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Shamli News: अवैध रेत खनन प्रकरण मेंं चार दिन बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
Sun, 24 Sep 2023 12:57 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
Updated Sun, 24 Sep 2023 12:57 AM IST
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कैराना। चार दिन पहले अवैध खनन पर एसडीएम व सीओ ने छापा मारकर अवैध खनन किए जाने का खुलासा किया था। खान अधिकारी छापेमार कार्रवाई के दौरान मौजूद न होने का बहाना बनाकर उल्टे तहसील प्रशासन व पुलिस के द्वारा ही कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं।
19 सितंबर की देर रात गांव बसेड़ा व मंडावर के बीच यमुना नदी पर एसडीएम स्वप्निल यादव व सीओ अमरदीप मौर्य ने पहुंचकर छापा मारते हुए अवैध खनन पकड़ा था। हालाकि छापे की सूचना लीक होने के कारण माफिया मौके से फरार हो गए थे। खनन स्थल से एक जेसीबी मशीन को पकड़ा गया था। एक दिन पहले खान अधिकारी बृजेश कुमार गौतम ने एसडीएम व पुलिस से मिलकर जानकारी जुटाई थी। लेकिन इसके बाद भी अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सीओ अमरदीप मौर्य का कहना हैं कि खान अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के लिए कहा गया हैं। उधर खान अधिकारी बृजेश कुमार गौतम का कहना हैं कि जिस दिन कार्रवाई हुई वे मौजूद नहीं थे। पुलिस प्रशासन ने मौके से जो एक जेसीबी मशीन पकड़ी थी। उसको एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस द्वारा छोड़ना बताया गया हैं। वहीं मलकपुर से पकड़ी गई दूसरी जेसीबी मशीन के मालिक ने भी लिखकर दिया हैं कि उसकी जेसीबी मशीन खनन में इस्तेमाल नहीं की गई थी। पुलिस ने जबरदस्ती उसकी मशीन को पकड़ा हैं। अब खान अधिकारी का कहना हैं कि कार्रवाई प्रशासन या पुलिस ही कर सकती हैं। दोनों अधिकारी तय नहीं कर पा रहें हैं कि कौन कार्रवाई करें।
दो हल्का लेखपालों की भूमिका बनी हुई है संदिग्ध
कैराना। गांव बसेड़ा व मंडावर में अलग-अलग दो लेखपाल तैनात हैं। दोनों लेखपालों की जांच एसडीएम ने तहसीलदार को सौंप रखी हैं। बताया गया हैं कि दोनों लेखपालों की मिली भगत से ही अवैध खनन के कार्यों को अंजाम दिया जा रहा था।
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19 सितंबर की देर रात गांव बसेड़ा व मंडावर के बीच यमुना नदी पर एसडीएम स्वप्निल यादव व सीओ अमरदीप मौर्य ने पहुंचकर छापा मारते हुए अवैध खनन पकड़ा था। हालाकि छापे की सूचना लीक होने के कारण माफिया मौके से फरार हो गए थे। खनन स्थल से एक जेसीबी मशीन को पकड़ा गया था। एक दिन पहले खान अधिकारी बृजेश कुमार गौतम ने एसडीएम व पुलिस से मिलकर जानकारी जुटाई थी। लेकिन इसके बाद भी अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सीओ अमरदीप मौर्य का कहना हैं कि खान अधिकारी को जांच कर कार्रवाई करने के लिए कहा गया हैं। उधर खान अधिकारी बृजेश कुमार गौतम का कहना हैं कि जिस दिन कार्रवाई हुई वे मौजूद नहीं थे। पुलिस प्रशासन ने मौके से जो एक जेसीबी मशीन पकड़ी थी। उसको एसडीएम ने अपनी रिपोर्ट में पुलिस द्वारा छोड़ना बताया गया हैं। वहीं मलकपुर से पकड़ी गई दूसरी जेसीबी मशीन के मालिक ने भी लिखकर दिया हैं कि उसकी जेसीबी मशीन खनन में इस्तेमाल नहीं की गई थी। पुलिस ने जबरदस्ती उसकी मशीन को पकड़ा हैं। अब खान अधिकारी का कहना हैं कि कार्रवाई प्रशासन या पुलिस ही कर सकती हैं। दोनों अधिकारी तय नहीं कर पा रहें हैं कि कौन कार्रवाई करें।
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दो हल्का लेखपालों की भूमिका बनी हुई है संदिग्ध
कैराना। गांव बसेड़ा व मंडावर में अलग-अलग दो लेखपाल तैनात हैं। दोनों लेखपालों की जांच एसडीएम ने तहसीलदार को सौंप रखी हैं। बताया गया हैं कि दोनों लेखपालों की मिली भगत से ही अवैध खनन के कार्यों को अंजाम दिया जा रहा था।
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