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अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र न मिलने को लेकर सीएम से मिलेंगे : बृजलाल
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ऊन- के गांव ढिंढाली में श्री कबीर जनोंदय ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में बोलते ,मु
ऊन। गांव ढिंढाली में श्री कबीर जनोदय ट्रस्ट के तत्वावधान में अभिनंदन समारोह एवं शिक्षा स्वास्थ्य संस्कृति और रोजगार के लिए जन जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि पूर्व डीजीपी उत्तर प्रदेश एवं राज्यसभा सदस्य बृजलाल कोरी ने समाज के अनुसूचित जाति प्रमाणपत्र न बनने की समस्या का मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने समाज को एकजुट होकर उन्नति की ओर चलने का आह्वान किया।
रविवार को आयोजित कार्यक्रम में बृजलाल कोरी ने समाज के लोगों की समस्याओं को सुना। उन्होंने बताया कि उनका जीवन बचपन से बड़ा संघर्षपूर्ण रहा है, जिस पर उन्होंने अपनी आत्मकथा पर ''''''''मेरा जीवन संघर्ष'''''''' के नाम से एक पुस्तक लिखी। उन्होंने कहा कि वह बड़े सौभाग्यशाली हैं, जिनका संबंध दो-दो महापुरुषों कपिलवस्तु और भगवान बुद्ध से है। उनका जन्म नेपाल बॉर्डर की सीमा से लगे गांव में गरीब परिवार में हुआ। हमारे गांव से स्कूल 12 किलोमीटर दूर था। वहां नंगे पैर जाना पड़ता था और 24 किलोमीटर प्रतिदिन सफर तय करना पड़ता था। जिस स्कूल से उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा पास की, उस स्कूल में अपनी सांसद निधि से एक करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से हाॅल तैयार कराया। उन्होंने कहा कि कुछ जगह कोरी जाति के प्रमाणपत्र जारी नहीं कर समाज के लोगों का मानसिक व सामाजिक शोषण किया जा रहा है। इसके लिए हम लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक हम तर्क से जवाब नहीं देंगे, तब तक हमारी बात कोई नहीं सुनेगा। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त 1977 से कोरी समाज अनुसूचित जाति में सम्मिलित कर लिया गया है, लेकिन कुछ जगह अधिकारी आज भी कोरी समाज को अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहे हैं। इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
कार्यक्रम में अमरीश, कैलाश कबीर, मोहनलाल एडवोकेट, मास्टर रतन सिंह, रामपाल, रघुवीर, श्याम लाल कोरी, डॉक्टर ओमपाल, कंवरपाल प्रधान, मास्टर करम सिंह, अनिल कुमार, रिशिपाल प्रधान, अतर सिंह ठेकेदार, सुंदरलाल प्रधान, विनोद कुमार व प्रधान मनोज आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्णपाल सिंह और संचालन मास्टर करम सिंह कोरी ने किया।
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रविवार को आयोजित कार्यक्रम में बृजलाल कोरी ने समाज के लोगों की समस्याओं को सुना। उन्होंने बताया कि उनका जीवन बचपन से बड़ा संघर्षपूर्ण रहा है, जिस पर उन्होंने अपनी आत्मकथा पर ''''''''मेरा जीवन संघर्ष'''''''' के नाम से एक पुस्तक लिखी। उन्होंने कहा कि वह बड़े सौभाग्यशाली हैं, जिनका संबंध दो-दो महापुरुषों कपिलवस्तु और भगवान बुद्ध से है। उनका जन्म नेपाल बॉर्डर की सीमा से लगे गांव में गरीब परिवार में हुआ। हमारे गांव से स्कूल 12 किलोमीटर दूर था। वहां नंगे पैर जाना पड़ता था और 24 किलोमीटर प्रतिदिन सफर तय करना पड़ता था। जिस स्कूल से उन्होंने हाईस्कूल और इंटर की परीक्षा पास की, उस स्कूल में अपनी सांसद निधि से एक करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से हाॅल तैयार कराया। उन्होंने कहा कि कुछ जगह कोरी जाति के प्रमाणपत्र जारी नहीं कर समाज के लोगों का मानसिक व सामाजिक शोषण किया जा रहा है। इसके लिए हम लड़ाई लड़ रहे हैं। जब तक हम तर्क से जवाब नहीं देंगे, तब तक हमारी बात कोई नहीं सुनेगा। उन्होंने बताया कि 19 अगस्त 1977 से कोरी समाज अनुसूचित जाति में सम्मिलित कर लिया गया है, लेकिन कुछ जगह अधिकारी आज भी कोरी समाज को अनुसूचित जाति के प्रमाणपत्र जारी नहीं कर रहे हैं। इसके लिए जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इस समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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कार्यक्रम में अमरीश, कैलाश कबीर, मोहनलाल एडवोकेट, मास्टर रतन सिंह, रामपाल, रघुवीर, श्याम लाल कोरी, डॉक्टर ओमपाल, कंवरपाल प्रधान, मास्टर करम सिंह, अनिल कुमार, रिशिपाल प्रधान, अतर सिंह ठेकेदार, सुंदरलाल प्रधान, विनोद कुमार व प्रधान मनोज आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्णपाल सिंह और संचालन मास्टर करम सिंह कोरी ने किया।
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