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Shamli News: नोडल अधिकारी आकर चले गए, निराश्रित गोवंश से नहीं मिला छुटकारा

Tue, 11 Apr 2023 12:39 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 11 Apr 2023 12:39 AM IST
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Nodal officers came and went, could not get rid of destitute cattle
- अभी तक भी खेतों व सड़कों पर घूम रहे गोवंशों को नहीं पकड़ सके अधिकारी, किसानों में आक्रोश
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- पूर्व में प्रधानों ने पकड़े गोवंशों का अभी तक नहीं मिला पैसा, अधिकारियों ने दिया था पैसे देने का आश्वासन
- किसानों की आवारा गोवंश कर रहे फसल नष्ट, राहगीरों को भी बना है अपनी का खतरा, प्रधान भी हटे पीछे
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। तीन दिन तक जनपद में रहे नोडल अधिकारी ने गोशालाओं का निरीक्षण किया और गोवंश को पकड़ने के निर्देश भी दिए। लेकिन उनके आने का किसानों को कोई लाभ नहीं मिला। अभी भी सड़कों व खेतों में गोवंश खुलेआम घूमते दिखाई दे रहे है। अधिकारी व कर्मचारी इस ओर ध्यान तक नहीं दे रहे। इससे किसानों की फसल को तो नुकसान पहुंच रहा है। साथ ही राहगीरों को भी अपनी जान का खतरा बना हुआ है। पूर्व में पकड़े गए गोवंशों को पकड़कर गोशाला में भेजने पर खर्च भी प्रधानों को नहीं मिला। इससे उन्होंने भी अब हाथ खड़े कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने 31 मार्च तक गोवंशों को पकड़कर गोशाला में संरक्षित के लिए कहा था, लेकिन न तो यहां गोशाला बनी और न ही गोवंश गोशाला भेजे गए। इसके लिए सभी जनपदों में नोडल अधिकारी की तैनाती की गई थी। परियोजना प्रशासक, ग्रेटर शारदा सहायक समादेश क्षेत्र विकास प्राधिकारी एवं नामित नोडल अधिकारी मृदुल चौधरी पांच अप्रैल को जनपद में पहुंचे थे और जनपद की गोशाला का निरीक्षण कर वहां की व्यवस्था को देखा था। इसके बाद वह रिपोर्ट लेकर सात अप्रैल की शाम को यहां से निकल गए थे। तब तो अधिकारियों ने गोवंश पकड़ने का आश्वासन दिया था। लेकिन उनके जाने के बाद अधिकारियों व कर्मचारियों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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गोवंश खेतों में फसल को नष्ट कर रहे हैं, जिससे किसान पूरी तरह से परेशान हो चुके है। इतना ही नहीं सड़कों पर गोवंश घूम रहे है और राहगीरों को भी अपनी का जान का खतरा बना हुआ है। यदि कहीं गोवंश दिख जाता है तो वह अपनी जान बचने के लिए बचकर निकलते है। जनपद के किसानों व राहगीरों को जनपद में नोडल अधिकारी के आने का कोई फायदा नहीं मिल पाया है, क्योंकि वह भी गोवंशों के आंतक से छुटकारा तक नहीं दिला सकें है। अभी गोवंशों को पकड़ने की उम्मीद नहीं है।
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गोवंश पकड़ने का नहीं मिला बजट तो हटाए कदम पीछे
कासमपुर प्रधान धीरज कुमार, टिटौली प्रधान पप्पूराज ने बताया कि अधिकारियाें ने गोवंश को पकड़कर गोशाला में भिजवाने के लिए बजट जारी करने की बात कही थी। जिसके बाद ग्राम पंचायतों में अभियान चलाकर गोवंशों को पकड़ा गया था और उनको गोशाला में भिजवाया था। उनके यहां से गोशाला भी काफी दूर है। जब उन्होंने गोवंश गोशाला भेज दिए तो अधिकारियों से बजट की मांग की, लेकिन आज तक भी उनको बजट तक नहीं दिया गया। वह अपनी जेब से खर्च कर कैसे गोवंशों को पकड़े। यदि उनको गोवंश पकड़ने के लिए बजट दिया जाएगा तो वह उनको पकड़कर गोशाला भिजवा देंगे। अभी उनके गांव में 40 से अधिक गोवंश सड़कों व खेतों में घूम रहे है। इससे किसानों की फसल को काफी नुकसान पहुंच रहा है। उनके खेतों में भी फसलों को गोवंश नुकसान पहुंचा रहे है।

वर्जन........

गोवंशों को पकड़ने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। अभी प्रधानों को पत्र लिखकर उनके गांव में कितने गोवंश घूम रहे है उनकी संख्या मांगी गई है। गोवंशों की संख्या देखने के लिए गोशाला की स्थिति देखने के बाद उनको पकड़कर गोशाला भिजवाया जाएगा, ताकि किसानों की फसलों को नुकसान होने से बचाया जा सके। - डॉ. यशवंत सिंह मुख्य पशु चिकित्साधिकारी शामली
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