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पार्टी, जातिवाद से हटकर आए नतीजे
शामली/ ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Mon, 02 Nov 2015 01:33 AM IST
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शामली। पंचायत चुनाव में नेताओं ने दंगों को खूब हवा दी । धर्म और जात के नाम पर वोटरों को बांटने के प्रयास किए गए, लेकिन चुनाव परिणाम से साफ है कि मतदाताओं ने धर्म जात और पार्टी को दरकिनार कर नेता की लोकप्रियता और पकड़ के आधार पर मतदान किया।
दरअसल पंचायत चुनाव में वार्ड की बाहुल्यता के कारण एक ही समुदाय और बिरादरी के कई प्रत्याशी आमने-सामने थे। जिला पंचायत वार्ड-19 पर रालोद ने हिमांशी पत्नी विक्रांत उर्फ छोटा को प्रत्याशी बनाया था। रालोद के तमाम जाट नेताओं ने हिमांशी के पक्ष में सभी जाटों को एकजुट करने का प्रयास किया, लेकिन जाट मतदाताओं ने पार्टी को दरकिनार कर जाट नेता प्रसन्न चौधरी की पत्नी संतोष देवी का साथ दिया। प्रसन्न चौधरी क्षेत्र में जनता के साथ काफी सक्रिय रहे थे।
उधर, कैराना की पूर्व सांसद तबस्सुम हसन के सामने सपा नेता अय्यूब जंग ने चुनाव लड़ा। थानाभवन क्षेत्र में जिला पंचायत वार्ड एक पर ठाकुर बिरादरी के तीन प्रत्याशी आमने-सामने रहे, जिनमें से ठाकुर शेर सिंह ने बढ़त बनाकर रखी। जिला पंचायत वार्ड-14 पर सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने भारी मतों से बढ़त बनाई, उनके सामने सपा विधायक नाहिद हसन की बहन इकरा हसन चुनाव लड़ीं। यहां इकरा के पक्ष में मुस्लिम मतों के धुव्रीकरण का प्रयास किया गया लेकिन वीरेंद्र और मनीष के निजी प्रभाव से मुस्लिम मत मनीष चौहान को भी मिले।
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हालांकि गूर्जर बहुल गांवों में मनीष े पक्ष में एकतरफा धुव्रीकरण जरूर हुआ और यहां इकरा के मत दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। माना जा रहा है कि मतदाताओं ने इकरा को बाहरी प्रत्याशी के तौर पर भी माना। ऐसी ही स्थिति वार्ड-11 पर भाजपा सांसद हुकुम सिंह के पौत्र अनुज चौहान और वार्ड-13 पर अनिल चौहान की पत्नी ने भारी वोटों से बढ़त बना ली।
वोटों की बढ़त को देखकर दोनों की जीत पक्की मानी जा रही है। इनके पक्ष में हुए मतदान को देखा जाए, तो विपक्षी कहीं टिका ही नहीं। दोनों ही प्रत्याशियों को भाजपा सांसद हुकुम सिंह के परिवार से जुड़ा होने का फायदा मिला।
युवाओं एवं महिलाओं की हिस्सेदारी ने चुनाव नतीजों को चौंकाया
शामली। बीडीसी/जिला पंचायत चुनाव में युवाओं एवं महिलाओं की जीतकर आई जबरदस्त हिस्सेदारी ने चुनाव नतीजों को चौंका दिया है। रविवार को जिला पंचायत सदस्य/बीडीसी के चुनाव नतीजों में युवाओं-महिलाओं की काफी हिस्सेदारी रही है। जिला पंचायत के वार्ड-16 से पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह के बेटे व मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान किस्मत अजमा रहे हैं।
चुनाव रुझान में उनकी वोटों की जबरदस्त लीड जिले में रिकोर्ड तोड़ मानी जा रही है। मनीष चौहान की पत्नी शैफाली चौहान जिला पंचायत के वार्ड-14 से भाग्य अजमा रही हैं। उनकी जीत भी निश्चित मानी जा रही है। उनका पहला चुनाव है। कैराना क्षेत्र के भाजपा सांसद हुकुम सिंह के पौत्र अनुज मलिक जिला पंचायत के वार्ड-11 से पहला चुनाव लड़कर राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं। वह भी जीत की ओर अग्रसर हैं।
थानाभवन ब्लाक के जिला पंचायत के वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ रहे ठाकुर शेर सिंह भी जीत के करीब हैं। इसी प्रकार युवाओं में शामली ब्लाक से बीडीसी पद पर जितेंद्र कुमार, करोड़ी गांव के वार्ड-30 से मुकेश, भिक्का माजरा से हरेंद्र, वार्ड-43 से पप्पू, वार्ड 62 से सतीश, वार्ड-58 से हरेंद्र, वार्ड-16 से महिपाल, वार्ड-63 से अंतरेश, वार्ड-सात से रेखा, वार्ड-56 से ओमवीर वार्ड-57से सोनिया, वार्ड-17 से रामकुमार, 59 से पवन, 60 से शोभा, वार्ड-नौ से संतलेश, वार्ड-24 से अदिती, वार्ड-11 से सुधीर, वार्ड-42 से नसीमा जीत दर्ज की।
