{"_id":"60e1f8b28ebc3ec23655848a","slug":"rld-district-president-removed-shamli-news-mrt5458761152","type":"story","status":"publish","title_hn":"रालोद जिलाध्यक्ष पर गिरी हार की गाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रालोद जिलाध्यक्ष पर गिरी हार की गाज
विज्ञापन
शामली। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा-रालोद के संयुक्त प्रत्याशी की हार की गाज रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन पर गिरी है। वह पार्टी के समर्थन से जीती फरजाना का वोट भी संयुक्त प्रत्याशी को नहीं दिला पाए। साथ ही बाद में पार्टी में शामिल हुई बबली का वोट भी भाजपा को चला गया।
शनिवार को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा-रालोद की संयुक्त उम्मीदवार अंजलि को एक वोट से हार का सामना करना पड़ा। सपा-रालोद नेता चुनाव से पहले तक पूर्ण बहुमत होने का दावा करते रहे, लेकिन मतदान के दौरान रालोद के समर्थन से वार्ड-11 से जीती फरजाना पत्नी अखलाक भी भाजपा खेमे में खड़ी नजर आईं। इसके साथ ही चुनाव से पहले रालोद में शामिल हुए वार्ड आठ से जीतकर आई बबली के पति राकेश ने भी भाजपा का समर्थन किया। वह सपा-रालोद की संयुक्त प्रत्याशी अंजलि का नाम घोषित होने तक तो रालोद नेताओं के साथ नजर आए, लेकिन जैसे ही प्रत्याशी की घोषणा हुई, उन्होंने रालोद नेताओं से दूरी बना ली। यदि फरजाना और बबली रालोद के साथ खड़ी रहती तो गठबंधन प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हार का सामना नहीं करना पड़ता। पार्टी हाईकमान से इन मामलों को देखते हुए योगेंद्र चेयरमैन को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया है।
----------
मुकेश सैनी को मिली जिले की कमान
शामली। रालोद ने मुकेश सैनी को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। मुकेश सैनी गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां के रहने वाले हैं और 2015 में वार्ड पांच से जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। हाल ही में उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी थीं लेकिन हार गईं थी। वह रालोद अति पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष भी हैं।
विज्ञापन
हार के बाद से सोशल मीडिया पर चल रही थी मुहिम
शामली। सपा-रालोद प्रत्याशी की हार के बाद से ही सोशल मीडिया पर रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन को हटाने की मुहिम चल रही थी। पूर्व में रालोद में रहे युवा नेता राजन जावला समेत कई युवा लगातार सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
शनिवार को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में सपा-रालोद की संयुक्त उम्मीदवार अंजलि को एक वोट से हार का सामना करना पड़ा। सपा-रालोद नेता चुनाव से पहले तक पूर्ण बहुमत होने का दावा करते रहे, लेकिन मतदान के दौरान रालोद के समर्थन से वार्ड-11 से जीती फरजाना पत्नी अखलाक भी भाजपा खेमे में खड़ी नजर आईं। इसके साथ ही चुनाव से पहले रालोद में शामिल हुए वार्ड आठ से जीतकर आई बबली के पति राकेश ने भी भाजपा का समर्थन किया। वह सपा-रालोद की संयुक्त प्रत्याशी अंजलि का नाम घोषित होने तक तो रालोद नेताओं के साथ नजर आए, लेकिन जैसे ही प्रत्याशी की घोषणा हुई, उन्होंने रालोद नेताओं से दूरी बना ली। यदि फरजाना और बबली रालोद के साथ खड़ी रहती तो गठबंधन प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव में हार का सामना नहीं करना पड़ता। पार्टी हाईकमान से इन मामलों को देखते हुए योगेंद्र चेयरमैन को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया है।
विज्ञापन
----------
मुकेश सैनी को मिली जिले की कमान
शामली। रालोद ने मुकेश सैनी को जिलाध्यक्ष मनोनीत किया है। मुकेश सैनी गांव गढ़ी अब्दुल्ला खां के रहने वाले हैं और 2015 में वार्ड पांच से जिला पंचायत सदस्य रहे हैं। हाल ही में उनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ी थीं लेकिन हार गईं थी। वह रालोद अति पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष भी हैं।
विज्ञापन
हार के बाद से सोशल मीडिया पर चल रही थी मुहिम
शामली। सपा-रालोद प्रत्याशी की हार के बाद से ही सोशल मीडिया पर रालोद जिलाध्यक्ष योगेंद्र चेयरमैन को हटाने की मुहिम चल रही थी। पूर्व में रालोद में रहे युवा नेता राजन जावला समेत कई युवा लगातार सोशल मीडिया पर जिलाध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे थे।