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राजनाथ जी, हम तो अनाथ हो गए
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:58 PM IST
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Hukum Singh Panchtatta merged
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। हाथ जोड़े एक व्यक्ति भीड़ के बीच से उठा और फफकते हुए बोला कि राजनाथ जी, हम तो अनाथ हो गए। हमारी बुआजी को उचित स्थान दिला दो। यह चिंता अकेले उसी शख्स की नहीं, बल्कि कैराना क्षेत्र के उन तमाम लोगों की है, जो बाबू हुकुम सिंह का निधन हो जाने पर खुद को नेतृत्व विहीन मान चुके हैं।
बाबू हुकुम सिंह ने 1974 से अब तक करीब 45 साल तक कैराना क्षेत्र में राजनीति की। एनडी तिवारी से लेकर वीर बहादुर सिंह और फिर राजनाथ सिंह सरकार में वह मंत्री रहे। कैराना क्षेत्र में विकास कराने में हुकुम सिंह ने कोई कसर नहीं छोड़ी, तो स्थानीय लोगों के सुख दुख में उनकी बराबर की भागीदारी रही। उन्होंने जाति या बिरादरी से ऊपर उठकर हर वर्ग के व्यक्ति के लिए कार्य किया। यही वजह है कि कैराना क्षेत्र के लोग बाबूू हुकुम सिंह का निधन होने पर खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
इसका जीता जागता उदाहरण सोमवार को मायापुर फार्म हाउस पर केंद्रीय गृह राजनाथ सिंह के सामने भी देखने को मिला। भीड़ के बीच में बैठे गांव शेखूपुरा निवासी यशपाल सिंह उठे और हाथ जोड़कर रोने लगे। कहा कि राजनाथ जी, हम तो अनाथ हो गए हैं।
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बाबूजी हमारा पूरा ध्यान रखते थे, अब आप ही कुछ करो, हमें अनाथ मत छोड़ो। यशपाल ने कहा कि बुआजी (मृगांका सिंह) को उचित स्थान दिला दो। इससे जाहिर है कि कैराना क्षेत्र के लोग बाबू हुुकुम सिंह के निधन के बाद नेतृत्व को लेकर चिंतित हैं और सांसद हुकुम सिंह की पुत्री मृगांका सिंह को ही अपना नेतृत्व सौंपना चाहते हैं।
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बाबू हुकुम सिंह ने 1974 से अब तक करीब 45 साल तक कैराना क्षेत्र में राजनीति की। एनडी तिवारी से लेकर वीर बहादुर सिंह और फिर राजनाथ सिंह सरकार में वह मंत्री रहे। कैराना क्षेत्र में विकास कराने में हुकुम सिंह ने कोई कसर नहीं छोड़ी, तो स्थानीय लोगों के सुख दुख में उनकी बराबर की भागीदारी रही। उन्होंने जाति या बिरादरी से ऊपर उठकर हर वर्ग के व्यक्ति के लिए कार्य किया। यही वजह है कि कैराना क्षेत्र के लोग बाबूू हुकुम सिंह का निधन होने पर खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं।
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इसका जीता जागता उदाहरण सोमवार को मायापुर फार्म हाउस पर केंद्रीय गृह राजनाथ सिंह के सामने भी देखने को मिला। भीड़ के बीच में बैठे गांव शेखूपुरा निवासी यशपाल सिंह उठे और हाथ जोड़कर रोने लगे। कहा कि राजनाथ जी, हम तो अनाथ हो गए हैं।
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बाबूजी हमारा पूरा ध्यान रखते थे, अब आप ही कुछ करो, हमें अनाथ मत छोड़ो। यशपाल ने कहा कि बुआजी (मृगांका सिंह) को उचित स्थान दिला दो। इससे जाहिर है कि कैराना क्षेत्र के लोग बाबू हुुकुम सिंह के निधन के बाद नेतृत्व को लेकर चिंतित हैं और सांसद हुकुम सिंह की पुत्री मृगांका सिंह को ही अपना नेतृत्व सौंपना चाहते हैं।