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भरत ले चले राम की खड़ाऊ...
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शामली हनुमान धाम पर रामलीला का मंचन करते कलाकार
- फोटो : SHAMLI
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शामली/गढ़ीपुख्ता। कृपासिंधु सनमानि सुबानी, बैठाए समीप गहि पानी। भरत बिनय सुनि देखि सुभाऊ, सिथिल सनेहॅ सभा रघुराऊ।
भावार्थ : कृपासिंधु श्रीराम चंद्रजी ने सुंदर वाणी से भरतजी का सम्मान करके हाथ पकड़कर उन्हें अपने पास बैठा लिया। भरतजी की विनती सुनकर और उनका स्वभाव देखकर सारी सभा और श्रीरघुनाथजी स्नेह से शिथिल हो गए। श्री मंदिर हनुमान टीला की स्वर्ण जयंती रामलीला महोत्सव में भरत मिलाप, सीता हरण और रावण-जटायु युद्ध की लीला का सुंदर मंचन किया गया।
बृहस्पतिवार रात हनुमान धाम पर आयोजित रामलीला में भरत-शत्रुघ्न राम-लक्ष्मण और सीता को वनवास से वापस लेने चित्रकूट की ओर जाते है, वहां पर श्रीराम को पिता की मृत्यु की जानकारी देकर भरत से अयोध्या चलने की प्रार्थना करते हैं। पिता के वचनों को पूरा करने के लिए वह अयोध्या लौटने से मना कर देते हैं। भरत श्रीराम की चरण पादुका लेकर अयोध्या की ओर रवाना होते हैं। ‘राम भक्त ले चला राम की खड़ाऊ... दिल में उम्मीदे अंखियों में पानी’ गीत गूंजता है। पंचवटी में सूर्पणखा घूमते हुए वहां पर आती है। वह राम के पास पहुंचकर अपना परिचय देकर राम से शादी करने का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम और लक्ष्मण के मना करने पर वह असली रूप में आकर सीता की ओर झपट ती है। लक्ष्मण उसके नाक कान काट देते है। वह अपने भाई खर दूषण के पास जाती है। युद्ध के दौरान खर- दूषण राम के हाथों मारे जाते हैं। सूर्पणखा रावण को पूूूरी जानकारी देती है।
रावण सोचता है कि खर दूषण को मारना कोई साधारण बात नहीं हो सकती। ब्रह्म का अवतार हो चुका है, उनसे बैर मोल लूंगा। वह मारीच सोने का हिरन बनकर पंचवटी आता है। हिरन को देखकर जब सीता देखती है। सीता श्रीराम से हिरन का शिकार करके उसको लाने कहती है। राम के तीर से मारीच मारा जाता है और वह आवाज निकालता है, लक्ष्मण बचाओ सीता घबरा जाती है। लक्ष्मण रेखा खींच कर चला जाता है। रावण साधु में पंचवटी आकर सीता का हरण कर लेता है। आकाश मार्ग से जाते सीता को देखकर जटायु उसे बचाने रावण से युद्ध करता है। रावण जटायु के पंख काटकर घायल कर देता है। राम रवि पाठक, लक्ष्मण आशुतोष पाठक, सीता आशू निर्वाल, रावण नरेंद्र सैनी, सूर्पणखा सोनू वर्मा ने शानदार अभिनय किया। गढ़ीपुख्ता में आयोजित भरत मिलाप और सीता हरण की लीला में रावण के अभिनय में श्रीनिवास बागड़ी राम के अभिनय में सचिन उपाध्याय, लक्ष्मण के अभिनय में सुमित सीता के अभिनय में अनित्य सैनी ने शानदार मंचन किया।
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बिजली ठप, नहीं हुआ रामलीला का मंचन
बाबरी। बिजली गुल होने के कारण महावतपुर गांव में रामलीला का मंचन नहीं हुआ। रामलीला कमेटी अध्यक्ष धनपाल राणा ने बताया कि जनरेटर खराब होने के कारण रामलीला नहीं दिखाई गई। दर्शकों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। कैड़ी में रामलीला मैदान में राम सुग्रीव मित्रता बालि वध की लीला का मंचन किया गया।
