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रोडवेज डिपो के 13 ठेका कर्मियों के भविष्य पर सवाल
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रोडवेज डिपो के 13 ठेका कर्मियों के भविष्य पर सवाल
थानाभवन। परिवहन निगम की ओर से सहारनपुर से संबद्ध किए गए जलालाबाद डिपो के आदेश के बाद यहां काम कर रहे 13 ठेका कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। उच्च अधिकारी इन कर्मियों को कभी मुजफ्फरनगर से जोड़ने की बात कर रहे हैं तो कभी सहारनपुर डिपो से। हालांकि अब तक इस मामले में अधिकारी फैसला नहीं कर पाए हैं। इस वजह से इन कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल बरकरार है।
अगस्त 2018 में प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने जलालाबाद में रोडवेज बस डिपो बस स्टैंड का उद्घाटन किया था। हाल ही में परिवहन निगम ने जलालाबाद डिपो को निरस्त करते हुए यहां के स्टाफ व अन्य सामग्री को सहारनपुर डिपो से संबद्ध कर दिया था। परिवहन निगम के इस पत्र से डिपो में हड़कंप मच गया था। इसके बाद नियमित स्टाफ की तैनाती भी सहारनपुर कर दी गई थी। हालांकि अभी डिपो में 13 ठेका कर्मचारी मौजूद हैं, जिनके भविष्य परिस्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। जब यह कर्मचारी अपनी बात रखते हैं, तो उच्च अधिकारी कभी इन्हें मुजफ्फरनगर डिपो से संबंध करने का आश्वासन देते हैं तो कभी सहारनपुर से। पिछले चार दिनों से इन ठेका कर्मियों के भविष्य पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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थानाभवन। परिवहन निगम की ओर से सहारनपुर से संबद्ध किए गए जलालाबाद डिपो के आदेश के बाद यहां काम कर रहे 13 ठेका कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। उच्च अधिकारी इन कर्मियों को कभी मुजफ्फरनगर से जोड़ने की बात कर रहे हैं तो कभी सहारनपुर डिपो से। हालांकि अब तक इस मामले में अधिकारी फैसला नहीं कर पाए हैं। इस वजह से इन कर्मचारियों के भविष्य पर सवाल बरकरार है।
अगस्त 2018 में प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने जलालाबाद में रोडवेज बस डिपो बस स्टैंड का उद्घाटन किया था। हाल ही में परिवहन निगम ने जलालाबाद डिपो को निरस्त करते हुए यहां के स्टाफ व अन्य सामग्री को सहारनपुर डिपो से संबद्ध कर दिया था। परिवहन निगम के इस पत्र से डिपो में हड़कंप मच गया था। इसके बाद नियमित स्टाफ की तैनाती भी सहारनपुर कर दी गई थी। हालांकि अभी डिपो में 13 ठेका कर्मचारी मौजूद हैं, जिनके भविष्य परिस्थिति अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। जब यह कर्मचारी अपनी बात रखते हैं, तो उच्च अधिकारी कभी इन्हें मुजफ्फरनगर डिपो से संबंध करने का आश्वासन देते हैं तो कभी सहारनपुर से। पिछले चार दिनों से इन ठेका कर्मियों के भविष्य पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
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