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Shamli News: न हुआ संवाद, न मिला सहारा... और खत्म हो गई जिंदगी

Mon, 08 Jun 2026 12:19 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Updated Mon, 08 Jun 2026 12:19 AM IST
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No dialogue took place, no support was found... and life came to an end.
शामली। मोबाइल फोन और सोशल मीडिया के दौर में जहां लोगों के बीच संवाद के साधन बढ़े हैं, वहीं रिश्तों में बढ़ती दूरियां और मानसिक तनाव जानलेवा साबित हो रही हैं। जिले में बीते पांच वर्षों के दौरान आत्महत्या के 176 मामले सामने आए हैं।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार 1 जनवरी 2021 से 18 मई 2026 तक 105 पुरुष, 66 महिलाएं और पांच बच्चों ने विभिन्न कारणों से अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वर्ष 2021 में 24, वर्ष 2022 में 31, वर्ष 2023 में 31, वर्ष 2024 में 46 और वर्ष 2025 में 35 लोगों ने आत्महत्या की। वर्ष 2026 में 18 मई तक नौ मामले दर्ज हो चुके हैं। सबसे अधिक चिंता वर्ष 2024 के आंकड़ों ने बढ़ाई, जब 46 लोगों ने आत्मघाती कदम उठाया।
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महिलाओं में भी आत्महत्या की बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय हैं। वर्ष 2021 में आठ महिलाओं ने आत्महत्या की थी, जो 2022 और 2023 में बढ़कर 10-10 हो गई। वर्ष 2024 में यह संख्या 16 और वर्ष 2025 में 20 तक पहुंच गई। वर्ष 2026 में अभी तक दो महिलाओं की आत्महत्या के मामले सामने आए हैं।
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जिले में हाल के दिनों में सामने आए कई मामलों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। कहीं युवक ने वीडियो बनाकर जहरीला पदार्थ खा लिया तो कहीं महिला ने घरेलू विवाद से तंग आकर फंदे पर झूलकर जान दे दी। अधिकांश मामलों में जांच के दौरान पारिवारिक कलह, मानसिक तनाव और भावनात्मक अस्थिरता सामने आई।

एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार रिश्तों में बढ़ती खटास, प्रेम प्रसंगों में असफलता, आर्थिक परेशानियां, पारिवारिक दबाव, बेरोजगारी और भविष्य की चिंता आत्महत्या की प्रमुख वजह बन रही हैं। चिंताजनक पहलू यह है कि अधिकांश लोग अपनी समस्याओं को किसी से साझा नहीं करते। वे भीतर ही भीतर घुटते रहते हैं और धीरे-धीरे अवसाद का शिकार हो जाते हैं। संवाद
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