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दरअसल पंचायत चुनाव में वार्ड की बाहुल्यता के कारण एक ही समुदाय और बिरादरी के कई प्रत्याशी आमने-सामने थे। जिला पंचायत वार्ड-19 पर रालोद ने हिमांशी पत्नी विक्रांत उर्फ छोटा को प्रत्याशी बनाया था। रालोद के तमाम जाट नेताओं ने हिमांशी के पक्ष में सभी जाटों को एकजुट करने का प्रयास किया, लेकिन जाट मतदाताओं ने पार्टी को दरकिनार कर जाट नेता प्रसन्न चौधरी की पत्नी संतोष देवी का साथ दिया। प्रसन्न चौधरी क्षेत्र में जनता के साथ काफी सक्रिय रहे थे।
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उधर, कैराना की पूर्व सांसद तबस्सुम हसन के सामने सपा नेता अय्यूब जंग ने चुनाव लड़ा। थानाभवन क्षेत्र में जिला पंचायत वार्ड एक पर ठाकुर बिरादरी के तीन प्रत्याशी आमने-सामने रहे, जिनमें से ठाकुर शेर सिंह ने बढ़त बनाकर रखी। जिला पंचायत वार्ड-14 पर सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह के बेटे मनीष चौहान ने भारी मतों से बढ़त बनाई, उनके सामने सपा विधायक नाहिद हसन की बहन इकरा हसन चुनाव लड़ीं। यहां इकरा के पक्ष में मुस्लिम मतों के धुव्रीकरण का प्रयास किया गया लेकिन वीरेंद्र और मनीष के निजी प्रभाव से मुस्लिम मत मनीष चौहान को भी मिले।
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हालांकि गूर्जर बहुल गांवों में मनीष े पक्ष में एकतरफा धुव्रीकरण जरूर हुआ और यहां इकरा के मत दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। माना जा रहा है कि मतदाताओं ने इकरा को बाहरी प्रत्याशी के तौर पर भी माना। ऐसी ही स्थिति वार्ड-11 पर भाजपा सांसद हुकुम सिंह के पौत्र अनुज चौहान और वार्ड-13 पर अनिल चौहान की पत्नी ने भारी वोटों से बढ़त बना ली।
वोटों की बढ़त को देखकर दोनों की जीत पक्की मानी जा रही है। इनके पक्ष में हुए मतदान को देखा जाए, तो विपक्षी कहीं टिका ही नहीं। दोनों ही प्रत्याशियों को भाजपा सांसद हुकुम सिंह के परिवार से जुड़ा होने का फायदा मिला।
युवाओं एवं महिलाओं की हिस्सेदारी ने चुनाव नतीजों को चौंकाया
शामली। बीडीसी/जिला पंचायत चुनाव में युवाओं एवं महिलाओं की जीतकर आई जबरदस्त हिस्सेदारी ने चुनाव नतीजों को चौंका दिया है। रविवार को जिला पंचायत सदस्य/बीडीसी के चुनाव नतीजों में युवाओं-महिलाओं की काफी हिस्सेदारी रही है। जिला पंचायत के वार्ड-16 से पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह के बेटे व मौजूदा जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान किस्मत अजमा रहे हैं।
चुनाव रुझान में उनकी वोटों की जबरदस्त लीड जिले में रिकोर्ड तोड़ मानी जा रही है। मनीष चौहान की पत्नी शैफाली चौहान जिला पंचायत के वार्ड-14 से भाग्य अजमा रही हैं। उनकी जीत भी निश्चित मानी जा रही है। उनका पहला चुनाव है। कैराना क्षेत्र के भाजपा सांसद हुकुम सिंह के पौत्र अनुज मलिक जिला पंचायत के वार्ड-11 से पहला चुनाव लड़कर राजनीति में प्रवेश कर रहे हैं। वह भी जीत की ओर अग्रसर हैं।
थानाभवन ब्लाक के जिला पंचायत के वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ रहे ठाकुर शेर सिंह भी जीत के करीब हैं। इसी प्रकार युवाओं में शामली ब्लाक से बीडीसी पद पर जितेंद्र कुमार, करोड़ी गांव के वार्ड-30 से मुकेश, भिक्का माजरा से हरेंद्र, वार्ड-43 से पप्पू, वार्ड 62 से सतीश, वार्ड-58 से हरेंद्र, वार्ड-16 से महिपाल, वार्ड-63 से अंतरेश, वार्ड-सात से रेखा, वार्ड-56 से ओमवीर वार्ड-57से सोनिया, वार्ड-17 से रामकुमार, 59 से पवन, 60 से शोभा, वार्ड-नौ से संतलेश, वार्ड-24 से अदिती, वार्ड-11 से सुधीर, वार्ड-42 से नसीमा जीत दर्ज की।