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भावार्थ : कृपासिंधु श्रीराम चंद्रजी ने सुंदर वाणी से भरतजी का सम्मान करके हाथ पकड़कर उन्हें अपने पास बैठा लिया। भरतजी की विनती सुनकर और उनका स्वभाव देखकर सारी सभा और श्रीरघुनाथजी स्नेह से शिथिल हो गए। श्री मंदिर हनुमान टीला की स्वर्ण जयंती रामलीला महोत्सव में भरत मिलाप, सीता हरण और रावण-जटायु युद्ध की लीला का सुंदर मंचन किया गया।
बृहस्पतिवार रात हनुमान धाम पर आयोजित रामलीला में भरत-शत्रुघ्न राम-लक्ष्मण और सीता को वनवास से वापस लेने चित्रकूट की ओर जाते है, वहां पर श्रीराम को पिता की मृत्यु की जानकारी देकर भरत से अयोध्या चलने की प्रार्थना करते हैं। पिता के वचनों को पूरा करने के लिए वह अयोध्या लौटने से मना कर देते हैं। भरत श्रीराम की चरण पादुका लेकर अयोध्या की ओर रवाना होते हैं। ‘राम भक्त ले चला राम की खड़ाऊ... दिल में उम्मीदे अंखियों में पानी’ गीत गूंजता है। पंचवटी में सूर्पणखा घूमते हुए वहां पर आती है। वह राम के पास पहुंचकर अपना परिचय देकर राम से शादी करने का प्रस्ताव रखती है। श्रीराम और लक्ष्मण के मना करने पर वह असली रूप में आकर सीता की ओर झपट ती है। लक्ष्मण उसके नाक कान काट देते है। वह अपने भाई खर दूषण के पास जाती है। युद्ध के दौरान खर- दूषण राम के हाथों मारे जाते हैं। सूर्पणखा रावण को पूूूरी जानकारी देती है।
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रावण सोचता है कि खर दूषण को मारना कोई साधारण बात नहीं हो सकती। ब्रह्म का अवतार हो चुका है, उनसे बैर मोल लूंगा। वह मारीच सोने का हिरन बनकर पंचवटी आता है। हिरन को देखकर जब सीता देखती है। सीता श्रीराम से हिरन का शिकार करके उसको लाने कहती है। राम के तीर से मारीच मारा जाता है और वह आवाज निकालता है, लक्ष्मण बचाओ सीता घबरा जाती है। लक्ष्मण रेखा खींच कर चला जाता है। रावण साधु में पंचवटी आकर सीता का हरण कर लेता है। आकाश मार्ग से जाते सीता को देखकर जटायु उसे बचाने रावण से युद्ध करता है। रावण जटायु के पंख काटकर घायल कर देता है। राम रवि पाठक, लक्ष्मण आशुतोष पाठक, सीता आशू निर्वाल, रावण नरेंद्र सैनी, सूर्पणखा सोनू वर्मा ने शानदार अभिनय किया। गढ़ीपुख्ता में आयोजित भरत मिलाप और सीता हरण की लीला में रावण के अभिनय में श्रीनिवास बागड़ी राम के अभिनय में सचिन उपाध्याय, लक्ष्मण के अभिनय में सुमित सीता के अभिनय में अनित्य सैनी ने शानदार मंचन किया।
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बिजली ठप, नहीं हुआ रामलीला का मंचन
बाबरी। बिजली गुल होने के कारण महावतपुर गांव में रामलीला का मंचन नहीं हुआ। रामलीला कमेटी अध्यक्ष धनपाल राणा ने बताया कि जनरेटर खराब होने के कारण रामलीला नहीं दिखाई गई। दर्शकों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। कैड़ी में रामलीला मैदान में राम सुग्रीव मित्रता बालि वध की लीला का मंचन किया गया।