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घर में नमाज पढ़ने से ईदगाह और मस्जिद जितना ही मिलेगा अजरो सवाब

Thu, 21 May 2020 11:25 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 21 May 2020 11:25 PM IST
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Reading Namaz at home will be equal to Idgah and Masjid
इमाम मौलाना शौकीन। - फोटो : SHAMLI
घर में नमाज पढ़ने से ईदगाह और मस्जिद के बराबर मिलेगा सवाब
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शामली। मुस्लिम धर्मगुरुओं ने रमजान माह के अलविदा जुमा और उसके बाद ईद की नमाज को घरों में ही लोगों से अदा करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात के मद्देनजर कोरोना महामारी से बचने के लिए घर पर नमाज पढ़ने से मस्जिदों और ईदगाह में नमाज पढ़ने के बराबर ही सवाब मिलेगा। सरकार की गाइड लाइन का पालन कर प्रशासन का सहयोग करें।
शहर के बड़ा बाजार स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना शौकीन ने समाज के लोगों को पैगाम दिया है कि अब तक जिस तरह से हर जुमे को घर पर नमाज अदा करते रहे हैं, इसी तरह अलविदा जुमा और ईद की नमाज भी घरों में ही अदा करें। इस्लाम में कहा गया है कि हालात को मद्देनजर रखते हुए खुदा की इबादत करनी चाहिए। घर में नमाज अदा करने से मस्जिद और ईदगाह के बराबर ही सवाब मिलेगा। उन्होंने कहा कि मौजूदा कोरोना संक्रमण से बचाव करें अपनी जान को दुश्वारी में न डालें और घर पर ही रहकर सरकार की गाइड लाइन का पालन करते रहें।
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जमीयत-उलमा ए हिंद के जिला सदर मौलाना मोहम्मद साजिद कासमी ने पैगाम दिया कि जिस तरह से अब तक घरों में नमाज अदा की जा रही है, उसी तरह से अलविदा जुमा और ईद की नमाज घरों में ही अदा करें। कोरोना बीमारी से बचाव के लिए मुंह पर मास्क लगाए और कहीं पर भीड़ न लगाएं। समय-समय पर हाथ धोते रहें। बीमार से बचाव के लिए अपना ख्याल रखें और सरकार की गाइडलाइन का पालन करें। मौलाना अय्यूब ने मुस्लिम समाज के लोगों को पैगाम दिया कि घरों में अलविदा जुमा और ईद की नमाज अदा करें और इस संकट के समय में प्रशासन का सहयोग करें। सरकार ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए जो गाइडलाइन जारी की है, उस पर शांति के साथ अमल करें और अपनी तरफ से कोई भी ऐसा काम न करें, जिससे किसी तरह की परेशानी पैदा होती हो।

मौलाना अयूब।

मौलाना अयूब।- फोटो : SHAMLI

जमीअत उलमा-ए हिन्द के सदर मौलाना साजिद कासमी।

जमीअत उलमा-ए हिन्द के सदर मौलाना साजिद कासमी।- फोटो : SHAMLI

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