरतें। जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकले और भीड़ में जाने से बचे।
- डॉ. श्रीकांत शर्मा, एसीएमओ एवं जिला सर्विलांस अधिकारी।