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नहीं हो रहा गन्ना भुगतान, क्या करें परेशान किसान

Thu, 26 Dec 2019 12:12 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Dec 2019 12:12 AM IST
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Payment was not received, farmers became debtors in financial crisis
नहीं मिला भुगतान, आर्थिक तंगी में कर्जदार बन गए किसान
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शामली। शामली जिला किसान बहुल है। गन्ना यहां की मुख्य उपज है। यही किसान की कमाई का मुख्य साधन है, लेकिन मिलों से गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा। शुगर मिलों ने वर्तमान सत्र का तो दूर पिछले साल के पेराई सत्र का पूरा भुगतान ही नहीं किया है। जिले की तीन शुगर मिलों पर किसानों का 191 करोड़ रुपये बकाया है। बिजली के बिल नहीं भरने से कनेक्शन कट रहे हैं। आरसी जारी हो रही है। किसान क्रेडिट कार्ड में समय पर लोन ना चुकाने पर ब्याज दर चार प्रतिशत से 9 प्रतिशत तक देेनी पड़ रही है। किसान पर कर्जदारी लगातार बढ़ रही है। इसका असर बाजार पर देखने को मिल रहा है। जिले के बाजारों की 70 फीसदी दुकानदारी गन्ने के भुगतान पर टिकी है। ऐसे में कारोबार भी कमजोर है। रकम के अभाव में किसानों को अपनी सामाजिक जिम्मेदारियां निर्वहन करने में भी परेशानी हो रही है। कुल मिलाकर किसान परेशान है वो समझ नहीं पा रहा कि आखिर करें तो क्या करें।
कैसे करूं शादी की तैयारी
फरवरी में बेटी की शादी है। 66 हजार रुपये पिछले साल और 45 हजार रुपये इस साल का शुगर मिल पर बकाया है। अब परिवार में शादी की तैयारी शुरू हो चुकी है, लेकिन भुगतान न आने के कारण शादी की तैयारियों में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।--रामपाल सिंह, हसनपुर लुहारी
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कैसे जमा कराएं बच्चों की फीस
मेरे बच्चे मेरठ व नोएडा में पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी दो लाख रुपये फीस जमा होनी है। शुगर मिल पर मेरे पिछले साल के 30 हजार रुपये और इस साल के 45 हजार रुपये बकाया है। यानी कुल 75 हजार रुपये आज भी बकाया है। यदि यह पैसे मिल जाए तो मुझे फीस जमा करने में आसानी होगी।
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ठा. ओमकार सिंह कादरगढ़
घर में मरम्मत का काम लटका
घर में मरम्मत का कार्य होना था। तैयारी थी कि जैसे ही शुगर मिल से 50 हजार रुपये गन्ने का बकाया मिलेगा, वैसे ही घर में काम शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन, इस पैसे का इंतजार करते हुए मुझे एक साल हो गया। लेकिन, अब तक गन्ने का भुगतान नहीं आया है।
--कुलदीप सिंह ख्यावडी
कोट
किसान घर परिवार में शादी विवाह के दौरान फर्नीचर ले जाते हैं, लेकिन इन दिनों हालत ये है एक से डेढ़ साल तक की उधारी किसानों पर है। कुछ किसान तो पिछला बकाया देने की हालत में नही होते तो दूसरी दुकान से सामान ले जाते हैं। ऐसे में ग्राहक भी टूटता है और काम पर भी असर होता है। करीब 12 लाख की उनकी उधारी किसानों पर है।
रमेश विश्वकर्मा, फर्नीचर कारोबारी
कोट
शामली जनपद में करीब छह से सात हजार दुकानें हैं। शामली किसान बहुल है और गन्ना ही यहां की मुख्य उपज है। यही किसान की आय का साधन है। शुगर मिलों से भुगतान ना होने से किसान की जेब खाली है और इसका असर बाजार पर है। व्यापारियों की पिछली उधारी फंसी हुई है। मिलें यदि समय पर किसानों का भुगतान करें तो बाजार में भी अच्छा काम होगा।

घनश्याम दास गर्ग, व्यापारी नेता
किसानों से जुड़े आंकड़े
जिले की चीनी मिलों पर कुल गन्ना मूल्य बकाया 191.14 करोड़
किसानों पर बैंकों का लोन 722.47 लाख
किसानों पर बिजली बिलों का बकाया (नलकूप) 105 करोड़ लगभग
ग्रामीण क्षेत्र में कुल बकाएदार किसान (घरेलू) 250 करोड़ लगभग
विद्युत निगम की किसानों पर जारी आरसी करीब 5000 किसान
शुगर मिलों पर बकाया
मिल पिछले सत्र का बकाया( करोड़ में ) इस सत्र का बकाया (करोड़ में)
शामली 43.98 58.22
ऊन 8.35 52.31
थानाभवन 40.58 98.23
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कुल 92.91 लाख 98.23 करोड़
कोट
किसानों का पिछले सत्र का बकाया गन्ना भुगतान कराने को काफी सख्ती की गई है। किसान दिवस में भी मिल अफसरों को हर हालत में 31 दिसबंर तक भुगतान करने को कहा गया है। ऐसा ना होने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।
अखिलेश सिंह, डीएम
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